- अनिल मोदी ने कहा, ओबीसी वर्ग के प्रत्याशी चुनावी प्रक्रिया से वंचित हो सकते हैं
जेबी लाइव, रिपोर्टर
रांची : प्रस्तावित नगर निकाय चुनावों को लेकर वार्ड स्तर पर ओबीसी आरक्षण लागू होने के बाद प्रत्याशियों को गंभीर व्यावहारिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। भाजपा के जिला महामंत्री अनिल मोदी ने प्रशासन की कार्यप्रणाली पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि जाति प्रमाणपत्र निर्गत करने में हो रही अत्यधिक देरी के कारण कई योग्य प्रत्याशी चुनावी प्रक्रिया से वंचित होने की कगार पर खड़े हैं। उन्होंने कहा कि कल से नामांकन प्रक्रिया प्रारंभ हो रही है, लेकिन बड़ी संख्या में ओबीसी वर्ग के इच्छुक प्रत्याशियों को अब तक जाति प्रमाणपत्र उपलब्ध नहीं हो पाया है। यह स्थिति लोकतांत्रिक प्रक्रिया के लिए दुर्भाग्यपूर्ण है और इससे चुनाव की निष्पक्षता एवं समान अवसर के सिद्धांत पर प्रश्नचिह्न लग रहा है।
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जाति प्रमाणपत्र की देरी चुनाव में बाधा डाल रही है
अनिल मोदी ने बताया कि ओबीसी आरक्षण का उद्देश्य सामाजिक न्याय को सशक्त करना है, न कि प्रशासनिक लापरवाही के कारण उसी वर्ग को चुनाव से बाहर कर देना। यदि समय रहते जाति प्रमाणपत्र निर्गत नहीं किए गए, तो यह सीधे-सीधे ओबीसी समाज के अधिकारों का हनन होगा। उन्होंने जिला प्रशासन एवं राज्य सरकार से मांग की कि जाति प्रमाणपत्र निर्गत करने की प्रक्रिया को तात्कालिक रूप से तेज किया जाए और विशेष शिविर लगाकर लंबित आवेदनों का त्वरित निष्पादन किया जाए।
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भाजपा ओबीसी समाज के लोकतांत्रिक अधिकारों के साथ खड़ी
अनिल मोदी ने जोर देकर कहा कि नामांकन अवधि को ध्यान में रखते हुए आपात व्यवस्था के तहत प्रमाणपत्र जारी किए जाएं, ताकि कोई भी योग्य प्रत्याशी केवल तकनीकी कारणों से चुनाव से वंचित न रहे। उन्होंने स्पष्ट किया कि भाजपा हमेशा से लोकतंत्र, सामाजिक न्याय और समान अवसर की पक्षधर रही है और इस मुद्दे पर पार्टी ओबीसी समाज के साथ मजबूती से खड़ी है।


























