- संघर्ष और शहादत के मूल्य की रक्षा के लिए सरकार से ठोस पहल की मांग
- श्रद्धांजलि सभा के साथ बैठक का हुआ समापन
जेबी लाइव, रिपोर्टर
मुरी/मझगांव : झारखंड आंदोलनकारी संघर्ष मोर्चा, पश्चिमी सिंहभूम द्वारा विधानसभा स्तरीय बैठक का आयोजन आम बगीचा में किया गया। इस बैठक में बड़ी संख्या में आंदोलनकारियों ने भाग लिया और अपने अधिकारों को लेकर आवाज बुलंद की। मुख्य अतिथि मोर्चा के संस्थापक प्रधान सचिव पुष्कर महतो ने कहा कि झारखंड आंदोलनकारियों के संघर्ष और शहादतों के मूल्य की रक्षा करना सरकार की जिम्मेदारी है। उन्होंने मांग की कि आंदोलनकारियों को राजकीय मान-सम्मान, अलग पहचान, उनके बच्चों के लिए रोजगार की गारंटी और जेल जाने की बाध्यता समाप्त की जाए। साथ ही सभी को 50-50 हजार रुपये की सम्मान पेंशन देने की व्यवस्था की जाए।
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सरकार से पेंशन और आरक्षण लागू करने की उठी मांग
बैठक में विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित मोर्चा के केंद्रीय प्रवक्ता मो बारीक ने कहा कि झारखंड आंदोलनकारी उसी सरकार का समर्थन करेंगे, जो उनके हितों की रक्षा करेगी। उन्होंने सरकार से अपील की कि आंदोलनकारियों की जायज मांगों पर स्वतः संज्ञान लेते हुए जल्द कार्रवाई की जाए। उन्होंने कहा कि आंदोलनकारियों को अपनी पहचान बनाए रखने और स्वाभिमान की रक्षा के लिए एकजुट होकर आगे आना होगा। बैठक की अध्यक्षता करते हुए सोमनाथ चातर ने कहा कि पश्चिमी सिंहभूम के लोगों ने झारखंड राज्य गठन आंदोलन में अहम भूमिका निभाई, लेकिन आज वे उपेक्षा के शिकार हैं। उन्होंने सरकार से सभी आंदोलनकारियों को सम्मान और पेंशन देने की मांग की।
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आंदोलनकारियों को राज्य का गौरव बताते हुए एकजुटता पर जोर
कार्यक्रम संयोजक मो शाहिद अंसारी ने कहा कि झारखंड आंदोलनकारी इस राज्य के गौरव हैं और उन्हें उनका हक मिलना ही चाहिए। उन्होंने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन का उल्लेख करते हुए कहा कि वे स्वयं आंदोलनकारी परिवार से आते हैं, इसलिए उन्हें आंदोलनकारियों की भावनाओं और संघर्ष का बेहतर अंदाजा है। कार्यक्रम का संचालन मो जारिफ ने किया, जबकि धन्यवाद ज्ञापन रविंद्र पोलाई ने दिया। बैठक में कई वरिष्ठ और युवा आंदोलनकारी मौजूद रहे। अंत में धनंजय पिंगुवा एवं अकील अंसारी के आकस्मिक निधन पर दो मिनट का मौन रखकर श्रद्धांजलि अर्पित की गई।























