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Baharagoda : बहरागोड़ा के धानघोरी गांव में हाथियों का उत्पात, किसानों की फसलें बर्बाद

  • छह हाथियों के झुंड ने मचाया तांडव, ग्रामीणों में दहशत का माहौल
  • ग्रामीणों ने प्रशासन से की मदद की मांग

जेबी लाइव, रिपोर्टर

बहरागोड़ा : बहरागोड़ा प्रखंड के धानघोरी गांव में रविवार रात करीब छह हाथियों के झुंड ने जमकर उत्पात मचाया, जिससे किसानों को भारी नुकसान उठाना पड़ा। श्मशान घाट की ओर से गांव में घुसे इस झुंड ने मलय पातार, सुमन दास, रबी दास और हाड़ीबोंधु दास समेत कई किसानों के खेतों को निशाना बनाया। हाथियों ने लगभग एक एकड़ में लगी तैयार झिंगा (तोरई) और अन्य सब्जियों की फसलों को पूरी तरह रौंद दिया, जिससे किसानों की मेहनत पर पानी फिर गया।

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फसलों को हुआ भारी नुकसान

फसलों को बचाने के लिए ग्रामीणों ने मशाल जलाकर और बम-पटाखे फोड़कर हाथियों को भगाने की कोशिश की, लेकिन झुंड काफी आक्रामक था और तब तक इलाके में डटा रहा जब तक फसलें नष्ट नहीं हो गईं। पिछले कई दिनों से क्षेत्र में हाथियों की मौजूदगी से ग्रामीणों में भय का माहौल बना हुआ है और लोग शाम होते ही घरों में रहने को मजबूर हैं। पीड़ित किसानों ने प्रशासन से मुआवजे और स्थायी समाधान की मांग की है।

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Bihar : बिहार में बारिश, तूफान और बिजली गिरने से तबाही, 24 घंटे में 20 से अधिक लोगों की मौत

कई जिलों में भारी नुकसान, मौसम के अचानक बदलाव ने बढ़ाई चिंता जेबी लाइव, रिपोर्टर बिहार : पिछले 24 घंटों

  • कई जिलों में भारी नुकसान, मौसम के अचानक बदलाव ने बढ़ाई चिंता

जेबी लाइव, रिपोर्टर

बिहार : पिछले 24 घंटों के दौरान बिहार में खराब मौसम ने भारी तबाही मचाई है। तेज तूफान, मूसलाधार बारिश और आकाशीय बिजली गिरने की घटनाओं में 20 से अधिक लोगों की मौत हो गई, जबकि कई अन्य घायल बताए जा रहे हैं। सबसे ज्यादा प्रभावित जिलों में पूर्वी चंपारण, गया और औरंगाबाद शामिल हैं। बताया जा रहा है कि एक दिन पहले तक भीषण गर्मी और उमस के बाद अचानक मौसम ने करवट ली। सोमवार की देर दोपहर से ही कई जिलों में काले बादल छा गए और शाम होते-होते तेज हवाओं के साथ बारिश और बिजली गिरने की घटनाएं शुरू हो गईं। इस प्राकृतिक आपदा ने कई परिवारों को गहरे सदमे में डाल दिया है।

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पूर्वी चंपारण, गया और पटना समेत कई जिलों में मौतें

मृतकों की संख्या अलग-अलग जिलों से लगातार सामने आ रही है। पूर्वी चंपारण में पांच लोगों की मौत हुई, जबकि पटना जिले के बाढ़ क्षेत्र में पेड़ गिरने और दीवार ढहने से दो लोगों ने जान गंवाई। गया और औरंगाबाद में तीन-तीन लोगों की मौत की पुष्टि हुई है। इसके अलावा वैशाली, सीतामढ़ी और भोजपुर से भी मौत की खबरें आई हैं। सीतामढ़ी में तूफान के दौरान बिजली का खंभा गिरने से दो महिलाओं—रकीबा खातून और निकहत परवीन—की दर्दनाक मौत हो गई, जबकि एक अन्य व्यक्ति गंभीर रूप से घायल है। इस घटना को लेकर स्थानीय लोगों में आक्रोश है और बिजली विभाग की लापरवाही पर सवाल उठाए जा रहे हैं।

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हाई-टेंशन तार पर पेड़ गिरने से अफरातफरी, बड़ा हादसा टला

रोहतास जिले में बिजली गिरने से 25 वर्षीय बलवंत पासवान की मौत हो गई, जबकि चार अन्य लोग घायल हो गए। वहीं कटिहार रेलवे मंडल के आजमनगर स्टेशन पर एक बड़ा हादसा होते-होते टल गया, जब एक पेड़ की भारी डाल हाई-टेंशन ओवरहेड तार पर गिर गई। इससे तार में आग लग गई और प्लेटफॉर्म पर धुआं फैल गया, जिससे यात्रियों में अफरातफरी मच गई। इस दौरान कटिहार-राधिकापुर पैसेंजर ट्रेन को करीब एक घंटे तक रोकना पड़ा। रेलवे अधिकारियों की तत्परता से स्थिति को नियंत्रित किया गया और बाद में ट्रेन परिचालन बहाल किया गया।

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बिजली आपूर्ति ठप, मौसम विभाग ने जारी किया अलर्ट

इस आपदा के कारण कई इलाकों में जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। गिरे हुए पेड़ों और बिजली के खंभों ने सड़कों को बाधित कर दिया, जिससे आवागमन प्रभावित हुआ। कई क्षेत्रों में घंटों तक बिजली आपूर्ति ठप रही, जिससे लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने पहले ही राज्य में तूफान, बारिश और बिजली गिरने को लेकर चेतावनी जारी की थी। अधिकारियों ने लोगों से सतर्क रहने और सुरक्षित स्थानों पर रहने की अपील की है, क्योंकि आने वाले दिनों में भी मौसम की स्थिति अस्थिर बनी रह सकती है।

New Delhi : सुपर अल नीनो का खतरा: भारत में भीषण गर्मी और सूखे का बढ़ा अलर्ट

दुनियाभर में मौसम पैटर्न में बदलाव, भारत पर पड़ सकता है गहरा असर जेबी लाइव, रिपोर्टर नई दिल्ली : देशभर

  • दुनियाभर में मौसम पैटर्न में बदलाव, भारत पर पड़ सकता है गहरा असर

जेबी लाइव, रिपोर्टर

नई दिल्ली : देशभर में इस समय भीषण गर्मी का दौर जारी है और राजधानी दिल्ली समेत कई राज्यों में तापमान लगातार बढ़ रहा है। मई महीने की शुरुआत भले ही कुछ स्थानों पर बारिश के साथ हुई हो, लेकिन तेज धूप और उमस ने लोगों की परेशानी बढ़ा दी है। अप्रैल माह में भी कई जगहों पर तापमान ने पुराने रिकॉर्ड तोड़े। मौसम विभाग लगातार लू को लेकर चेतावनी जारी कर रहा है। यह स्थिति केवल भारत तक सीमित नहीं है, बल्कि दुनिया के कई हिस्सों में इसी तरह के चरम मौसम देखने को मिल रहे हैं। विशेषज्ञों के अनुसार इसके पीछे “सुपर अल नीनो” नामक एक शक्तिशाली जलवायु घटना जिम्मेदार हो सकती है, जो इस वर्ष के अंत तक और अधिक प्रभावी रूप ले सकती है।

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वैश्विक एजेंसियों ने जताई मजबूत अल नीनो बनने की संभावना

अंतरराष्ट्रीय मौसम एजेंसियों ने भी इस खतरे को लेकर चेतावनी दी है। राष्ट्रीय समुद्री और वायुमंडलीय प्रशासन (NOAA) के अनुसार मई से जुलाई के बीच अल नीनो बनने की लगभग 60 प्रतिशत संभावना है। वहीं संयुक्त राष्ट्र की मौसम और जलवायु एजेंसी और विश्व मौसम संगठन (WMO) ने भी संकेत दिए हैं कि इस बार अल नीनो काफी शक्तिशाली हो सकता है। कुछ विशेषज्ञ इसे “सुपर अल नीनो” का रूप लेने की आशंका जता रहे हैं। यह स्थिति एशियाई देशों, खासकर भारत पर अधिक प्रभाव डाल सकती है, जहां मौसम की असामान्य परिस्थितियां कृषि, जल संसाधन और जनजीवन को प्रभावित कर सकती हैं।

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क्या होता है सुपर अल नीनो और क्यों है यह खतरनाक

सुपर अल नीनो दरअसल अल नीनो का अत्यंत शक्तिशाली रूप होता है, जिसमें प्रशांत महासागर के मध्य और पूर्वी हिस्सों में समुद्र की सतह का तापमान सामान्य से 2 डिग्री सेल्सियस या उससे अधिक बढ़ जाता है। यह एक दुर्लभ जलवायु घटना है, जो कई दशकों में एक बार देखने को मिलती है। इसके दौरान व्यापारिक हवाएं कमजोर पड़ जाती हैं या दिशा बदल लेती हैं, जिससे गर्म पानी का फैलाव बढ़ जाता है और वैश्विक मौसम चक्र प्रभावित होता है। इससे पहले 1982-83, 1997-98 और 2015-16 में ऐसी घटनाएं दर्ज की गई थीं। वैज्ञानिकों का मानना है कि 2026 में भी इसी तरह की स्थिति बन सकती है, जिससे भारत में मानसून कमजोर पड़ सकता है और सूखे की स्थिति उत्पन्न हो सकती है।

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भारत में संभावित असर, IMD ने जारी किया पूर्वानुमान

भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने भी इस वर्ष के लिए अपने पूर्वानुमान में गर्मी और लू के बढ़ते असर की संभावना जताई है। विभाग के अनुसार मई में हिमालयी तराई क्षेत्रों, पूर्वी तटीय राज्यों, गुजरात और महाराष्ट्र में सामान्य से अधिक लू चल सकती है। हालांकि, अंडमान-निकोबार द्वीप समूह में दक्षिण-पश्चिम मानसून के समय पर आगमन की संभावना के चलते मई में औसत वर्षा सामान्य से अधिक रहने का अनुमान भी जताया गया है। IMD के महानिदेशक मृत्युंजय महापात्र के अनुसार देश के कई हिस्सों में न्यूनतम तापमान सामान्य से अधिक रह सकता है, जबकि कुछ क्षेत्रों में यह सामान्य या उससे कम भी रह सकता है। कुल मिलाकर, सुपर अल नीनो की आशंका ने भारत में मौसम को लेकर चिंताएं बढ़ा दी हैं, जिसका सीधा असर कृषि, जल संकट और आम जनजीवन पर पड़ सकता है।

Jamshedpur : 6 से 10 मई के बीच झारखंड में बदलेगा मौसम, बारिश के आसार

दक्षिणी और पूर्वी हिस्सों में गरज-चमक के साथ वर्षा की संभावना जेबी लाइव, रिपोर्टर जमशेदपुर : झारखंड में 6 से

  • दक्षिणी और पूर्वी हिस्सों में गरज-चमक के साथ वर्षा की संभावना

जेबी लाइव, रिपोर्टर

जमशेदपुर : झारखंड में 6 से 10 मई के बीच मौसम में महत्वपूर्ण बदलाव देखने को मिल सकता है। मौसम विभाग के अनुसार इस अवधि में राज्य के कई हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना जताई गई है। विशेष रूप से दक्षिणी और पूर्वी झारखंड, जिसमें कोल्हान क्षेत्र और जमशेदपुर शामिल हैं, वहां बादल छाए रहने और गरज-चमक के साथ बारिश की गतिविधियां तेज हो सकती हैं। मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक बंगाल की खाड़ी से आने वाली नम हवाओं और एक सक्रिय ट्रफ लाइन के प्रभाव से यह परिवर्तन हो रहा है, जिसका असर पूरे राज्य में देखने को मिलेगा।

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कोल्हान क्षेत्र में अधिक प्रभाव, जमशेदपुर में बूंदाबांदी के संकेत

कोल्हान क्षेत्र—पश्चिमी सिंहभूम, पूर्वी सिंहभूम और सरायकेला-खरसावां—में बारिश की संभावना अधिक बताई गई है। जमशेदपुर में 6 और 7 मई को आंशिक बादल छाए रह सकते हैं, जबकि 8 से 10 मई के बीच हल्की बारिश या बूंदाबांदी के आसार हैं। इस दौरान अधिकतम तापमान में 2 से 4 डिग्री सेल्सियस तक गिरावट हो सकती है, जिससे लोगों को भीषण गर्मी से राहत मिलने की उम्मीद है। हालांकि, दिन के समय उमस बनी रह सकती है। कुछ क्षेत्रों में 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने और आंधी आने की संभावना भी जताई गई है।

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किसानों के लिए राहत, मौसम विभाग ने जारी की चेतावनी

राज्य के उत्तरी और मध्य भागों जैसे रांची, हजारीबाग और बोकारो में भी मौसम का असर देखने को मिलेगा। इन इलाकों में बादल छाने और हल्की बारिश होने की संभावना है, हालांकि कोल्हान की तुलना में इसकी तीव्रता कम रह सकती है। मौसम विभाग ने लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है, खासकर उन क्षेत्रों में जहां आंधी और बिजली गिरने की आशंका है। किसानों के लिए यह बारिश लाभदायक साबित हो सकती है, क्योंकि इससे खेतों में नमी बढ़ेगी और आने वाली फसलों के लिए अनुकूल वातावरण तैयार होगा। कुल मिलाकर, इस अवधि में झारखंड का मौसम सुहावना रहने और गर्मी से राहत मिलने की उम्मीद है।

Potka : मंगलासाई एकलव्य विद्यालय में स्थानीय छात्रों को प्राथमिकता देने की उठी मांग

प्रतिनिधिमंडल ने जिला कल्याण पदाधिकारी से की मुलाकात जेबी लाइव, रिपोर्टर पोटका : पूर्वी सिंहभूम जिले के पोटका प्रखंड स्थित

  • प्रतिनिधिमंडल ने जिला कल्याण पदाधिकारी से की मुलाकात

जेबी लाइव, रिपोर्टर

पोटका : पूर्वी सिंहभूम जिले के पोटका प्रखंड स्थित मंगलासाई एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय में स्थानीय छात्र-छात्राओं को प्राथमिकता देने की मांग को लेकर एक प्रतिनिधिमंडल ने जिला कल्याण पदाधिकारी शंकराचार्य सामाद से मुलाकात की। इस दौरान अनुसूचित जनजाति मोर्चा जमशेदपुर महानगर के जिलाध्यक्ष रमेश वास्के और जिला मंत्री मनोज कुमार सरदार भी मौजूद रहे। प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा संचालित इस विद्यालय का मुख्य उद्देश्य दूरस्थ और आर्थिक रूप से कमजोर आदिवासी बच्चों को निःशुल्क और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराना है। लेकिन पिछले वर्ष चयनित कई छात्रों को पश्चिम सिंहभूम और पूर्वी सिंहभूम के अन्य दूरस्थ विद्यालयों में भेजे जाने से अभिभावकों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा।

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अधिकारियों ने दिया भरोसा, स्थानीय छात्रों को मिलेगा लाभ

मनोज कुमार सरदार ने इस मुद्दे को गंभीर बताते हुए आग्रह किया कि पोटका क्षेत्र के अधिक से अधिक स्थानीय छात्रों का नामांकन मंगलासाई स्थित विद्यालय में ही सुनिश्चित किया जाए, ताकि वे अपने क्षेत्र में रहकर शिक्षा प्राप्त कर सकें। उन्होंने कहा कि गरीब परिवारों के लिए बच्चों को दूर-दराज के विद्यालयों में भेजना काफी कठिन होता है। इस पर जिला कल्याण पदाधिकारी शंकराचार्य सामाद ने प्रतिनिधिमंडल की मांगों को गंभीरता से सुना और आश्वासन दिया कि आगामी सत्र में चयन प्रक्रिया के दौरान स्थानीय छात्रों को प्राथमिकता देने का प्रयास किया जाएगा। इस अवसर पर मनोज सरदार जूनियर और प्रकाश सरदार सहित अन्य लोग भी उपस्थित रहे।

Gua : विद्यालयों में हर माह 5 तारिख को मनाया जाएगा खेल महोत्सव

जिला स्तरीय बैठक में लिया गया निर्णय, छात्रों में उत्साह जेबी लाइव, रिपोर्टर गुवा : जिला दण्डाधिकारी-सह-उपायुक्त की अध्यक्षता में

  • जिला स्तरीय बैठक में लिया गया निर्णय, छात्रों में उत्साह

जेबी लाइव, रिपोर्टर

गुवा : जिला दण्डाधिकारी-सह-उपायुक्त की अध्यक्षता में आयोजित जिला स्तरीय स्टेयरिंग सह मॉनिटरिंग कमिटी की बैठक में “परखः तैयारी नई उड़ान” कार्यक्रम के तहत अहम निर्णय लिया गया। इसके अनुसार जिले के सभी श्रेणी के विद्यालयों में प्रत्येक माह की 05 तारीख को “खेल दिवस/खेल महोत्सव” का आयोजन किया जाएगा। इसके साथ ही 12 मई 2026 को विद्यालय स्तर पर प्रतियोगिताओं के विजेताओं को पुरस्कार वितरण करने का भी निर्णय लिया गया है। इस खेल महोत्सव के दौरान छात्रों के बीच समसामयिक विषयों पर चर्चा-परिचर्चा भी आयोजित की जाएगी, जिससे उनके बौद्धिक और सामाजिक विकास को बढ़ावा मिलेगा। इस पहल का उद्देश्य छात्रों को खेल के प्रति प्रेरित करना और उनमें प्रतिस्पर्धा की भावना विकसित करना है।

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नुईया गांव के विद्यालय में खेल प्रतियोगिताओं का आयोजन

इसी क्रम में नुईया गांव स्थित उत्क्रमित मध्य विद्यालय में खेल महोत्सव का आयोजन किया गया, जिसमें छात्र-छात्राओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। कार्यक्रम के दौरान बच्चों को प्रेरित करने के लिए एक ज्ञानवर्धक फिल्म भी दिखाई गई। विभिन्न प्रतियोगिताओं में छात्रों ने शानदार प्रदर्शन किया। गोटी-चम्मच दौड़ में पदमा होनहागा प्रथम, इंदु बोयपोय द्वितीय और सुजाता मुंडू तृतीय स्थान पर रहीं। बैलून रेस में अविनाश कुंडल ने पहला स्थान प्राप्त किया, जबकि राजा चाम्पिया दूसरे और नर्सिंग चाम्पिया तीसरे स्थान पर रहे। लूडो प्रतियोगिता में अनीश एंड ग्रुप प्रथम, हल्याणी एंड ग्रुप द्वितीय और पदमा एंड ग्रुप तृतीय स्थान पर रहा। इस अवसर पर प्रभारी प्रधानाचार्य राजेश कुमार दास, गीता महतो, पुनम देवी, अनिता चाम्पिया और साक्षी सिंह सहित शिक्षक एवं ग्रामीण उपस्थित रहे। इस आयोजन से छात्रों में आत्मविश्वास, टीम वर्क और खेल भावना का विकास हुआ।

Kiriburu : किरीबुरू लौह अयस्क खदान में सुरक्षा और वैधानिक अनुपालन को लेकर विशेष पहल

लर्निंग एंड डेवलपमेंट सेंटर में आयोजित हुआ तकनीकी प्रशिक्षण कार्यक्रम जेबी लाइव, रिपोर्टर किरीबुरू : किरीबुरू लौह अयस्क खदान में

  • लर्निंग एंड डेवलपमेंट सेंटर में आयोजित हुआ तकनीकी प्रशिक्षण कार्यक्रम

जेबी लाइव, रिपोर्टर

किरीबुरू : किरीबुरू लौह अयस्क खदान में सुरक्षा और वैधानिक अनुपालन को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से एक महत्वपूर्ण प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम लर्निंग एंड डेवलपमेंट सेंटर, किरीबुरू में संपन्न हुआ, जिसमें खान सुरक्षा उप महानिदेशक और खान सुरक्षा निदेशक मुख्य रूप से उपस्थित रहे। कार्यक्रम में खदान के कर्मचारी, तकनीकी विशेषज्ञ और वरिष्ठ अधिकारी भी शामिल हुए। इस दौरान सुरक्षा से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर विस्तार से चर्चा की गई। प्रशिक्षण सत्र में शटडाउन प्रक्रियाओं पर विशेष जोर दिया गया, जिसमें मशीनरी और प्लांट के रख-रखाव के दौरान अपनाई जाने वाली मानक संचालन प्रक्रियाओं की जानकारी दी गई। इसके अलावा केंद्रीय विद्युत प्राधिकरण (CEA) के नियमों के अनुपालन और सुरक्षा से संबंधित नवीनतम सरकारी परिपत्रों पर भी प्रकाश डाला गया।

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जोखिम प्रबंधन और जागरूकता बढ़ाने पर रहा विशेष जोर

प्रशिक्षण कार्यक्रम के दौरान जोखिम प्रबंधन पर भी विशेष ध्यान दिया गया, जिसमें शटडाउन के दौरान संभावित खतरों की पहचान और उनसे बचाव के उपाय बताए गए। विशेषज्ञों ने कर्मचारियों को सुरक्षित कार्य प्रणाली अपनाने के लिए प्रेरित किया। इस पहल का मुख्य उद्देश्य खनन कार्यों में सुरक्षा मानकों को और अधिक मजबूत करना और कर्मचारियों के बीच वैधानिक आवश्यकताओं की गहरी समझ विकसित करना रहा। कार्यक्रम में संवादात्मक सत्र भी आयोजित किया गया, जिसमें प्रश्नोत्तर के माध्यम से कर्मचारियों की शंकाओं का समाधान किया गया और अनुभव साझा किए गए। अधिकारियों ने कहा कि इस प्रकार के प्रशिक्षण कार्यक्रम न केवल दुर्घटनाओं की संभावना को कम करते हैं, बल्कि औद्योगिक कार्यकुशलता को भी बढ़ाते हैं। अंत में किरीबुरू माइंस प्रबंधक द्वारा धन्यवाद ज्ञापन के साथ कार्यक्रम का समापन किया गया।

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