- झामुमो नेता और आदिवासी समाज के सशक्त प्रतिनिधि के निधन से झारखंड में शोक की लहर
- संजीव सरदार ने जताया गहरा शोक, उन्हें बताया अभिभावक और प्रेरणास्रोत
जेबी लाइव, रिपोर्टर
झारखंड सरकार में स्कूली शिक्षा, साक्षरता एवं निबंधन विभाग के मंत्री रामदास सोरेन का शुक्रवार देर रात दिल्ली के अपोलो अस्पताल में इलाज के दौरान निधन हो गया। वे लंबे समय से बीमार चल रहे थे और उनका दिल्ली में उपचार चल रहा था। उनके निधन की जानकारी उनके बेटे सोमेश सोरेन ने उनके आधिकारिक एक्स (पूर्व ट्विटर) हैंडल से दी। सोमेश ने भावुक होते हुए लिखा, “अत्यंत दुख के साथ यह बता रहा हूं कि मेरे पिता रामदास सोरेन अब हमारे बीच नहीं रहे।” इस सूचना के सामने आते ही पूरे झारखंड में शोक की लहर दौड़ गई है। कई नेता और आम जनता उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित कर रहे हैं।
इसे भी पढ़ें : Potka : स्वतंत्रता दिवस पर बच्चों ने दिया सामाजिक संदेश, डेटन इंटरनेशनल स्कूल में दिखी प्रतिभा की झलक
झारखंड ने एक सच्चा जनप्रतिनिधि खोया, बेटे ने सोशल मीडिया पर दी जानकारी
रामदास सोरेन की छवि एक मिलनसार, स्पष्टवादी और जनप्रिय नेता की रही है। वे झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) के प्रमुख नेताओं में गिने जाते थे और खासकर आदिवासी समुदाय में उनका विशेष सम्मान था। जमशेदपुर पश्चिमी के विधायक सरयू राय ने शोक व्यक्त करते हुए कहा कि रामदास सोरेन सभी की बातें ध्यान से सुनते थे और एक सरल स्वभाव के नेता थे। उन्होंने कहा कि राज्य ने एक संघर्षशील नेता को खो दिया है, जो जनता के सुख-दुख में हमेशा खड़े रहते थे।
इसे भी पढ़ें : Bihar : गोपालगंज में शराब तस्करों का उत्पाद टीम पर हमला, एक जवान शहीद, एक की हालत गंभीर
सरयू राय समेत कई नेताओं ने जताया शोक, झामुमो ने बताया अपूरणीय क्षति
पोटका के विधायक संजीव सरदार ने रामदास सोरेन को याद करते हुए कहा कि वे केवल एक वरिष्ठ नेता नहीं, बल्कि मेरे लिए एक अभिभावक समान थे। वे मुझे स्नेह से “छोटा भाई” कहते थे। उनका सादा जीवन, स्पष्ट सोच और जनता के प्रति निष्ठा हम सभी जनप्रतिनिधियों के लिए प्रेरणा है। उनका जाना व्यक्तिगत और सामाजिक, दोनों ही स्तरों पर एक बड़ी क्षति है। राज्य सरकार और झामुमो के लिए यह एक अपूरणीय नुकसान है। ईश्वर से प्रार्थना है कि उनकी आत्मा को शांति मिले और परिवार को यह दुःख सहने की शक्ति प्रदान हो।


























