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Jamshedpur : गोविंदपुर में संपत्ति विवाद को लेकर रिश्तेदारों के बीच मारपीट, प्राथमिकी दर्ज

  • घर में घुसकर मारपीट और रुपये चोरी करने का आरोप, पुलिस जांच में जुटी
  • संपत्ति विवाद ने बढ़ाया पारिवारिक तनाव

जेबी लाइव, रिपोर्टर

जमशेदपुर : जमशेदपुर के गोविंदपुर थाना क्षेत्र स्थित फेज टू नारायणी कॉम्पलेक्स में संपत्ति विवाद को लेकर रिश्तेदारों के बीच मारपीट का मामला सामने आया है। घटना के बाद पीड़िता विनीता कुमारी श्रीवास्तव की शिकायत पर गोविंदपुर थाने में प्राथमिकी दर्ज की गई है। शिकायत में पीड़िता ने आरोप लगाया है कि उनके कुछ रिश्तेदार घर में जबरन घुस आए और उनके साथ मारपीट की। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि विवाद के दौरान आरोपियों ने उन्हें जान से मारने की धमकी दी और घर में रखी अटैची से रुपये भी चोरी कर लिए। घटना के बाद परिवार में अफरा-तफरी का माहौल बन गया और आसपास के लोगों में भी हड़कंप मच गया।

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घर में घुसकर मारपीट और धमकी देने का आरोप

इस मामले में पुलिस ने टेल्को थीम पार्क की रहने वाली अंजली मल्लिक, छोटा गोविंदपुर पटेलनगर निवासी कांता देवी, गोविंदपुर चटर्जी कॉलोनी की रचना सिन्हा और संजय सिन्हा समेत कुछ अज्ञात लोगों को आरोपी बनाया है। पीड़िता की शिकायत के आधार पर पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है। बताया जा रहा है कि दोनों पक्षों के बीच संपत्ति को लेकर काफी समय से विवाद चल रहा था। इसी विवाद के कारण यह घटना सामने आई है, जिसने परिवार के भीतर चल रहे तनाव को और बढ़ा दिया है।

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पुलिस ने कई लोगों को बनाया आरोपी, जांच शुरू

घटना को लेकर गोविंदपुर थाना प्रभारी ने बताया कि यह मामला पारिवारिक और संपत्ति विवाद से जुड़ा हुआ है। उन्होंने कहा कि पीड़िता की लिखित शिकायत के आधार पर प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है और पूरे मामले की जांच की जा रही है। पुलिस द्वारा घटनास्थल से जुड़े सभी पहलुओं की जानकारी जुटाई जा रही है और आरोपियों की भूमिका की भी जांच की जा रही है। थाना प्रभारी ने कहा कि जांच के बाद जो भी तथ्य सामने आएंगे, उसके आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल गोविंदपुर पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी हुई है।

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Gua : दो वर्ष बाद सरना धर्म में लौटे सोंगा केराई का परिवार, परंपरा के अनुसार हुआ शुद्धिकरण

हो समाज की सांस्कृतिक और पारंपरिक आस्था में पुनः वापसी, लाल मुर्गे की बलि और जाते-परची से सम्पन्न हुआ कार्यक्रम

  • हो समाज की सांस्कृतिक और पारंपरिक आस्था में पुनः वापसी, लाल मुर्गे की बलि और जाते-परची से सम्पन्न हुआ कार्यक्रम
  • युवा और ग्रामीणों के साथ पारंपरिक रीति-रिवाजों में परिवार की पुनः भागीदारी

जेबी लाइव, रिपोर्टर

गुवा : गुवा के टोन्टो प्रखंड के मौजा बुंडू स्थित रेंगो टोला में सोंगा केराई का परिवार लगभग दो वर्ष बाद अपनी मूल संस्कृति और प्राकृतिक आस्था में लौट आया। रविवार को 28 वर्षीय सोंगा केराई अपनी पत्नी 25 वर्षीय सोमवारी कुई और पुत्रों 5 वर्षीय सुरेश तथा 2 वर्षीय प्रकाश केराई के साथ ग्रामीण मुंडा और आदिवासी हो समाज युवा महासभा के पदाधिकारियों की मौजूदगी में हो समाज की परंपरा अपनाई। इस अवसर पर गांव के दियुरी जवान अंगरिया ने लाल मुर्गे की बलि देकर पूजा-पद्धति की शुरुआत की। तत्पश्चात परिवार के सभी सदस्यों का जाते-परची (शुद्धिकरण) किया गया। सामाजिक रूप से ग्रामीणों ने उन्हें फिर से अपने साथ स्वीकार करते हुए हो समाज के रीति-रिवाजों के अनुसार जीवन जीने की अनुमति दी। अब यह परिवार पारंपरिक त्योहारों, जन्म, विवाह और मृत्यु से जुड़े सभी संस्कारों और अनुष्ठानों का पालन करेंगे।

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सरना धर्म में लौटने के बाद परिवार को मिला समाजिक स्वीकार

ग्रामीणों के अनुसार, बीमारी ठीक होने के नाम पर करीब दो वर्ष पहले यह परिवार ईसाई धर्म अपनाकर तिम्बरा और दुईया स्थित चर्च में हर रविवार प्रार्थना करने जाता था। हालांकि, धर्म परिवर्तन के बावजूद उनके जीवन में कोई विशेष बदलाव नहीं आया। इसके बाद सोंगा केराई ने सामाजिक स्तर पर विचार कर पुनः अपनी परंपरा में लौटने का निर्णय लिया। आदिवासी हो समाज युवा महासभा द्वारा चलाए जा रहे सामाजिक, सांस्कृतिक और पारंपरिक जागरूकता अभियान से प्रेरित होकर उन्होंने समाज में वापसी की इच्छा जताई। महासभा के अनुमंडल सांस्कृतिक सचिव एवं हो भाषा शिक्षक कृष्णा तोपनो के नेतृत्व में परिवार की वापसी का विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया।

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सामाजिक जागरूकता अभियान ने प्रेरित किया परिवार को

कार्यक्रम में महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष इपिल सामड ने हो समाज की प्राचीन परंपरा और संस्कृति की महानता पर प्रकाश डाला और युवाओं से समाज के विकास में सक्रिय भागीदारी निभाने की अपील की। वहीं जगन्नाथपुर अनुमंडल अध्यक्ष बलराम लागुरी ने युवाओं को विभिन्न सामाजिक और सांस्कृतिक कार्यक्रमों में भाग लेने के लिए प्रेरित किया। इस अवसर पर ग्रामीण मुंडा गुनाराम अंगरिया, सहयोगी मुंडा राजेश पुरती, जिला सचिव ओयबन हेम्ब्रम, अनुमंडल कोषाध्यक्ष बाली लागुरी, गालू पुरती, श्रीराम अंगरिया, माधो टोपनो, कालीचरण अंगरिया, साधुचरण अंगरिया, बुढ़नसिंह अंगरिया सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित थे। कार्यक्रम का समापन पारंपरिक रीति-रिवाजों के अनुसार संपन्न हुआ और परिवार ने समाज में सक्रिय रूप से भाग लेने का संकल्प लिया।

Gua : गुवा में अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर महिलाओं को जागरूक होने का आह्वान

महिला अधिकार, स्वावलंबन और अत्याचार के खिलाफ आवाज उठाने पर दिया गया जोर महिलाओं के उत्थान के लिए सामूहिक प्रयास

  • महिला अधिकार, स्वावलंबन और अत्याचार के खिलाफ आवाज उठाने पर दिया गया जोर
  • महिलाओं के उत्थान के लिए सामूहिक प्रयास की जरूरत

जेबी लाइव, रिपोर्टर

गुवा : गुवा स्थित झारखंड मजदूर संघर्ष संघ के कार्यालय में अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर एक विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में महिलाओं और मजदूरों ने भाग लिया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में नोवामुंडी भाग-एक की जिला परिषद सदस्य सुश्री देवकी कुमारी उपस्थित रहीं। कार्यक्रम की शुरुआत देवकी कुमारी द्वारा केक काटकर महिला दिवस मनाने के साथ हुई। अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि महिला बनकर जन्म लेना ही बड़ी बात नहीं है, बल्कि अपने अधिकारों को पहचानना और अपने अंदर छिपी शक्ति को उजागर करना ही असली सशक्तिकरण है। उन्होंने कहा कि महिलाओं के भीतर क्षमा, दया और सहनशीलता जैसी भावनाएं होनी चाहिए, जिससे समाज में सकारात्मक बदलाव संभव है।

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महिला दिवस पर अधिकारों और सशक्तिकरण पर जोर

देवकी कुमारी ने अपने संबोधन में कहा कि आज समाज में कई स्थानों पर घरेलू हिंसा के मामले सामने आ रहे हैं, जो चिंता का विषय है। उन्होंने कहा कि कई बार एक महिला ही दूसरी महिला के साथ अत्याचार में शामिल हो जाती है, जैसे सास-बहू के बीच होने वाले विवाद। ऐसे मामलों को रोकने के लिए महिलाओं का जागरूक होना बेहद जरूरी है। उन्होंने कहा कि जब तक महिलाएं अपने अधिकारों और कर्तव्यों के प्रति पूरी तरह जागरूक नहीं होंगी, तब तक समाज से अत्याचार और भेदभाव को खत्म करना मुश्किल होगा। इसलिए महिलाओं को एकजुट होकर अन्याय के खिलाफ आवाज उठानी चाहिए और अपने अधिकारों की रक्षा करनी चाहिए।

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घरेलू हिंसा के खिलाफ महिलाओं को एकजुट होने की जरूरत

कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि के रूप में बाल अधिकार मंच की सलाहकार पदमा केसरी ने भी महिलाओं को संबोधित किया और महिलाओं पर हो रहे अत्याचार के खिलाफ आवाज उठाने की अपील की। उन्होंने कहा कि समाज में जागरूकता और शिक्षा के माध्यम से ही महिलाओं की स्थिति को मजबूत बनाया जा सकता है। इस दौरान झारखंड मजदूर संघर्ष संघ के केंद्रीय अध्यक्ष रामा पांडे के कार्यों की भी सराहना की गई, जो महिलाओं के उत्थान और उनके अधिकारों के लिए लगातार प्रयास कर रहे हैं। कार्यक्रम में यूनियन के पदाधिकारी, मजदूर और बड़ी संख्या में महिलाएं उपस्थित रहीं और सभी ने महिला सशक्तिकरण के लिए मिलकर कार्य करने का संकल्प लिया।

Potka : एकलव्य आवासीय विद्यालय प्रवेश परीक्षा से वंचित हुआ छात्र, एडमिट कार्ड नहीं आने पर परिजनों में नाराजगी

पोटका के छात्र जयंत सिंह का एडमिट कार्ड नहीं आने पर विद्यालय प्रबंधन पर लापरवाही का आरोप फॉर्म जमा नहीं

  • पोटका के छात्र जयंत सिंह का एडमिट कार्ड नहीं आने पर विद्यालय प्रबंधन पर लापरवाही का आरोप
  • फॉर्म जमा नहीं होने की वजह से एडमिट कार्ड जारी नहीं हुआ प्रधानाध्यापक

जेबी लाइव, रिपोर्टर

पोटका : पोटका प्रखंड के पावरू उत्क्रमित मध्य विद्यालय में पढ़ने वाले कक्षा 5 के छात्र जयंत सिंह का एकलव्य आवासीय विद्यालय प्रवेश परीक्षा का एडमिट कार्ड नहीं आने से परिजनों में नाराजगी देखी जा रही है। छात्र की मां संतरा सरदार और चाचा संजय सरदार ने बताया कि जयंत सिंह को एकलव्य आवासीय विद्यालय में दाखिला दिलाने के लिए परिवार ने काफी उम्मीदें लगाई थीं और उसकी तैयारी भी कराई गई थी। उन्होंने कहा कि प्रवेश परीक्षा के लिए फॉर्म भरकर विद्यालय में जमा किया गया था, लेकिन परीक्षा के समय एडमिट कार्ड नहीं आने के कारण वह परीक्षा में शामिल नहीं हो सका। परिजनों का आरोप है कि यह विद्यालय प्रबंधन की लापरवाही का परिणाम है, जिससे बच्चे का भविष्य प्रभावित हुआ है।

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एडमिट कार्ड नहीं मिलने से छात्र की परीक्षा छूटी, परिजनों में नाराजगी

परिजनों ने कहा कि वे इस मामले को लेकर जिला शिक्षा अधीक्षक और उपायुक्त पूर्वी सिंहभूम को पत्र लिखकर जांच और कार्रवाई की मांग करेंगे, ताकि भविष्य में किसी अन्य छात्र के साथ ऐसी स्थिति उत्पन्न न हो। वहीं इस मामले में विद्यालय के प्रधानाध्यापक प्रमोद कुमार ने बताया कि एकलव्य आश्रम विद्यालय और एकलव्य आवासीय विद्यालय के लिए विद्यालय से कुल 21 छात्रों के फॉर्म भरे गए थे। सभी फॉर्म शिक्षक सुभाष चंद्र सरदार द्वारा जमा किए गए थे और उन सभी छात्रों के एडमिट कार्ड भी जारी हो चुके हैं। प्रधानाध्यापक के अनुसार जयंत सिंह का फॉर्म विद्यालय में जमा नहीं होने के कारण ही उसका एडमिट कार्ड जारी नहीं हो पाया।

Baharagoda : बहरागोड़ा में ‘रन फॉर हेल्प’ मैराथन, धनंजय महतो ने हासिल किया पहला स्थान

नशे के खिलाफ जागरूकता और खेल को बढ़ावा देने के उद्देश्य से आयोजित हुई 7 किमी दौड़ विजेताओं को नगद

  • नशे के खिलाफ जागरूकता और खेल को बढ़ावा देने के उद्देश्य से आयोजित हुई 7 किमी दौड़
  • विजेताओं को नगद पुरस्कार और अंगवस्त्र देकर किया गया सम्मानित

जेबी लाइव, रिपोर्टर

बहरागोड़ा : बहरागोड़ा में अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर जांझीया में डिटी स्पोर्टिंग क्लब द्वारा पहली बार 7 किलोमीटर ‘रन फॉर हेल्प’ मैराथन का आयोजन किया गया। नशे के खिलाफ जागरूकता फैलाने और युवाओं को खेलों से जोड़ने के उद्देश्य से आयोजित इस दौड़ में करीब 40 प्रतिभागियों ने भाग लिया। जांझीया मैदान से शुरू हुई यह दौड़ विभिन्न मार्गों से होकर गुजरी। प्रतियोगिता में खण्डामौदा के धनंजय महतो ने शानदार प्रदर्शन करते हुए पहला स्थान हासिल किया और उन्हें 5,000 रुपये का पुरस्कार दिया गया।

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नशा मुक्त समाज के संदेश के साथ आयोजित हुई मैराथन

मैराथन में बहरागोड़ा के सालखान मुर्मू ने दूसरा स्थान प्राप्त कर 3,000 रुपये का पुरस्कार जीता, जबकि पाथरघाटा के सोमू दास तीसरे स्थान पर रहे और उन्हें 2,000 रुपये से सम्मानित किया गया। दौड़ के समापन पर सभी प्रतिभागियों को अंगवस्त्र देकर सम्मानित किया गया। इस मौके पर मुखिया मीणा मुंडा सहित आयोजकों ने युवाओं से नशा छोड़कर खेल से जुड़ने की अपील की। कार्यक्रम में लक्ष्मण माहार और साधु चरण मुंडा समेत कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे।

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महिलाओं ने सशक्तिकरण, शिक्षा और आत्मनिर्भरता पर किया विचार-विमर्श महिलाओं ने आत्मनिर्भरता और शिक्षा को बताया विकास की कुंजी जेबी

  • महिलाओं ने सशक्तिकरण, शिक्षा और आत्मनिर्भरता पर किया विचार-विमर्श
  • महिलाओं ने आत्मनिर्भरता और शिक्षा को बताया विकास की कुंजी

जेबी लाइव, रिपोर्टर

गुवा : गुवा क्षेत्र के किरीबुरु पश्चिमी पंचायत भवन में रविवार को अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस बड़े उत्साह और धूमधाम के साथ मनाया गया। इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में महिलाओं ने भाग लिया और महिला सशक्तिकरण को लेकर अपने विचार साझा किए। कार्यक्रम में मेघाहातुबुरु दक्षिणी पंचायत की मुखिया प्रफुल्लित गोलोरिया भी विशेष रूप से उपस्थित रहीं। कार्यक्रम की शुरुआत अतिथियों द्वारा दीप प्रज्वलित कर की गई। इस अवसर पर किरीबुरु क्लस्टर की अध्यक्ष ग्रेस बोदरा और कनक मिश्रा ने उपस्थित महिलाओं को संबोधित करते हुए कहा कि आज की महिलाएं अब अबला नहीं रहीं, बल्कि हर क्षेत्र में पुरुषों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर आगे बढ़ रही हैं। उन्होंने महिलाओं से अपने अधिकारों के प्रति जागरूक रहने और समाज में हो रहे अत्याचारों के खिलाफ आवाज उठाने की अपील की।

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महिला दिवस पर अधिकार और जागरूकता का दिया गया संदेश

कार्यक्रम में जेएसएलपीएस के तहत किरीबुरु क्लस्टर की अध्यक्ष ग्रेस बोदरा के साथ कनक मिश्रा, विभा मिश्रा, नेहा हेम्ब्रम, अशल्याणी हेस्सा पुर्ती, गोपेश्वरी करुवा, पूजा कुमारी और रीना दास समेत बड़ी संख्या में महिलाएं मौजूद रहीं। वहीं एस्पायर संस्था की ओर से सोनाराम सुंडी, रीमा गिरी, श्वेता लाल और पूजा कुमारी राम सहित कई लोग कार्यक्रम में शामिल हुए। इस दौरान महिला सशक्तिकरण, शिक्षा, स्वास्थ्य और आत्मनिर्भरता जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई। कार्यक्रम के अंत में सभी महिलाओं ने एक-दूसरे को अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस की शुभकामनाएं दीं और समाज में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने तथा सशक्तिकरण के लिए मिलकर काम करने का संकल्प लिया।

Chaibasa : सारंडा के जंगलों में भड़की आग, महुआ चुनने के लिए ग्रामीण लगा रहे आग – हरिचरण सांडिल

गर्मी की शुरुआत के साथ जंगलों में आग की घटनाएं बढ़ीं, वन विभाग की चिंता बढ़ी जंगल की आग से

  • गर्मी की शुरुआत के साथ जंगलों में आग की घटनाएं बढ़ीं, वन विभाग की चिंता बढ़ी
  • जंगल की आग से वन्यजीवों और पर्यावरण को हो रहा भारी नुकसान

जेबी लाइव, रिपोर्टर

चाईबासा : चाईबासा क्षेत्र में गर्मी की शुरुआत होते ही एक बार फिर जंगलों में आग लगने की घटनाएं सामने आने लगी हैं। गुवा से बड़ाजामदा जाने वाले रास्ते के किनारे स्थित जंगलों में असामाजिक तत्वों द्वारा आग लगाए जाने की खबरें मिल रही हैं, जिससे वन संपदा को भारी नुकसान होने की आशंका जताई जा रही है। इस मामले को लेकर भाजपा जिला उपाध्यक्ष एवं अनुसूचित जनजाति मोर्चा, चाईबासा के हरिचरण सांडिल ने गहरी चिंता व्यक्त की है। उन्होंने कहा कि सारंडा जैसे घने और महत्वपूर्ण वन क्षेत्र में इस तरह की घटनाएं बेहद चिंताजनक हैं। उन्होंने बताया कि वन विभाग की ओर से लगातार ग्रामीणों को जंगलों में आग नहीं लगाने के लिए जागरूक किया जाता है, लेकिन इसके बावजूद कुछ लोग महुआ चुनने में आसानी के लिए सूखे पत्तों में आग लगा देते हैं, जिससे आग तेजी से फैल जाती है और पूरे जंगल को नुकसान पहुंचाती है।

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महुआ चुनने के लिए सूखे पत्तों में लगाई जा रही आग

वन विभाग के कर्मियों के अनुसार जंगलों में आग लगने से केवल पेड़-पौधों को ही नुकसान नहीं होता, बल्कि कई दुर्लभ जीव-जंतु भी इसकी चपेट में आ जाते हैं। इससे वन्यजीवों के प्राकृतिक आवास और पर्यावरण को भी गंभीर क्षति पहुंचती है। विभाग का कहना है कि जैसे ही जंगल में आग लगने की सूचना मिलती है, वन विभाग की टीम तुरंत मौके पर पहुंचकर आग बुझाने के काम में जुट जाती है। साथ ही वन विभाग ने स्थानीय लोगों से अपील की है कि वे जंगलों को आग से बचाने में सहयोग करें और अगर कहीं आग लगती दिखाई दे तो तुरंत इसकी सूचना विभाग को दें। अधिकारियों का कहना है कि जंगलों की सुरक्षा में ग्रामीणों की भागीदारी बेहद जरूरी है, तभी इस तरह की घटनाओं पर नियंत्रण पाया जा सकता है।

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