- रसोई गैस की किल्लत से आम जीवन प्रभावित, समारोहों में भी दिखा असर
जेबी लाइव, रिपोर्टर
जादूगोड़ा : जादूगोड़ा क्षेत्र में रसोई गैस की भारी किल्लत का असर अब आम जनजीवन के साथ-साथ सामाजिक कार्यक्रमों पर भी साफ नजर आने लगा है। हालात ऐसे हैं कि लोगों को गैस सिलेंडर की बुकिंग के बाद लगभग 25 दिनों तक इंतजार करना पड़ रहा है। इस बीच, लोग अपनी दैनिक जरूरतों को पूरा करने के लिए लकड़ी के जलावन का सहारा लेने को मजबूर हैं। रविवार को जादूगोड़ा सामुदायिक केंद्र में पूर्व यूसिल कर्मी रतन भक्त द्वारा आयोजित एक समारोह में गैस की अनुपलब्धता के कारण खाना बनाने के लिए लकड़ी के चूल्हे का इस्तेमाल किया गया। महंगे दामों पर लकड़ी खरीदकर लोगों ने किसी तरह कार्यक्रम को संपन्न कराया।
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ठेले-खोमचे भी प्रभावित, रोजी-रोटी पर मंडराया संकट

गैस संकट का असर केवल घरेलू और सामाजिक आयोजनों तक सीमित नहीं है, बल्कि इससे छोटे व्यवसायियों की आजीविका भी प्रभावित हो रही है। जादूगोड़ा के विभिन्न चौक-चौराहों पर लगने वाले कई ठेले और खाने-पीने की दुकानें गैस के अभाव में बंद पड़ी हैं। इससे जुड़े लोगों की रोजी-रोटी पर संकट खड़ा हो गया है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि जल्द ही गैस आपूर्ति में सुधार नहीं हुआ तो स्थिति और गंभीर हो सकती है। उन्होंने प्रशासन से मांग की है कि गैस वितरण व्यवस्था को दुरुस्त किया जाए ताकि आम जनता को राहत मिल सके।























