- नीति आयोग के छह प्रमुख इंडिकेटरों पर तीन माह का मिशन-मोड अभियान शुरू
- 14 अप्रैल 2026 तक सभी लक्ष्यों को पूरा करने का संकल्प
- प्रोजेक्ट उल्लास के तहत बेहतर कार्य करने वालों का सम्मान
- जमीनी स्तर पर जीवन स्तर सुधारने की दिशा में ठोस पहल
जेबी लाइव, रिपोर्टर
मुसाबनी : मुसाबनी आकांक्षी प्रखंड में नीति आयोग के निर्देशानुसार संपूर्णता अभियान 2.0 का शुभारंभ उपायुक्त कर्ण सत्यार्थी द्वारा किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत दीप प्रज्वलन के साथ हुई, जिसमें उप विकास आयुक्त नागेन्द्र पासवान, एसडीओ घाटशिला सुनील चंद्रा तथा सिविल सर्जन डॉ. साहिर पाल उपस्थित रहे। संपूर्णता अभियान 2.0 के तहत आगामी तीन महीनों तक स्वास्थ्य, शिक्षा, पोषण, कृषि, महिला स्वास्थ्य एवं पशु स्वास्थ्य से जुड़े नीति आयोग के निर्धारित इंडिकेटरों में शत प्रतिशत लक्ष्य हासिल करने के लिए सघन अभियान चलाया जाएगा। इस अवसर पर उपायुक्त ने कहा कि यह अभियान आकांक्षी प्रखंड मुसाबनी में विकास के अंतर को पाटने और प्रमुख सार्वजनिक सेवाओं की पूर्ण संतृप्ति सुनिश्चित करने के उद्देश्य से शुरू किया गया है।
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सामूहिक भागीदारी से लक्ष्य हासिल करने का आह्वान

उपायुक्त कर्ण सत्यार्थी ने कहा कि संपूर्णता अभियान 2.0 की सफलता के लिए सभी विभागों, कर्मियों और आम नागरिकों की सक्रिय भागीदारी आवश्यक है। उन्होंने बताया कि संपूर्णता अभियान के पहले चरण में सेविका, सहिया और सामुदायिक चिकित्सा पदाधिकारियों के उत्कृष्ट कार्य के कारण मुसाबनी प्रखंड को नीति आयोग द्वारा सिल्वर मेडल से सम्मानित किया गया था। उन्होंने नागरिकों से अपने अधिकारों के प्रति सजग रहने और योजनाओं के क्रियान्वयन में सकारात्मक सहयोग देने की अपील की। उपायुक्त ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे सुदूरवर्ती गांवों और पंचायतों में जाकर लोगों को स्वास्थ्य, शिक्षा, पोषण और अन्य सरकारी योजनाओं से जोड़ें तथा आवश्यक कागजात और प्रमाण पत्र बनवाने में भी सहायता करें।
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सुदूरवर्ती क्षेत्रों तक योजनाओं की पहुंच पर जोर
उप विकास आयुक्त नागेन्द्र पासवान ने कहा कि जिला प्रशासन 14 अप्रैल 2026 तक आकांक्षी प्रखंडों के लिए निर्धारित सभी छह प्रमुख प्रदर्शन संकेतकों को पूरा करने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने प्रखंड स्तरीय अधिकारियों को प्राथमिकता के आधार पर लक्ष्यों को हासिल करने की दिशा में काम करने का निर्देश दिया। अभियान के तहत आईसीडीएस योजना अंतर्गत 6 माह से 6 वर्ष तक के बच्चों को शत प्रतिशत नियमित पूरक पोषण, आंगनबाड़ी केंद्रों पर बच्चों के वजन और ऊंचाई का डिजिटल मापन, सभी संचालित आंगनबाड़ी केंद्रों में शौचालय और स्वच्छ पेयजल की उपलब्धता, सभी स्कूलों में छात्राओं के लिए क्रियाशील शौचालय तथा पशुओं में खुरपका-मुंहपका रोग के विरुद्ध शत प्रतिशत टीकाकरण सुनिश्चित करने का लक्ष्य रखा गया है।
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स्वास्थ्य, शिक्षा और पोषण पर विशेष फोकस
सिविल सर्जन डॉ. साहिर पाल ने प्रोजेक्ट उल्लास के तहत मिर्गी रोगियों की पहचान, उपचार और नियमित मॉनिटरिंग के लिए चलाए जा रहे अभियान की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि आगामी 22 से 26 फरवरी तक आयोजित विशेष शिविरों में मिर्गी रोगियों को लाकर समुचित इलाज प्रदान किया जाएगा। कार्यक्रम के दौरान प्रोजेक्ट उल्लास में उत्कृष्ट कार्य करने वाले चिकित्सकों, सामुदायिक चिकित्सा पदाधिकारियों और सहियाओं को प्रमाण पत्र एवं ट्रॉफी देकर सम्मानित किया गया। इस अवसर पर विभिन्न विभागों के जिला एवं प्रखंड स्तरीय पदाधिकारी, जेएसएलपीएस दीदियां, स्वास्थ्य सहिया, आंगनबाड़ी सहायिकाएं तथा बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित थे।






















