- ऊर्जा बचत से लेकर एयर प्यूरीफायर और सैटेलाइट आधारित ऊर्जा उपयोग तक
- छात्रों के अभिनव मॉडल ने जीता सबका मन
जेबी लाइव, रिपोर्टर
जमशेदपुर में आयोजित चतुर्थ बाल मेला इस बार केवल खेल, भाषण और निबंध प्रतियोगिताओं तक सीमित नहीं रहा, बल्कि यहां बच्चों की वैज्ञानिक प्रतिभा ने सभी का ध्यान अपनी ओर खींचा। मेले में लगे कई स्टॉल्स में से तीन विशेष मॉडल ऐसे थे, जिन्होंने दर्शकों को चौंका दिया। विवेक विद्यालय के छात्र अंश कुमार सिन्हा द्वारा बनाया गया बैटरी चार्जर मॉडल बेहद सस्ता और आसानी से घर में बनने वाला उपकरण है। इसमें सिर्फ तार, सर्किट और गत्ता इस्तेमाल कर ऐसा मॉडल तैयार किया गया है, जिससे बैटरी को बिना किसी महंगे चार्जर के चार्ज किया जा सकता है। उनकी इस अनोखी कल्पना को लोगों ने खूब सराहा।
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कार्मल जूनियर कॉलेज के छात्र किसलय पॉल द्वारा तैयार किया गया एयर प्यूरीफायर मॉडल भी मेले का मुख्य आकर्षण रहा। उनके अनुसार आने वाले वर्षों में बढ़ते प्रदूषण के कारण स्वच्छ हवा की चुनौती गंभीर होगी। ऐसे में उनका मॉडल एक पर्यावरण अनुकूल समाधान प्रस्तुत करता है। इस प्यूरीफायर में कचरा इन्सीनेटर में जलाया जा सकता है, जबकि विशेष पाइप सिस्टम हवा को फिल्टर कर उसे एक स्टोर यूनिट में जमा करता है, जिससे प्रदूषण का स्तर कम होता है। किसलय का यह अभिनव मॉडल भविष्य में पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में उपयोगी साबित हो सकता है।
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सीएम स्कूल ऑफ एक्सीलेंस, बर्मामाइंस के विद्यार्थी अयंक राज ने एक और बेहतरीन वैज्ञानिक अवधारणा प्रस्तुत की। उन्होंने एनर्जी सेवर सिस्टम का मॉडल तैयार किया है, जिसमें सैटेलाइट की मदद से सूर्य की उस ऊर्जा का उपयोग करने की कल्पना की गई है, जो सामान्यतः धरती तक नहीं पहुंच पाती, जैसे इंफ्रारेड, एक्स-रे और गामा किरणें। अयंक के अनुसार, सैटेलाइट इस ऊर्जा को वायरलेस तरीके से पृथ्वी पर भेजेगा, जिसे फिर शुद्ध कर ऊर्जा के रूप में स्टोर किया जा सकेगा और सामान्य उपभोग में लाया जा सकेगा। उनकी इस वैज्ञानिक सोच ने मेले में मौजूद दर्शकों और शिक्षकों को प्रभावित किया।


























