- झारखंड पुलिस की SIT ने कई लोगों को हिरासत में लिया, 10 करोड़ की फिरौती का अनुमान
जेबी लाइव, रिपोर्टर
जमशेदपुर : उद्यमी देवांग गांधी के पुत्र कैरव गांधी के अपहरण मामले में झारखंड पुलिस ने कड़ी कार्रवाई करते हुए स्पेशल इंवेस्टिगेशन टीम (SIT) गठित की है। पुलिस को इस मामले में जानकारी मिली है कि हाजीपुर गैंग के सदस्य इस अपहरण में शामिल हैं। साथ ही, धनबाद से अंतरराष्ट्रीय स्तर तक अपना नेटवर्क फैलाने वाले प्रिंस खान गिरोह का भी इस कांड में हाथ होने की संभावना जताई जा रही है। अपहरणकर्ता बेहद संगठित तरीके से काम कर रहे हैं और इंडोनेशियाई नंबर से आए फोन की भी जांच की जा रही है ताकि अपराधियों तक पहुंचा जा सके।
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तकनीकी और फील्ड टीमें जुटी हैं अपराधियों के पीछे
पुलिस ने बताया कि जिस स्कार्पियो का नंबर इस मामले में आया, वह कोडरमा के किसी बोलेरो वाहन से जुड़ा हुआ था और उस पर पुलिस का बोर्ड लगा था। यह वाहन कदमा सोनारी लिंक रोड और चौका के पास के टोल ब्रिज से होते हुए 109 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से एयरड्राम की तरफ जाते हुए सीसीटीवी में कैद हुआ। इससे यह साफ हो गया कि अपहरण बेहद चालाकी से अंजाम दिया गया। पुलिस की टीम बिहार में भी छापामारी कर रही है। जांच में यह बात सामने आई है कि इस मामले में वही हाजीपुर का अरविंद गिरोह शामिल हो सकता है जिसने 2005 में कारोबारी कृष्णा भालोटिया का अपहरण किया था।
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गिरफ्तार हुआ खट्टा बबलू, रैकी करने का आरोप
पुलिस ने जेमको से खट्टा बबलू नामक एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया है, जिसे अपहरण की रेकी करने वाला बताया जा रहा है। प्रारंभिक जांच में यह सामने आया कि हाजीपुर गैंग और प्रिंस खान गिरोह के सदस्य मिलकर यह कांड अंजाम दे रहे हैं और उन्होंने करीब 10 करोड़ रुपये की फिरौती की मांग की है। पुलिस फिलहाल इस मामले में चुप्पी साधे हुए है, लेकिन तकनीकी और फील्ड टीमें मिलकर अपराधियों की लोकेशन और नेटवर्क का पता लगाने में लगी हुई हैं।


























