Share

Bihar : पारस अस्पताल हत्याकांड : STF और अपराधियों में मुठभेड़, दो बदमाश गोली लगने से घायल

  • चंदन मिश्रा हत्याकांड में शामिल दो आरोपी पकड़े गए, पूछताछ में हत्या में संलिप्तता कबूल
  • तौसीफ ने कबूली साजिश की बात, गैंगस्टर शेरू सिंह ने जेल से रची थी योजना

जेपी लाइव, रिपोर्टर

पटना के चर्चित पारस अस्पताल हत्याकांड में सोमवार देर शाम बड़ी कार्रवाई हुई। भोजपुर जिले के बिहिया क्षेत्र में STF की टीम और अपराधियों के बीच मुठभेड़ हो गई। जैसे ही STF की टीम बिहिया-कटेया मार्ग स्थित नदी किनारे पहुंची, वहां छिपे अपराधियों ने फायरिंग शुरू कर दी। पुलिस ने जवाबी कार्रवाई करते हुए दो अपराधियों को गोली मारकर घायल कर दिया और उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया। पकड़े गए आरोपियों में बक्सर के लीलाधरपुर परसिया निवासी बलवंत कुमार सिंह (22) और भोजपुर के चकरही गांव निवासी रवि रंजन कुमार सिंह शामिल हैं। बलवंत को हाथ और पैर में, जबकि रवि को जांघ में गोली लगी है। दोनों को इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी गई है।

इसे भी पढ़ें : Indore : इंदौर एयरपोर्ट पर इंडिगो की फ्लाइट की इमरजेंसी लैंडिंग, 140 यात्री सुरक्षित

बिहिया में मुठभेड़ के बाद दो गिरफ्तार, चंदन मिश्रा मर्डर केस में अहम सफलता

पुलिस ने मुठभेड़ स्थल से दो पिस्टल, एक देशी कट्टा और मैगजीन बरामद की है। पूछताछ में दोनों आरोपियों ने पारस अस्पताल में चंदन मिश्रा की हत्या में शामिल होने की बात स्वीकार की है। इससे पहले पटना पुलिस ने कोलकाता से मुख्य आरोपी तौसीफ उर्फ बादशाह, नीशू खान, भीम और हर्ष को गिरफ्तार किया था। पूछताछ में तौसीफ ने खुलासा किया कि इस हत्या की साजिश बंगाल की पुरुलिया जेल में बंद गैंगस्टर शेरू सिंह ने रची थी। शेरू ने जेल से ही हत्या की पूरी योजना बनाई और तौसीफ को इसका निर्देश दिया। कोर्ट ने तौसीफ को 72 घंटे की पुलिस रिमांड पर भेजा है, जबकि बाकी तीन को न्यायिक हिरासत में जेल भेजा गया है।

Jamshedpur : हरहरगुट्टू बड़ा तालाब का चबूतरा बना नशेड़ियों का अड्डा, रात होते ही जुटती है युवकों की भीड़

स्थानीय लोगों ने जताई महिलाओं और बच्चियों की सुरक्षा को लेकर चिंता नाबालिगों के भी नशे की गिरफ्त में आने

  • स्थानीय लोगों ने जताई महिलाओं और बच्चियों की सुरक्षा को लेकर चिंता
  • नाबालिगों के भी नशे की गिरफ्त में आने का आरोप; पुलिस से रात्रि गश्ती बढ़ाने की मांग
  • पुलिस से रात्रि गश्ती बढ़ाने और नशे के कारोबार पर कार्रवाई की मांग

जेबी लाइव, रिपोर्टर

जमशेदपुर : बागबेड़ा थाना क्षेत्र के हरहरगुट्टू स्थित बड़ा तालाब का चबूतरा इन दिनों कथित तौर पर नशेड़ियों का जमावड़ा स्थल बनता जा रहा है। स्थानीय लोगों के अनुसार, प्रतिदिन रात करीब आठ बजे के बाद यहां युवकों की भीड़ जुटने लगती है। आरोप है कि इस दौरान कुछ युवक खुलेआम विभिन्न प्रकार के नशीले पदार्थों का सेवन करते हैं। चिंताजनक बात यह है कि इस जमावड़े में नाबालिग लड़कों के भी शामिल होने की शिकायत सामने आई है। तालाब के आसपास देर रात तक युवकों की मौजूदगी और नशे के कथित सेवन से स्थानीय लोगों में नाराजगी के साथ भय का माहौल है। क्षेत्रवासियों का कहना है कि सार्वजनिक स्थान पर इस तरह की गतिविधियां न केवल सामाजिक वातावरण को प्रभावित कर रही हैं, बल्कि इलाके की सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल खड़े कर रही हैं।

इसे भी पढ़ें : Seraikela : सरायकेला कोर्ट के पास दुकान का ताला तोड़कर चोरी, अधिवक्ता के कंप्यूटर और पांच हजार रुपये गायब

बड़ा तालाब के चबूतरे पर रात आठ बजे के बाद लगती है युवकों की भीड़

स्थानीय निवासियों के मुताबिक, बड़ा तालाब के बगल से गुजरने वाली सड़क हरहरगुट्टू सहित आसपास की कई बस्तियों को जोड़ती है। इस मार्ग से प्रतिदिन बड़ी संख्या में लोग आवागमन करते हैं। खासकर महिलाएं और युवतियां कामकाज समाप्त कर इसी रास्ते से अपने घर लौटती हैं। रात के समय चबूतरे पर नशे की हालत में युवकों के जमावड़े के कारण उन्हें असहज स्थिति का सामना करना पड़ता है। लोगों का कहना है कि सुनसान माहौल में इस तरह की भीड़ देखकर महिलाओं और बच्चियों को रास्ते से गुजरने में डर लगता है। क्षेत्रवासियों ने आशंका जताई है कि यदि समय रहते इन गतिविधियों पर रोक नहीं लगाई गई तो भविष्य में कोई अप्रिय घटना हो सकती है। आम राहगीरों की सुरक्षा को देखते हुए इस सड़क और तालाब परिसर में नियमित पुलिस निगरानी की जरूरत महसूस की जा रही है।

इसे भी पढ़ें : Seraikela : छठ महापर्व और कार्तिक पूर्णिमा को लेकर प्रशासन अलर्ट, जगन्नाथ व कुंदरसाईं घाट का संयुक्त निरीक्षण

रात में रास्ते से गुजरने वाली महिलाओं और युवतियों की सुरक्षा पर उठे सवाल

क्षेत्रवासियों ने बड़ा तालाब के अलावा देवता भवन के पीछे स्थित परिसर में भी नाबालिग लड़कों के जमावड़े की शिकायत की है। अभिभावकों और बुद्धिजीवियों का कहना है कि कम उम्र के बच्चों का इस तरह के माहौल में समय बिताना उनके भविष्य के लिए गंभीर चिंता का विषय है। यदि किशोरावस्था में ही बच्चे नशे जैसी बुरी आदतों के संपर्क में आने लगेंगे तो उनका शारीरिक, मानसिक और सामाजिक विकास प्रभावित हो सकता है। लोगों ने कहा कि सरकार और प्रशासन की ओर से युवाओं को नशे से दूर रखने के लिए लगातार जागरूकता अभियान चलाए जा रहे हैं। इसके बावजूद स्थानीय स्तर पर ऐसी शिकायतें सामने आना चिंता बढ़ाने वाला है। अभिभावकों ने पुलिस प्रशासन से नाबालिगों की पहचान कर उन्हें गलत संगति से बचाने तथा उनके परिवारों को भी जागरूक करने की अपील की है।

इसे भी पढ़ें : Manoharpur : मनोहरपुर प्रीमियर लीग का आगाज, लॉटरी से 10 टीमों को मिले आइकॉन प्लेयर; जल्द होगा खिलाड़ियों का ऑक्शन

देवता भवन के पीछे भी नाबालिगों के जमावड़े की शिकायत, अभिभावक चिंतित

इस समस्या को लेकर क्षेत्रवासियों ने जिला प्रशासन और बागबेड़ा थाना पुलिस से तत्काल हस्तक्षेप करने की मांग की है। लोगों ने बड़ा तालाब के चबूतरे और देवता भवन के पीछे नियमित रात्रि गश्ती कराने, संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखने तथा नशीले पदार्थों के सेवन और उनकी आपूर्ति से जुड़े मामलों की जांच करने की अपील की है। साथ ही दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ नियमानुसार कानूनी कार्रवाई करने की मांग उठाई है। स्थानीय लोगों का कहना है कि केवल जागरूकता अभियान चलाने से नशे की समस्या पर पूरी तरह नियंत्रण संभव नहीं है, बल्कि संवेदनशील स्थानों पर प्रभावी निगरानी और निरंतर कार्रवाई भी जरूरी है। अब क्षेत्रवासियों की निगाहें पुलिस प्रशासन पर टिकी हैं। लोगों को उम्मीद है कि समय रहते ठोस कदम उठाकर इलाके को नशे के कथित अड्डों से मुक्त कराया जाएगा और महिलाओं, बच्चियों तथा आम नागरिकों के लिए सुरक्षित वातावरण सुनिश्चित किया जाएगा।

Seraikela : सरायकेला कोर्ट के पास दुकान का ताला तोड़कर चोरी, अधिवक्ता के कंप्यूटर और पांच हजार रुपये गायब

अज्ञात चोरों ने इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों समेत करीब 50 हजार रुपये के सामान पर किया हाथ साफ दुकान संचालक ने थाने

  • अज्ञात चोरों ने इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों समेत करीब 50 हजार रुपये के सामान पर किया हाथ साफ
  • दुकान संचालक ने थाने में दर्ज कराई शिकायत

जेबी लाइव, रिपोर्टर

सरायकेला : सरायकेला व्यवहार न्यायालय के समीप स्थित एक दुकान में अज्ञात चोरों ने ताला तोड़कर चोरी की घटना को अंजाम दिया है। चोर दुकान में रखे अधिवक्ता प्रकाश ज्योतिषी के कंप्यूटर, सीपीयू, यूपीएस, फिंगरप्रिंट डिवाइस सहित कई इलेक्ट्रॉनिक उपकरण और गल्ले में रखे पांच हजार रुपये नकद लेकर फरार हो गए। चोरी गए सामान की कुल कीमत करीब 50 हजार रुपये आंकी गई है। न्यायालय जैसे महत्वपूर्ण और सुरक्षित माने जाने वाले स्थान के समीप चोरी की घटना सामने आने से आसपास के दुकानदारों और स्थानीय व्यवसायियों में चिंता का माहौल है। घटना के संबंध में दुकान संचालक कृष्णा तियू, पिता स्वर्गीय राघव सिंह तियू, निवासी ग्राम सरगीडीह ने सरायकेला थाना में लिखित आवेदन देकर अज्ञात चोरों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने पुलिस को बताया कि 3 नवंबर की सुबह करीब सात बजे जब वे अपनी दुकान पहुंचे, तो मुख्य दरवाजे का ताला टूटा हुआ मिला। दुकान के अंदर जाने पर सामान बिखरा पड़ा था और कई कीमती उपकरण गायब थे।

इसे भी पढ़ें : Seraikela : छठ महापर्व और कार्तिक पूर्णिमा को लेकर प्रशासन अलर्ट, जगन्नाथ व कुंदरसाईं घाट का संयुक्त निरीक्षण

सरायकेला कोर्ट के समीप चोरी से दुकानदारों में चिंता, इलेक्ट्रॉनिक उपकरण लेकर चोर फरार

दुकान संचालक कृष्णा तियू के अनुसार, चोरों ने दुकान में रखे कंप्यूटर, सीपीयू, यूपीएस, फिंगरप्रिंट डिवाइस और अन्य जरूरी सामान की चोरी की है। इसके अलावा दुकान के गल्ले में रखे पांच हजार रुपये नकद भी गायब मिले। चोरी की घटना से दुकान संचालक को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा है। वहीं, अधिवक्ता प्रकाश ज्योतिषी ने बताया कि मंगलवार सुबह जब वे दुकान और कोर्ट जाने के लिए निकले, तो दुकान के शटर का ताला टूटा हुआ देखा। अंदर जाकर जांच करने पर कंप्यूटर और अन्य जरूरी सामान गायब मिले। घटना की जानकारी मिलने के बाद आसपास के लोगों में भी चर्चा शुरू हो गई। न्यायालय परिसर के नजदीक इस तरह की चोरी होने से दुकानदारों ने अपनी दुकानों की सुरक्षा को लेकर चिंता जताई है। उनका कहना है कि व्यस्त और महत्वपूर्ण स्थानों पर भी चोरी की घटनाएं होना सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल खड़े करता है। दुकानदारों ने इलाके में नियमित पुलिस गश्ती और सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की आवश्यकता जताई है।

इसे भी पढ़ें : Jamshedpur : मां के निधन के बाद परंपरा निभाने ननिहाल पहुंचे मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन, धातकीडीह में निभाई पारंपरिक रस्में

दुकान का शटर तोड़कर कंप्यूटर, यूपीएस और नकदी की चोरी, करीब 50 हजार का नुकसान

पीड़ित दुकान संचालक ने सरायकेला थाना प्रभारी को दिए आवेदन में घटना की उचित एवं त्वरित जांच कराने, अज्ञात चोरों की पहचान करने और उनके विरुद्ध सख्त कानूनी कार्रवाई करने की मांग की है। उन्होंने चोरी हुए सामान की बरामदगी के लिए भी पुलिस से आवश्यक कदम उठाने की गुहार लगाई है। पुलिस ने प्राप्त आवेदन के आधार पर मामले की छानबीन शुरू कर दी है और चोरों का सुराग लगाने में जुट गई है। पुलिस घटनास्थल के आसपास की परिस्थितियों और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर जांच कर रही है। अब देखना होगा कि न्यायालय के समीप हुई इस चोरी की घटना में शामिल आरोपियों तक पुलिस कब पहुंचती है और चोरी गए सामान की बरामदगी कब तक हो पाती है। फिलहाल घटना के बाद स्थानीय दुकानदारों में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर चिंता बनी हुई है।

Seraikela : छठ महापर्व और कार्तिक पूर्णिमा को लेकर प्रशासन अलर्ट, जगन्नाथ व कुंदरसाईं घाट का संयुक्त निरीक्षण

श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए चेंजिंग रूम, बैरिकेडिंग, रोशनी और पार्किंग की बनेगी व्यवस्था एसडीओ ने सुरक्षा और भीड़ प्रबंधन

  • श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए चेंजिंग रूम, बैरिकेडिंग, रोशनी और पार्किंग की बनेगी व्यवस्था
  • एसडीओ ने सुरक्षा और भीड़ प्रबंधन को बताया प्राथमिकता
  • छठ और कार्तिक पूर्णिमा पर श्रद्धालुओं को मिलेगी बेहतर सुविधा, प्रशासन ने बनाई संयुक्त कार्ययोजना

जेबी लाइव, रिपोर्टर

सरायकेला : आगामी लोक आस्था के महापर्व छठ और कार्तिक पूर्णिमा को शांतिपूर्ण एवं सुरक्षित तरीके से संपन्न कराने के लिए जिला प्रशासन और नगर पंचायत ने तैयारियां तेज कर दी हैं। इसी क्रम में नगर पंचायत क्षेत्र के अंतर्गत श्री जगन्नाथ घाट और कुंदरसाईं घाट का संयुक्त प्रशासनिक निरीक्षण किया गया। निरीक्षण में नगर पंचायत अध्यक्ष मनोज कुमार चौधरी, अनुमंडल पदाधिकारी अभिनव प्रकाश, नगर पंचायत उपाध्यक्ष अविनाश कवि, कार्यपालक पदाधिकारी विपुल सनी, सिटी मैनेजर सुमित सुमन, देवाशीष प्रधान, वार्ड पार्षद अंजली राय, वरुण साहू और गौतम नायक सहित नगर पंचायत के अन्य कर्मी मौजूद रहे। अधिकारियों एवं जनप्रतिनिधियों ने दोनों घाटों की वर्तमान स्थिति का जायजा लिया तथा श्रद्धालुओं की संभावित भीड़ को ध्यान में रखते हुए आवश्यक व्यवस्थाओं पर विस्तार से चर्चा की। प्रशासन का उद्देश्य पर्व के दौरान घाटों पर आने वाले श्रद्धालुओं को सुरक्षित वातावरण और बेहतर नागरिक सुविधाएं उपलब्ध कराना है।

इसे भी पढ़ें : Manoharpur : मनोहरपुर प्रीमियर लीग का आगाज, लॉटरी से 10 टीमों को मिले आइकॉन प्लेयर; जल्द होगा खिलाड़ियों का ऑक्शन

छठ महापर्व की तैयारियां तेज, सरायकेला के दो प्रमुख घाटों का अधिकारियों ने किया निरीक्षण

निरीक्षण के दौरान घाटों की साफ-सफाई, छठव्रती महिलाओं के लिए चेंजिंग रूम, गहरे पानी वाले स्थानों पर सुरक्षा के लिए रिबन और बैरिकेडिंग लगाने, पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था तथा वाहनों की पार्किंग को लेकर विस्तृत कार्ययोजना तैयार करने पर सहमति बनी। विशेष रूप से घाटों पर महिलाओं और बुजुर्ग श्रद्धालुओं की सुविधा का ध्यान रखने पर जोर दिया गया। नगर पंचायत अध्यक्ष मनोज कुमार चौधरी ने कहा कि छठ महापर्व हमारी आस्था, संस्कृति और परंपरा का महत्वपूर्ण पर्व है। नगर पंचायत का प्रयास है कि श्रद्धालुओं, विशेषकर छठव्रती महिलाओं को घाटों पर बेहतर सुविधाएं और सुरक्षित वातावरण मिले। इसके लिए साफ-सफाई, चेंजिंग रूम, रोशनी, गहरे पानी वाले स्थानों पर सुरक्षा और पार्किंग की समुचित व्यवस्था की जाएगी। उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन के साथ बेहतर समन्वय बनाकर पर्व शुरू होने से पहले सभी आवश्यक तैयारियां पूरी करने का प्रयास किया जाएगा, ताकि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की परेशानी का सामना नहीं करना पड़े।

इसे भी पढ़ें : Jamshedpur : मां के निधन के बाद परंपरा निभाने ननिहाल पहुंचे मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन, धातकीडीह में निभाई पारंपरिक रस्में

छठव्रतियों के लिए घाटों पर बनेंगे चेंजिंग रूम, गहरे पानी में होगी बैरिकेडिंग

वहीं, अनुमंडल पदाधिकारी अभिनव प्रकाश ने कहा कि छठ महापर्व और कार्तिक पूर्णिमा के दौरान सुरक्षा एवं भीड़ प्रबंधन प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने निरीक्षण के दौरान चिह्नित सभी आवश्यक व्यवस्थाओं को संबंधित विभागों के सहयोग और आपसी समन्वय से समय पर पूरा कराने का आश्वासन दिया। एसडीओ ने विशेष रूप से घाटों पर सुरक्षा व्यवस्था, भीड़ नियंत्रण और पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था सुनिश्चित करने पर जोर दिया, ताकि किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना से बचा जा सके। उन्होंने कहा कि पर्व के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के घाटों पर पहुंचने की संभावना रहती है। ऐसे में पहले से सुरक्षा संबंधी इंतजाम करना बेहद जरूरी है। गहरे पानी वाले स्थानों को चिह्नित कर वहां विशेष सावधानी बरती जाएगी तथा श्रद्धालुओं को सुरक्षित स्थानों से ही पूजा-अर्चना करने के लिए आवश्यक व्यवस्था उपलब्ध कराई जाएगी।

इसे भी पढ़ें : Kolkata : स्क्रैप बिक्री से दक्षिण पूर्व रेलवे ने रचा इतिहास, 403.86 करोड़ की कमाई के साथ देशभर में बना नंबर-1

सुरक्षा और भीड़ प्रबंधन पर एसडीओ का जोर, पर्व से पहले पूरी होंगी सभी तैयारियां

संयुक्त निरीक्षण के बाद नगर पंचायत और जिला प्रशासन के अधिकारियों ने दोनों घाटों पर बेहतर व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए आपसी समन्वय के साथ काम करने का संकल्प लिया। प्रशासन की ओर से साफ-सफाई, सुरक्षा, रोशनी, महिलाओं की सुविधा और वाहनों के व्यवस्थित आवागमन को लेकर संबंधित कर्मियों को आवश्यक दिशा-निर्देश देने की तैयारी है। स्थानीय स्तर पर भी पर्व के सफल आयोजन में जनप्रतिनिधियों और नागरिकों का सहयोग लेने पर जोर दिया गया। अधिकारियों का मानना है कि समय रहते सभी तैयारियां पूरी होने से छठव्रतियों और श्रद्धालुओं को पूजा-अर्चना में सुविधा मिलेगी तथा घाटों पर अव्यवस्था की स्थिति उत्पन्न नहीं होगी। नगर पंचायत अध्यक्ष और एसडीओ ने स्पष्ट किया कि जिला प्रशासन एवं नगर पंचायत मिलकर दोनों प्रमुख घाटों पर सुरक्षित, स्वच्छ और सुविधाजनक माहौल उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध हैं।

Manoharpur : मनोहरपुर प्रीमियर लीग का आगाज, लॉटरी से 10 टीमों को मिले आइकॉन प्लेयर; जल्द होगा खिलाड़ियों का ऑक्शन

आईपीएल की तर्ज पर पहली बार आयोजित होगा MPL क्रिकेट टूर्नामेंट द कोईना रेस्टोरेंट में हुआ आइकॉन खिलाड़ियों का चयन

  • आईपीएल की तर्ज पर पहली बार आयोजित होगा MPL क्रिकेट टूर्नामेंट
  • द कोईना रेस्टोरेंट में हुआ आइकॉन खिलाड़ियों का चयन
  • मनोहरपुर प्रीमियर लीग में किस टीम को मिला कौन सा आइकॉन प्लेयर, देखें पूरी सूची

जेबी लाइव, रिपोर्टर

मनोहरपुर : पश्चिमी सिंहभूम जिले के मनोहरपुर में क्रिकेट प्रेमियों के लिए पहली बार आईपीएल की तर्ज पर मनोहरपुर प्रीमियर लीग (MPL) क्रिकेट टूर्नामेंट का आयोजन किया जा रहा है। प्रतियोगिता को लेकर मंगलवार को मनोहरपुर स्थित द कोईना रेस्टोरेंट में विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया, जहां लॉटरी के माध्यम से प्रतियोगिता में शामिल होने वाली 10 टीमों के आइकॉन प्लेयर का चयन किया गया। मनोहरपुर क्रिकेट संघ के अध्यक्ष किशन सिंह उर्फ बुग्गी ने बताया कि उनकी कमेटी की ओर से पहली बार इस बड़े क्रिकेट टूर्नामेंट का आयोजन किया जा रहा है। इसमें कुल 10 टीमें हिस्सा लेंगी। लॉटरी प्रक्रिया के माध्यम से सभी टीमों को उनके आइकॉन खिलाड़ी आवंटित कर दिए गए हैं। उन्होंने बताया कि आने वाले कुछ दिनों में खिलाड़ियों का ऑक्शन आयोजित किया जाएगा, जिसमें विभिन्न टीमें अपनी पसंद के खिलाड़ियों का चयन करेंगी। इससे प्रतियोगिता को लेकर खिलाड़ियों और क्रिकेट प्रेमियों में उत्साह बढ़ गया है।

इसे भी पढ़ें : Jamshedpur : मां के निधन के बाद परंपरा निभाने ननिहाल पहुंचे मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन, धातकीडीह में निभाई पारंपरिक रस्में

मनोहरपुर में पहली बार आईपीएल की तर्ज पर होगा क्रिकेट टूर्नामेंट, 10 टीमें लेंगी हिस्सा

लॉटरी के माध्यम से मनोहरपुर टाइगर्स को सैफ अंसारी, मनोहरपुर लायंस को सुदेश महतो, मनोहरपुर सुपर किंग्स को अमन यादव, रॉयल चैलेंजर्स को अनुराग शर्मा, द कोईना वॉरियर्स को गोविंद महतो और महाकाल वॉरियर्स को आदित्य राज पोद्दार आइकॉन प्लेयर के रूप में मिले। इसी तरह मॉर्निंग स्टार को पवन महतो, सारंडा पैंथर्स को राहुल यादव, काली मंदिर को कमांडो तथा मनोहरपुर ब्लॉकबस्टर को सुनील नायक का आइकॉन खिलाड़ी मिला। आयोजकों के अनुसार, आगामी ऑक्शन के बाद सभी टीमों की पूरी खिलाड़ी सूची तैयार की जाएगी। इस आयोजन से स्थानीय क्रिकेट प्रतिभाओं को अपनी खेल क्षमता दिखाने का अवसर मिलने की उम्मीद है। कार्यक्रम में अनिकेत यादव, सौरभ, माही, नसहर सहित सभी फ्रेंचाइजी के सदस्य उपस्थित रहे। आयोजकों ने प्रतियोगिता को सफल बनाने के लिए खेल प्रेमियों और स्थानीय लोगों से सहयोग की अपील की।

Jamshedpur : मां के निधन के बाद परंपरा निभाने ननिहाल पहुंचे मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन, धातकीडीह में निभाई पारंपरिक रस्में

पत्नी कल्पना सोरेन और पुत्र के साथ चांडिल के धातकीडीह गांव पहुंचे मुख्यमंत्री सीता सोरेन भी बेटियों के साथ हुईं

  • पत्नी कल्पना सोरेन और पुत्र के साथ चांडिल के धातकीडीह गांव पहुंचे मुख्यमंत्री
  • सीता सोरेन भी बेटियों के साथ हुईं शामिल
  • धातकीडीह में पारंपरिक रस्मों में शामिल हुईं सीता सोरेन, परिवार के साथ निभाई सामाजिक परंपरा

जेबी लाइव, रिपोर्टर

जमशेदपुर : झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन मंगलवार को अपनी पत्नी कल्पना सोरेन और पुत्र के साथ सरायकेला-खरसावां जिले के चांडिल प्रखंड अंतर्गत अपने ननिहाल धातकीडीह गांव पहुंचे। मां रूपी सोरेन के निधन के बाद संताल आदिवासी समाज की पारंपरिक रीति-रिवाजों और पारिवारिक रस्मों को निभाने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री यहां पहुंचे थे। इस दौरान उन्होंने अपने मामा चारु किस्कू और गुरुचरण किस्कू सहित ननिहाल के अन्य परिजनों के साथ मिलकर निर्धारित पारंपरिक विधि-विधान से रस्में पूरी कीं। इस अवसर पर परिवार के सदस्यों के बीच भावनात्मक माहौल देखने को मिला। मुख्यमंत्री के बड़े भाई स्वर्गीय दुर्गा सोरेन की पत्नी एवं भाजपा विधायक सीता सोरेन भी अपनी दोनों बेटियों के साथ धातकीडीह पहुंचीं और पारंपरिक कार्यक्रम में शामिल हुईं। परिवार के सदस्यों ने सामाजिक परंपराओं के अनुसार सभी आवश्यक रस्मों का निर्वहन किया।

इसे भी पढ़ें : Kolkata : स्क्रैप बिक्री से दक्षिण पूर्व रेलवे ने रचा इतिहास, 403.86 करोड़ की कमाई के साथ देशभर में बना नंबर-1

मां रूपी सोरेन के निधन के बाद संताल परंपरा निभाने धातकीडीह पहुंचे हेमंत सोरेन

मुख्यमंत्री के ननिहाल आगमन को लेकर धातकीडीह गांव में सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए थे। गांव के विभिन्न स्थानों और प्रमुख चौक-चौराहों पर सैकड़ों पुलिसकर्मियों के साथ प्रशासनिक अधिकारियों की तैनाती की गई थी। इस मौके पर कोल्हान क्षेत्र के विधायक, जिले एवं आसपास के कई जनप्रतिनिधि, गणमान्य लोग और झामुमो कार्यकर्ता उपस्थित रहे। इनमें झामुमो किसान मोर्चा के पूर्व जिला उपाध्यक्ष शेख सलीम शहजादा, संजीव किस्कू, झामुमो नेता उज्ज्वल दास और बिलाल सहित बड़ी संख्या में पार्टी कार्यकर्ता शामिल थे। मुख्यमंत्री ने ननिहाल के परिवारजनों के साथ समय बिताया और आदिवासी समाज की पारंपरिक रीति-रिवाजों का पालन किया। मां के निधन के बाद पारिवारिक एवं सामाजिक परंपराओं के निर्वहन के लिए मुख्यमंत्री का यह दौरा महत्वपूर्ण रहा।

Kolkata : स्क्रैप बिक्री से दक्षिण पूर्व रेलवे ने रचा इतिहास, 403.86 करोड़ की कमाई के साथ देशभर में बना नंबर-1

अक्टूबर 2026 तक कबाड़ बेचकर हासिल की रिकॉर्ड आय स्वच्छता अभियान 6.0 में एक महीने के दौरान 90.43 करोड़ रुपये

  • अक्टूबर 2026 तक कबाड़ बेचकर हासिल की रिकॉर्ड आय
  • स्वच्छता अभियान 6.0 में एक महीने के दौरान 90.43 करोड़ रुपये का स्क्रैप बेचा
  • जीएम अनिल कुमार जैन के नेतृत्व में ‘जीरो स्क्रैप’ मिशन को मिली बड़ी सफलता

जेबी लाइव, रिपोर्टर

कोलकाता : दक्षिण पूर्व रेलवे (SER) ने स्क्रैप यानी कबाड़ की बिक्री से राजस्व अर्जित करने के मामले में ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल करते हुए देश के सभी जोनल रेलवे को पीछे छोड़ दिया है। चालू वित्तीय वर्ष में अक्टूबर 2026 तक रेलवे ने स्क्रैप की बिक्री से कुल 403.86 करोड़ रुपये का राजस्व अर्जित किया है। यह दक्षिण पूर्व रेलवे के इतिहास में सबसे कम समय में हासिल की गई अब तक की सबसे बड़ी उपलब्धि है। खास बात यह है कि 400 करोड़ रुपये से अधिक की स्क्रैप बिक्री का आंकड़ा पार करने वाला दक्षिण पूर्व रेलवे देश का एकमात्र जोनल रेलवे बन गया है। रेलवे की ओर से जारी आंकड़ों के मुताबिक, पिछले वित्तीय वर्ष की इसी अवधि की तुलना में इस बार स्क्रैप बिक्री से प्राप्त आय में 55.37 प्रतिशत की उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है। वहीं, अक्टूबर तक निर्धारित 240 करोड़ रुपये के आनुपातिक लक्ष्य के मुकाबले रेलवे ने 68.28 प्रतिशत अधिक राजस्व अर्जित किया है। इस रिकॉर्ड उपलब्धि से दक्षिण पूर्व रेलवे ने न केवल अपनी वित्तीय कार्यक्षमता साबित की है, बल्कि अनुपयोगी रेलवे संपत्तियों के बेहतर प्रबंधन और उनके व्यावसायिक उपयोग का भी उदाहरण पेश किया है।

इसे भी पढ़ें : Manoharpur : नंदपुर में तीन दिवसीय फुटबॉल प्रतियोगिता का भव्य शुभारंभ, पहले मैच में यंग क्लासिक एफसी विजयी

दक्षिण पूर्व रेलवे की रिकॉर्ड कमाई, स्क्रैप बिक्री में देश के सभी रेलवे जोन को छोड़ा पीछे

इस ऐतिहासिक उपलब्धि में अक्टूबर महीने का विशेष योगदान रहा। स्वच्छता विशेष अभियान 6.0 के तहत दक्षिण पूर्व रेलवे ने अकेले अक्टूबर 2026 में 90.43 करोड़ रुपये मूल्य के स्क्रैप की बिक्री की। जबकि इस महीने के लिए रेलवे का निर्धारित लक्ष्य 49 करोड़ रुपये था। इस प्रकार रेलवे ने निर्धारित लक्ष्य से काफी अधिक उपलब्धि हासिल की। अभियान अवधि के दौरान किसी भी जोनल रेलवे की ओर से की गई यह सर्वाधिक स्क्रैप बिक्री बताई गई है। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य रेलवे परिसरों, कार्यालयों, कार्यशालाओं, डिपो और अन्य संस्थानों में वर्षों से जमा अनुपयोगी, खराब एवं बेकार पड़ी सामग्री की पहचान कर उसका व्यवस्थित निस्तारण करना था। इससे एक ओर रेलवे परिसरों में स्वच्छता और सुव्यवस्था को बढ़ावा मिला, वहीं दूसरी ओर अनुपयोगी सामग्री की बिक्री से रेलवे को अतिरिक्त राजस्व भी प्राप्त हुआ। अभियान के माध्यम से स्वच्छ भारत मिशन के उद्देश्यों को भी मजबूती मिली है। रेलवे प्रशासन का मानना है कि अनुपयोगी सामग्री का समय पर निस्तारण करने से कार्यस्थलों पर उपलब्ध जगह का बेहतर उपयोग किया जा सकता है और रखरखाव संबंधी कार्यों को भी अधिक व्यवस्थित बनाया जा सकता है।

इसे भी पढ़ें : Manoharpur : मनोहरपुर-आनंदपुर मुख्य मार्ग पर भीषण सड़क हादसा, महिला और 11 वर्षीय किशोर गंभीर

स्वच्छता अभियान 6.0 में दक्षिण पूर्व रेलवे ने बेचा 90.43 करोड़ का स्क्रैप

दक्षिण पूर्व रेलवे की इस शानदार सफलता के पीछे महाप्रबंधक अनिल कुमार जैन का विशेष मार्गदर्शन और लगातार निगरानी महत्वपूर्ण रही है। उन्होंने पूरे जोन में ‘जीरो स्क्रैप मिशन’ को प्राथमिकता देते हुए सभी विभागों और संबंधित इकाइयों को रेलवे परिसरों में जमा अनुपयोगी सामग्री की पहचान कर उसका शीघ्र निस्तारण करने का निर्देश दिया था। उनके निर्देशों के बाद विभिन्न विभागों में स्क्रैप की पहचान, उसकी सूची तैयार करने, नीलामी और बिक्री की प्रक्रिया को गति दी गई। इसके परिणामस्वरूप रेलवे की अधिकांश कार्य इकाइयों ने जीरो स्क्रैप का दर्जा हासिल कर लिया है। चिह्नित कार्यस्थलों पर उत्पन्न होने वाले नए स्क्रैप की बिक्री और उसके उठाव की प्रक्रिया भी अधिकांश स्थानों पर पूरी कर ली गई है। इस व्यवस्था से रेलवे परिसरों में अनावश्यक सामान जमा होने की समस्या कम हुई है। साथ ही कर्मचारियों को स्वच्छ और व्यवस्थित वातावरण में काम करने की सुविधा मिली है। महाप्रबंधक के नेतृत्व में चलाए गए इस अभियान ने यह साबित किया है कि बेहतर योजना, नियमित निगरानी और विभागीय समन्वय के माध्यम से अनुपयोगी संसाधनों को भी राजस्व अर्जन का प्रभावी माध्यम बनाया जा सकता है।

इसे भी पढ़ें : Baharagoda : जांझिया गांव में मां मनसा पूजा का भव्य शुभारंभ, कलश यात्रा में उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़

जीएम अनिल कुमार जैन के नेतृत्व में ‘जीरो स्क्रैप’ मिशन को मिली बड़ी सफलता

इस रिकॉर्ड उपलब्धि को हासिल करने में स्टोर्स विभाग के साथ दक्षिण पूर्व रेलवे की विभिन्न कार्य इकाइयों और अन्य विभागों की सामूहिक भूमिका रही। पूरे जोन में व्यापक स्तर पर मैपिंग और मॉपिंग अभियान चलाया गया। इसके तहत रेलवे के डिपो, वर्कशॉप, शेड, कार्यालयों और अन्य परिसरों का निरीक्षण कर वहां वर्षों से जमा पुराने एवं अनुपयोगी सामान की पहचान की गई। इसके बाद चिह्नित सामग्री को निर्धारित प्रक्रिया के तहत बिक्री के लिए तैयार किया गया। रेलवे की इस पहल से केवल राजस्व में वृद्धि ही नहीं हुई, बल्कि परिसरों में स्वच्छता, कार्यक्षमता और संसाधन प्रबंधन में भी सुधार आया। विशेष रूप से वर्कशॉप और डिपो में बेकार पड़ी सामग्री को हटाने से उपयोगी स्थान खाली हुआ, जिससे संबंधित कार्यों को व्यवस्थित ढंग से संचालित करने में मदद मिली। स्टोर्स विभाग ने अन्य विभागों के साथ समन्वय बनाकर स्क्रैप की पहचान और बिक्री की प्रक्रिया को प्रभावी बनाया। रेलवे अधिकारियों और कर्मचारियों के सामूहिक प्रयास से निर्धारित लक्ष्यों से आगे बढ़कर यह उपलब्धि हासिल करना संभव हुआ। इस अभियान ने रेलवे की संपत्तियों के बेहतर उपयोग और वित्तीय संसाधनों को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण योगदान दिया है।

इसे भी पढ़ें : Potka : पोटका के 34.87 करोड़ के डिग्री कॉलेज निर्माण पर उठे सवाल, घटिया सामग्री और मजदूरी भुगतान में अनियमितता का आरोप

स्टोर्स विभाग समेत सभी इकाइयों के सामूहिक प्रयास से दक्षिण पूर्व रेलवे को रिकॉर्ड सफलता

दक्षिण पूर्व रेलवे की 403.86 करोड़ रुपये की रिकॉर्ड स्क्रैप बिक्री को रेलवे के वित्तीय प्रबंधन और स्वच्छता अभियान की बड़ी उपलब्धि के रूप में देखा जा रहा है। इससे रेलवे को अतिरिक्त राजस्व मिलने के साथ अनुपयोगी संसाधनों का बेहतर उपयोग सुनिश्चित हुआ है। रेलवे प्रशासन ने भविष्य में भी ‘जीरो स्क्रैप मिशन’ को निरंतर जारी रखने और स्वच्छ एवं व्यवस्थित रेलवे परिसरों के निर्माण की प्रतिबद्धता जताई है। इसके तहत विभिन्न विभागों में नियमित रूप से स्क्रैप की पहचान, उसकी सूची तैयार करने और समयबद्ध निस्तारण की प्रक्रिया को और प्रभावी बनाया जाएगा। साथ ही रेलवे परिसरों में स्वच्छता बनाए रखने, अनावश्यक सामग्री के जमाव को रोकने और संसाधनों के अधिकतम उपयोग पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। दक्षिण पूर्व रेलवे की यह उपलब्धि अन्य जोनल रेलवे के लिए भी प्रेरणादायक मानी जा रही है। अब रेलवे का जोर इस रिकॉर्ड प्रदर्शन को आगे भी बनाए रखने और राजस्व वृद्धि के साथ स्वच्छता एवं बेहतर प्रबंधन के लक्ष्यों को हासिल करने पर रहेगा।

You cannot copy content of this page

Scroll to Top