- माईंस बंदी से रोजी-रोटी प्रभावित, रोजगार की कमी से पलायन बढ़ा
- खदान बंदी से रोजगार संकट और आर्थिक मंदी बढ़ी
जेबी लाइव, रिपोर्टर
चाईबासा : टाटा स्टील की विजय- टू खदान को चालू कराने की मांग को लेकर ग्रामीणों में गुस्सा बढ़ता जा रहा है। इस संदर्भ में मुखिया किरीबुरू (पूर्वी), जगन्नाथपुर विधानसभा संयोजक एवं भाजपा अनुसूचित जनजाति प्रदेश कार्य समिति सदस्य मंगल सिंह गिलुवा और नोवामुंडी प्रखण्ड प्रमुख पूनम गिलुवा ने कहा कि खदान बंदी के कारण बड़ा जामदा, नोवामुंडी, बराईबुरु एवं गुवा क्षेत्र में पूरी तरह आर्थिक मंदी का माहौल बन गया है। पूरे सारंडा क्षेत्र में भुखमरी फैल रही है। लोग अपना और परिवार का पेट पालने के लिए गांव छोड़कर अन्य राज्यों में रोजगार की तलाश में पलायन कर रहे हैं।
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ग्रामीणों का खदान चालू कराने के लिए संघर्ष तेज
मंगल सिंह गिलुवा ने कहा कि ट्रक मालिक, ड्राइवर और खलासी भी सड़क पर आ गए हैं। उन्होंने स्थानीय झारखंड सरकार से अपील की कि खदान बंद होने से क्षेत्र में रोजगार के अवसर समाप्त हो गए हैं और लोगों की आजीविका पर गहरा असर पड़ा है। पूनम गिलुवा ने चेतावनी दी कि यदि खदान चालू नहीं हुई तो ग्रामीण सड़क और रेल मार्गों पर चक्का जाम आंदोलन करने को मजबूर होंगे। माईंस बंदी से प्रभावित लोग लगातार रोजी-रोटी और आर्थिक स्थिति की समस्या से जूझ रहे हैं।


























