- भक्ति के बाद ग्रामीणों ने मिलकर निभाई सदियों पुरानी धूलेट की परंपरा
जेबी लाइव, रिपोर्टर
पोटका : पोटका प्रखंड के हेंसड़ा गांव में हरि कीर्तन के बाद धूलेट का आयोजन पूरे उत्साह और पारंपरिक तरीके से किया गया। इस अवसर पर गांव के बुजुर्ग, युवा और बच्चे सभी एक साथ जुटे और जमीन को गीला कर एक-दूसरे को कादो लगाकर धूलेट का आनंद लेते नजर आए। यह आयोजन केवल एक उत्सव नहीं बल्कि गहरी धार्मिक आस्था और सामूहिक भावना का प्रतीक है। कीर्तन समाप्त होने के बाद श्रद्धालु एकत्र होकर इस परंपरा में भाग लेते हैं, जहां भक्ति, आनंद और सामाजिक एकता का अद्भुत संगम देखने को मिलता है। साथ ही लोग एक-दूसरे को हल्का अबीर-गुलाल लगाकर भगवान के प्रति अपनी श्रद्धा भी व्यक्त करते हैं।
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धूलेट परंपरा से बढ़ता है समाज में एकता और सकारात्मक ऊर्जा
ग्राम प्रधान राम रंजन प्रधान ने बताया कि धूलेट की यह परंपरा वर्षों पुरानी है, जिसका मुख्य उद्देश्य समाज में एकता और सौहार्द को बढ़ावा देना है। उन्होंने कहा कि इस आयोजन से लोगों के बीच आपसी मतभेद दूर होते हैं और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है। खासकर ग्रामीण क्षेत्रों में यह आयोजन सामूहिक भागीदारी और सामाजिक समरसता का प्रतीक माना जाता है, जहां हर वर्ग के लोग बिना किसी भेदभाव के शामिल होते हैं। धूलेट केवल एक धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि लोगों को आपस में जोड़ने और आध्यात्मिक रूप से मजबूत करने का सशक्त माध्यम भी है।























