- समझौते से मुकरने के आरोप में उग्र हुआ मामला, माइंस परिसर में बैठी पीड़ित महिलाएं
- बैठक बेनतीजा, समाधान की राह अब भी अधूरी
जेबी लाइव, रिपोर्टर
जादूगोड़ा : जादूगोड़ा में यूरेनियम कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड (यूसिल) से जुड़े दो ठेका कर्मियों की मौत के बाद आश्रितों को नौकरी देने का मामला अब तूल पकड़ता जा रहा है। सोमवार को आयोजित बैठक में यूसिल प्रबंधन द्वारा रोजगार देने से इनकार करने के बाद पीड़ित परिवारों में आक्रोश फैल गया। मृतक जयराम हांसदा (तुरामडीह) और श्याम सोरेन (जादूगोड़ा, बगुला साईं) के परिजनों का आरोप है कि 15 जनवरी को हुए समझौते में नौकरी देने का वादा किया गया था, जिसके बाद आंदोलन समाप्त किया गया था। लेकिन अब कंपनी के रुख बदलने से विवाद गहरा गया है और भरोसा टूट गया है।
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समझौते के बावजूद नौकरी नहीं मिलने से बढ़ा आक्रोश
प्रबंधन के फैसले के विरोध में मृतक जयराम हांसदा की पत्नी सोमवारी हांसदा और अन्य पीड़ित महिला ने जादूगोड़ा माइंस परिसर में धरना शुरू कर दिया है। दोनों विधवाएं चार घंटे से अधिक समय तक प्लांट के अंदर बैठी रहीं और नौकरी या न्याय की मांग पर अड़ी हुई हैं। उनका कहना है कि जब तक उन्हें रोजगार नहीं मिलेगा, वे धरना समाप्त नहीं करेंगी। मौके पर मौजूद केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (CISF) के अधिकारियों ने समझाने की कोशिश की, लेकिन महिलाएं अपने रुख पर कायम रहीं। इस स्थिति से कंपनी प्रबंधन में भी हड़कंप मच गया है और सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है।
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माइंस परिसर में धरना, सुरक्षा बल भी नहीं मना पाए पीड़ितों को
इस पूरे घटनाक्रम के बीच जादूगोड़ा पुलिस भी मामले को सुलझाने में जुटी हुई है। गौरतलब है कि जयराम हांसदा की मौत 5 सितंबर 2024 को तुरामडीह माइंस में हुई थी, जबकि श्याम सोरेन की मौत 30 मार्च 2025 को यूसिल डैम में हुई थी। बैठक में यूसिल प्रबंधन की ओर से डीजीएम राकेश कुमार, एम.के. साहू, गिरीश गुप्ता और आर.के. मिश्रा मौजूद थे, जबकि जनप्रतिनिधियों में बाघराय मार्डी, मंगल सोरेन, रीना टुडू सहित कई लोग शामिल हुए। बावजूद इसके कोई ठोस समाधान नहीं निकल सका, जिससे पीड़ित परिवारों की उम्मीदें टूटती नजर आ रही हैं।























