- विधायक पूर्णिमा दास साहू ने नागरिकों से आपदा प्रबंधन प्रशिक्षण लेने की अपील की
- युवाओं से जुड़ने का दिया गया संदेश
जेबी लाइव, रिपोर्टर
जमशेदपुर : सिदगोड़ा स्थित टाउन हॉल में नागरिक सुरक्षा जमशेदपुर की ओर से “रोल ऑफ सिविल डिफेंस इन डिजास्टर” विषय पर एकदिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में पूर्णिमा दास साहू तथा विशिष्ट अतिथि के रूप में नागेन्द्र पासवान मौजूद रहे। कार्यक्रम की शुरुआत स्वागत गान एवं दीप प्रज्वलन के साथ हुई। अपने संबोधन में विधायक पूर्णिमा दास साहू ने कहा कि सिविल डिफेंस केवल एक सरकारी इकाई नहीं, बल्कि समाज की सुरक्षा और सेवा का मजबूत स्तंभ है, जो हर आपदा में बिना भेदभाव लोगों की मदद करता है। उन्होंने नागरिकों से अपील की कि वे आपदा प्रबंधन की बुनियादी जानकारी हासिल करें, जिससे बड़े हादसों के प्रभाव को कम किया जा सके। उन्होंने स्वयं भी सिविल डिफेंस का प्रशिक्षण लेने की इच्छा जताई और पहले ही अपने विधायक निधि से एम्बुलेंस देने की घोषणा कर चुकी हैं।
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आपदा में नागरिकों की भूमिका पर जोर

कार्यशाला में डीडीसी नागेन्द्र पासवान ने आपदा के समय त्वरित निर्णय और सामूहिक सहयोग को सबसे बड़ी ताकत बताया। इस मौके पर शहर के विभिन्न क्षेत्रों से आए नागरिकों, युवाओं, स्वयंसेवकों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। सिविल डिफेंस के विशेषज्ञों में चीफ वार्डन अरुण कुमार और डिप्टी सहायक वार्डन के.के. सिन्हा ने आग, बाढ़, भूकंप, सड़क दुर्घटना जैसी प्राकृतिक और मानवजनित आपदाओं से निपटने के उपायों पर विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि संकट की स्थिति में घबराने के बजाय सूझबूझ और त्वरित प्रतिक्रिया से जान-माल की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सकती है।
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विशेषज्ञों ने बताए सुरक्षा के अहम उपाय
कार्यक्रम के दौरान प्रतिभागियों को फायर सेफ्टी, प्राथमिक उपचार (फर्स्ट एड), बचाव एवं राहत कार्यों की व्यावहारिक जानकारी भी दी गई। नागरिक सुरक्षा जमशेदपुर के प्रधान सहायक सुरेश प्रसाद ने सिविल डिफेंस के गठन और उसके उद्देश्यों पर प्रकाश डाला। साथ ही यह भी बताया गया कि आपदा के समय घायल व्यक्ति को सुरक्षित स्थान तक कैसे पहुंचाया जाए, आग पर नियंत्रण कैसे पाया जाए और आपातकालीन सेवाओं को समय पर सूचना देना क्यों जरूरी है। कार्यक्रम के अंत में अतिथियों को पुष्प गुच्छ, अंग वस्त्र और स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया गया। साथ ही सिविल डिफेंस के सक्रिय स्वयंसेवकों को प्रमाण पत्र और ट्रॉफी प्रदान कर सम्मानित किया गया। यह कार्यशाला समाज में जागरूकता और सामूहिक जिम्मेदारी को बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हुई।
























