- तेज हवाओं और बारिश ने शक्तिनगर इलाके में मचाई भारी तबाही
- तेज हवा के झोंकों से पलट गया पंडाल, बाल-बाल बचे श्रद्धालु
- प्रशासन अलर्ट, जिले के अन्य इलाकों से भी नुकसान की खबर
जेबी लाइव, रिपोर्टर
झाड़ग्राम : बीती रात आए तेज आंधी-तूफान और बारिश ने झाड़ग्राम शहर के शक्तिनगर इलाके में भारी तबाही मचा दी। इस प्राकृतिक आपदा के कारण बसंती दुर्गा पूजा का एक भव्य पंडाल पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया, जिससे स्थानीय लोगों और क्लब सदस्यों में गहरी निराशा का माहौल है। जानकारी के अनुसार, वार्ड नंबर 3 स्थित शक्तिनगर में संतू स्मृति संघ द्वारा आयोजित बसंती दुर्गा पूजा का पंडाल शुक्रवार देर रात करीब 10:30 बजे अचानक आए तूफान की चपेट में आ गया। मौसम ने अचानक करवट ली और तेज हवाओं के साथ मूसलाधार बारिश शुरू हो गई। हालात इतने बिगड़ गए कि सुरक्षा के मद्देनजर बिजली आपूर्ति तक बंद करनी पड़ी। तूफान की तीव्रता का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि कई जगहों पर पेड़ों की डालियां टूटकर गिर गईं और पूरे इलाके में अफरा-तफरी मच गई।
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पंडाल में मौजूद श्रद्धालुओं ने भागकर बचाई जान
घटना के समय पूजा पंडाल में बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद थे, जो अचानक आई तेज आंधी से घबराकर सुरक्षित स्थान की ओर भागने लगे। कुछ लोग पंडाल के अंदर ही शरण लेकर खुद को बचाने की कोशिश करने लगे। इसी दौरान तेज हवा के झोंकों ने पूरे पंडाल को उखाड़ कर पलट दिया। हालांकि राहत की बात यह रही कि पंडाल गिरने की दिशा ऐसी थी कि कोई भी व्यक्ति इसकी सीधी चपेट में नहीं आया और सभी सुरक्षित बच निकले। शक्तिनगर में आयोजित यह बसंती पूजा इस वर्ष अपने 16वें वर्ष में प्रवेश कर चुकी थी और स्थानीय स्तर पर इसका विशेष महत्व है। इस हादसे ने आयोजन से जुड़े लोगों को गहरे सदमे में डाल दिया।
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प्रतिमा को भारी नुकसान, क्षेत्र में छाया शोक
इस हादसे में सबसे अधिक नुकसान माता दुर्गा की प्रतिमा को हुआ, जो तेज हवा और पंडाल के गिरने से बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई। इस दृश्य को देखकर स्थानीय लोगों की भावनाएं आहत हो गईं और पूरे इलाके में शोक का माहौल छा गया। क्लब के सदस्यों ने बताया कि उन्होंने आयोजन को लेकर सभी आवश्यक सावधानियां बरती थीं, लेकिन प्रकृति के प्रकोप के आगे सारी तैयारियां नाकाफी साबित हुईं। फिलहाल पंडाल और अन्य नुकसान का आकलन किया जा रहा है। स्थानीय लोगों का मानना है कि यह मां की कृपा ही थी कि इतना बड़ा हादसा होने के बावजूद कोई जनहानि नहीं हुई। इधर, झाड़ग्राम जिले के अन्य क्षेत्रों से भी पेड़ गिरने और डालियां टूटने की खबरें सामने आई हैं। प्रशासन स्थिति पर नजर बनाए हुए है और राहत कार्यों के लिए आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं।
























