- चांडिल प्रखंड में “पैसा दो, काम लो” की व्यवस्था पर उठे गंभीर सवाल
- ग्रामीणों में आक्रोश, कार्रवाई की मांग तेज
जेबी लाइव, रिपोर्टर
सरायकेला : सरायकेला-खरसावां जिले के चांडिल प्रखंड अंतर्गत तामुलिया पंचायत कार्यालय पर गंभीर भ्रष्टाचार के आरोप सामने आए हैं। आरोप है कि यहां जन्म और मृत्यु प्रमाण पत्र बनाने के लिए खुलेआम घूस ली जा रही है। जादूगोड़ा थाना क्षेत्र के धर्मडीह गांव का एक मामला सामने आया है, जहां मृतका मूलक रानी देवी का मृत्यु प्रमाण पत्र मात्र आधे घंटे में 1500 रुपये घूस लेकर जारी कर दिया गया। बताया जा रहा है कि मृतक के परिजन पहले कई महीनों तक पंचायत कार्यालय के चक्कर काटते रहे, लेकिन बिना पैसे दिए उनका काम नहीं हो रहा था। यह पंचायत भवन ब्रह्मानंद अस्पताल के पास स्थित है, जहां कथित तौर पर “पैसा फेंको तमाशा देखो” की तर्ज पर काम किया जा रहा है।
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दलाल और कर्मचारियों की मिलीभगत से चल रहा खेल
स्थानीय लोगों का आरोप है कि पंचायत कार्यालय में एक संगठित तरीके से यह अवैध वसूली का खेल चल रहा है। बताया जाता है कि पूर्व मुखिया श्री गोराई दलाल की भूमिका निभाते हुए लोगों से सौदेबाजी करते हैं। वहीं कंप्यूटर ऑपरेटर महेंद्र महाली के खाते में जैसे ही घूस की रकम पहुंचती है, वैसे ही आधे घंटे के भीतर प्रमाण पत्र जारी कर दिया जाता है। इस पूरे मामले में पंचायत सचिव सोमाय टुडू की भूमिका पर भी सवाल उठ रहे हैं, क्योंकि यह सब उनके कार्यालय में ही हो रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि बिना घूस दिए लोगों को महीनों तक दौड़ाया जाता है, जबकि पैसे देने पर तुरंत काम कर दिया जाता है।
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प्रशासन से जांच की मांग, बीडीओ को दी गई जानकारी
घटना शनिवार दोपहर करीब तीन बजे की बताई जा रही है। मृतका के परिजनों ने इस मामले की शिकायत चांडिल प्रखंड विकास पदाधिकारी बालेश्वर रवि दास से की है। उन्होंने मांग की है कि जन्म और मृत्यु प्रमाण पत्र के नाम पर चल रहे इस अवैध वसूली के धंधे पर तत्काल रोक लगाई जाए और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई हो। ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते इस पर कार्रवाई नहीं हुई तो आम जनता का भरोसा पंचायत व्यवस्था से उठ जाएगा। अब देखना यह होगा कि प्रशासन इस गंभीर मामले पर क्या कदम उठाता है।























