- श्रम कानून संशोधन से मिलेगा लाभ
- कैबिनेट के फैसले से सेविकाओं को मिलेगा स्थाई समाधान
जेबी लाइव, रिपोर्टर
जमशेदपुर : भाजपा किसान मोर्चा झारखंड प्रदेश के नेता सह झारखंड राज्य समाज कल्याण आंगनवाड़ी कर्मचारी संघ के संयोजक जय प्रकाश सिंह ने कहा कि देशभर में आंगनवाड़ी सेविका और सहायिकाओं का वर्षों से हो रहा शोषण अब समाप्त होने की दिशा में है। उन्होंने बताया कि भारत सरकार ने श्रम कानूनों में संशोधन कर चार श्रम कानूनों को मंजूरी दी है, जिसे राष्ट्रपति ने भी स्वीकृति प्रदान कर दी है। इसके तहत देश के चार राज्यों में न्यूनतम वेतनमान 25,000 रुपये लागू कर दिया गया है। बाकी राज्य सरकारें भी इस वेतनमान को लागू करने की रणनीति बना रही हैं। उन्होंने कहा कि पूरे देश में आंगनवाड़ी कर्मचारी आंदोलन और प्रदर्शन कर रहे हैं और उम्मीद है कि उन्हें पीएफ, ग्रेच्युटी और वेतनमान सहित सभी सुविधाएं जल्द ही मिलेंगी।
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श्रम कानून संशोधन से आंगनवाड़ी कर्मचारियों को राहत
जय प्रकाश सिंह ने झारखंड और बिहार के समाज कल्याण विभाग में हो रही लूट पर भी चिंता जताई। उन्होंने कहा कि झारखंड के कई जिलों में छह माह से धात्री और गर्भवती महिलाओं को मिलने वाला पोषाहार बंद है, जिससे कुपोषण की स्थिति विकराल होती जा रही है। ठंड के मौसम में सेविका और सहायिकाओं को पैसा पास होने के बावजूद गर्म कपड़े और स्वेटर नहीं मिले हैं, जिससे पोषण कार्य प्रभावित हो रहा है। कई जिलों में छह माह से मानदेय भी नहीं मिला है और पोषाहार की राशि स्कूली बच्चों को उधार लेकर खिलाना पड़ रहा है। बाजार दर पर भी पोषाहार उपलब्ध नहीं हो रहा है, जिससे विभाग में भारी लूट की आशंका जताई जा रही है।
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झारखंड में पोषाहार बंद, सेविकाओं को नहीं मिला मानदेय
संयोजक ने कहा कि खुशी की बात यह है कि अब सेविका और सहायिकाओं को वर्षों से जारी शोषण से मुक्ति मिलने जा रही है। भारत सरकार का कैबिनेट इस मुद्दे पर 15 जनवरी तक फैसला लेने जा रहा है, जिसकी घोषणा कैबिनेट मंत्री पहले ही कर चुके हैं। उन्होंने कहा कि अब कोई भी राज्य सरकार आंगनवाड़ी कर्मचारियों का शोषण नहीं कर पाएगी और उन्हें सभी सुविधाएं लागू करनी ही होंगी। इससे महिला कर्मचारियों की जिंदगी की गाड़ी फिर से पटरी पर आ जाएगी और पोषण कार्य भी सुचारू रूप से चल सकेगा।


























