- निवर्तमान सीएमओ एमके रजक से प्रभार लेकर डॉ शर्मा बने मुख्य चिकित्सा पदाधिकारी
- कर्मचारियों और अधिकारियों ने दी बधाई
- यूसिल अस्पताल में सुविधाओं की कमी, प्रबंधन की भूमिका पर सवाल
जेबी लाइव, रिपोर्टर
जादूगोड़ा : यूसिल अस्पताल जादूगोड़ा के नए मुख्य चिकित्सा पदाधिकारी के रूप में डॉ एसडीएन शर्मा ने पदभार ग्रहण कर लिया है। निवर्तमान सीएमओ एम के रजक ने उन्हें औपचारिक रूप से प्रभार सौंपा। अस्पताल के सबसे वरिष्ठ चिकित्सक रहे डॉ शर्मा को यह जिम्मेदारी मिलने के बाद डॉक्टरों, कंपनी अधिकारियों और कर्मचारियों में उत्साह का माहौल देखा गया। सभी ने उन्हें नई जिम्मेदारी के लिए बधाई और शुभकामनाएं दीं। डॉ शर्मा ने 1 अप्रैल 1997 को यूसिल में अपनी सेवाएं शुरू की थीं और वे अक्टूबर 2027 में सेवानिवृत्त होंगे। लगभग तीन दशक की सेवा और अनुभव के कारण उनसे अस्पताल की व्यवस्था में सकारात्मक बदलाव की उम्मीद की जा रही है।
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डॉ एसडीएन शर्मा का लंबा सेवा अनुभव से अस्पताल को उम्मीद
डॉ एसडीएन शर्मा के सामने अस्पताल की कई जटिल चुनौतियां मुंह बाए खड़ी हैं। सबसे बड़ी समस्या दवा आपूर्ति को लेकर है। 35 वर्षों तक यूसिल की सेवा देने के बाद सेवानिवृत्त कर्मचारियों को अपने ही अस्पताल में दवाइयां उपलब्ध नहीं हो पा रही हैं, जिससे उन्हें बाहर से दवा खरीदनी पड़ रही है। वहीं कई गंभीर रूप से बीमार यूसिलकर्मी दवाओं के अभाव में असहनीय पीड़ा झेल रहे हैं। आउटसोर्सिंग के जरिए की गई दवा आपूर्ति व्यवस्था पूरी तरह विफल साबित हुई है, जिसे दुरुस्त करना नए सीएमओ के लिए एक बड़ी चुनौती है।
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दवा संकट से जूझता यूसिल अस्पताल, मरीजों की बढ़ती परेशानी
अस्पताल की आधारभूत सुविधाएं भी गंभीर स्थिति में हैं। 70 वर्षों के बाद भी ओपीडी और वार्ड में एसी की सुविधा उपलब्ध नहीं हो पाई है, जबकि गर्मी के मौसम में मरीजों और कर्मचारियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है। प्रसव जैसी महत्वपूर्ण सेवाएं बंद पड़ी हैं और ग्रामीण चिकित्सा सेवा पूरी तरह ठप है। अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि यूसिल के नए सीएमडी कंचम आनंद राव अस्पताल की बदहाली पर ठोस कदम उठाते हैं या पूर्व सीएमडी की तरह बिना सुधार किए कार्यकाल पूरा कर लौट जाते हैं।























