- प्रतिमा पर माल्यार्पण कर किया गया शौर्य और बलिदान को याद
- आदिवासी समाज के शौर्य के प्रतीक बाबा तिलका मांझी की स्मृति को किया गया जीवित
जेबी लाइव, रिपोर्टर
जमशेदपुर : डिमना स्थित बाबा तिलका मांझी चौक में वीर शहीद बाबा तिलका मांझी की 276वीं जयंती के अवसर पर उनकी प्रतिमा पर माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि अर्पित की गई। इस अवसर पर बड़ी संख्या में गणमान्य व्यक्ति और समाज के सदस्य उपस्थित थे। बाबा तिलका मांझी स्मारक समिति के सचिव मदन मोहन ने संबोधित करते हुए कहा कि बाबा तिलका मांझी देश के प्रथम स्वतंत्रता सेनानियों में से एक थे। वर्ष 1785 में उन्होंने अंग्रेजों के खिलाफ संघर्ष किया और उन्हें गिरफ्तार कर फांसी दी गई, लेकिन उन्होंने साहस और वीरता का अद्वितीय परिचय दिया। उन्होंने कहा कि बाबा तिलका मांझी ने जल, जंगल, जमीन, प्राकृतिक संसाधनों और संस्कृति की रक्षा के लिए अपना जीवन समर्पित किया।
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बाबा तिलका मांझी का संघर्ष आज भी प्रेरणा का स्रोत
वक्ताओं ने इस अवसर पर वर्तमान समय में बढ़ते औद्योगीकरण और पर्यावरण संकट पर चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि जल, जंगल और जमीन की अनियंत्रित उपयोग से मानव समाज को गंभीर परिणाम भुगतने पड़ सकते हैं। सभी उपस्थित लोगों से बाबा तिलका मांझी के आदर्शों पर चलने और प्रकृति संरक्षण के लिए संकल्प लेने का आह्वान किया गया। इस अवसर पर झारखंड आंदोलनकारी डेमका सोय, रमेश मुर्म, सनातन टुडू, दीपक रंजीत, परमेश्वर दास और सोनाराम टुडू सहित अन्य गणमान्य लोग मौजूद रहे।






















