- कौमी सिख मोर्चा के अध्यक्ष ने भाजपा नेताओं और सिख नेताओं के दोहरे मानदंड पर जताई नाराजगी
- सिख मोर्चा ने राजनीतिक विवादों में दोहरे मानदंड पर उठाए सवाल
जेबी लाइव, रिपोर्टर
जमशेदपुर : कौमी सिख मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अधिवक्ता कुलबिंदर सिंह ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी द्वारा केंद्रीय रेलवे राज्य मंत्री को गद्दार सिख कहे जाने पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की। उन्होंने सवाल उठाया कि जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने संसद में पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह का अपमान और असंसदीय टिप्पणी की थी, तब बीजेपी के केंद्रीय मंत्री और सिख नेता चुप क्यों थे। कुलबिंदर ने कहा कि प्रधानमंत्री ने मनमोहन सिंह पर तंज कसते हुए कहा था कि “बाथरूम में रेनकोट पहन कर नहाने की कला कोई डॉक्टर साहब से सीखे”, जबकि घोटालों और जांच एजेंसियों के बावजूद मनमोहन सिंह बेदाग साबित हुए। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा नेताओं और कुछ सिख नेताओं ने तब सिख पंथ की याद नहीं की जब किसान आंदोलन कर रहे सिखों पर हमले हुए और आंदोलन को खालिस्तान आंदोलन बताया गया।
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मनमोहन सिंह के अपमान पर सिख नेताओं की चुप्पी पर उठे सवाल
कुलबिंदर सिंह ने पूर्व कांग्रेस नेता रवनीत सिंह बिट्टू और उनके राजनीतिक निर्णयों पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि बिट्टू के दादा पर हजारों निर्दोष सिखों को मरवाने का आरोप था, और राहुल गांधी ने बिट्टू को पगड़ी पहनने की सलाह देकर सिख पहचान बनाए रखने के लिए कहा था। वहीं मंत्री बिट्टू ने धरने पर बैठे सांसदों पर कारगिल जीतने की टिप्पणी कर विवाद खड़ा किया। कुलबिंदर ने इसे स्वार्थपरक और विरोधाभासी बताया। उन्होंने स्पष्ट किया कि सच्चा सिख विपत्ति और मुसीबत के समय अपने समाज और धर्म के साथ खड़ा रहता है और अपनी जान तक कुर्बान कर देता है।
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रवनीत सिंह बिट्टू की टिप्पणियों पर सिख मोर्चा ने जताई नाराजगी
कुलबिंदर सिंह ने भाजपा नेताओं और सिख नेताओं को चेतावनी दी कि जो भी व्यक्ति अपने संगठन या दल छोड़ता है, उसे गद्दार कहना उचित नहीं। उन्होंने सिरसा, लवली और बिट्टू से सवाल किया कि शत्रुघ्न सिन्हा, यशवंत सिन्हा और कीर्ति आजाद जैसे नेता जब पार्टी छोड़ते हैं, तो उनके लिए क्या शब्द प्रयोग करेंगे। उन्होंने कहा कि शब्दों का सही और न्यायसंगत प्रयोग ही किसी समाज और धर्म के प्रति सम्मान को दर्शाता है। कुलबिंदर ने सभी राजनीतिक दलों से अपेक्षा जताई कि वे सिख समुदाय और अन्य सामाजिक समूहों के प्रति सम्मानजनक रवैया अपनाएं।























