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Ghatsila : विधायक की पहल से ढाकपथर गांव को मिली नई सड़क, ग्रामीणों में खुशी

  • आसना पंचायत में सड़क निर्माण से आवागमन और कृषि कार्य होंगे आसान

जेबी लाइव, रिपोर्टर

घाटशिला : आसना पंचायत के ढाकपथर गांव में स्थानीय विधायक के सहयोग और पहल से नई कच्ची सड़क का निर्माण कार्य पूरा कर लिया गया है। लंबे समय से सड़क की समस्या से जूझ रहे ग्रामीणों को इस विकास कार्य से बड़ी राहत मिली है। विधायक ने ग्रामीणों की मांग को प्राथमिकता देते हुए सड़क निर्माण की पहल की और उनके मार्गदर्शन में ट्रैक्टर के माध्यम से मिट्टी डालकर सड़क को समतल किया गया। सड़क बनने से गांव के लोगों को आवागमन में सुविधा मिलेगी, वहीं किसानों को अपनी कृषि उपज बाजार तक पहुंचाने में भी आसानी होगी। ग्रामीणों का कहना है कि सड़क की स्थिति खराब होने के कारण उन्हें कई कठिनाइयों का सामना करना पड़ता था, लेकिन अब यह समस्या काफी हद तक दूर हो गई है।

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ग्रामीणों ने विधायक का जताया आभार, आगे और विकास कार्यों की उम्मीद

सड़क निर्माण कार्य पूरा होने के बाद स्थानीय लोगों ने विधायक के प्रति आभार व्यक्त किया है। ग्रामीणों ने कहा कि विधायक की सक्रिय भूमिका और जनसमस्याओं के प्रति संवेदनशीलता के कारण गांव में विकास कार्यों को गति मिली है। विधायक ने भी कहा कि गांवों की सड़कें विकास की आधारशिला होती हैं और लोगों की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए इस कार्य को प्राथमिकता दी गई है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि भविष्य में इस सड़क को और बेहतर बनाने की दिशा में भी प्रयास किए जाएंगे। ग्रामीणों का मानना है कि नई सड़क से बच्चों को स्कूल आने-जाने, मरीजों को अस्पताल पहुंचाने तथा दैनिक कार्यों में काफी सुविधा मिलेगी। यह सड़क गांव के समग्र विकास और बेहतर संपर्क व्यवस्था की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगी।

Manoharpur : नंदपुर पंचायत भवन के सुंदरीकरण कार्य पर उठे सवाल, गुणवत्ता में कमी और राशि दुरुपयोग का आरोप

पहली बारिश में फीका पड़ा रंग, जर्जर फर्श की मरम्मत किए बिना रंग-रोगन करने का आरोप सुंदरीकरण कार्य की जांच

  • पहली बारिश में फीका पड़ा रंग, जर्जर फर्श की मरम्मत किए बिना रंग-रोगन करने का आरोप
  • सुंदरीकरण कार्य की जांच और दोषियों पर कार्रवाई की मांग तेज

जेबी लाइव, रिपोर्टर

मनोहरपुर : मनोहरपुर प्रखंड मुख्यालय परिसर स्थित निर्माणाधीन नंदपुर पंचायत भवन के सुंदरीकरण कार्य को लेकर स्थानीय लोगों ने गंभीर सवाल उठाए हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि भवन के रंग-रोगन में घटिया सामग्री का उपयोग किया गया है, जिसके कारण पहली ही बारिश में दीवारों का रंग धूमिल पड़ने लगा है। लोगों का कहना है कि भवन को आकर्षक दिखाने के लिए केवल बाहरी रंग-रोगन पर ध्यान दिया गया, जबकि मूलभूत समस्याओं की अनदेखी की गई है। विशेष रूप से भवन के प्रवेश द्वार के पास का फर्श पहले से जर्जर अवस्था में है, लेकिन उसकी मरम्मत कराने के बजाय केवल रंग करके स्थिति को छिपाने का प्रयास किया गया है। इससे कार्य की गुणवत्ता और पारदर्शिता पर सवाल खड़े हो गए हैं।

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घटिया निर्माण सामग्री के उपयोग का ग्रामीणों ने लगाया आरोप

स्थानीय लोगों का आरोप है कि सरकारी वेंडर के माध्यम से कराए जा रहे इस कार्य में मानकों का पालन नहीं किया गया और केवल औपचारिकता पूरी कर सरकारी राशि खर्च की जा रही है। सबसे हैरानी की बात यह बताई जा रही है कि पंचायत के मुखिया को भी भवन सुंदरीकरण के लिए स्वीकृत राशि की स्पष्ट जानकारी नहीं है। सूत्रों के अनुसार इस कार्य के लिए लगभग 10 से 12 लाख रुपये आवंटित किए गए हैं। ग्रामीणों ने जिला प्रशासन और संबंधित विभाग से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने, खर्च की गई राशि का लेखा-जोखा सार्वजनिक करने तथा दोषी लोगों पर कार्रवाई करने की मांग की है। लोगों का कहना है कि सरकारी धन से होने वाले कार्यों में गुणवत्ता और जवाबदेही सुनिश्चित की जानी चाहिए।

Manoharpur : मनोहरपुर CHC में बढ़ रहे मौसमी बीमारियों के मरीज, वायरल फीवर के मामले अधिक

सर्दी, जुकाम, बुखार और लूज मोशन से पीड़ित मरीजों की बढ़ी संख्या, डॉक्टरों ने बरतने को कहा एहतियात स्वच्छता और

  • सर्दी, जुकाम, बुखार और लूज मोशन से पीड़ित मरीजों की बढ़ी संख्या, डॉक्टरों ने बरतने को कहा एहतियात
  • स्वच्छता और सतर्कता से मौसमी बीमारियों पर लग सकती है रोक

जेबी लाइव, रिपोर्टर

मनोहरपुर : मनोहरपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) में बदलते मौसम के साथ मौसमी बीमारियों से पीड़ित मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है। प्रतिदिन बड़ी संख्या में लोग सर्दी, जुकाम, खांसी, बुखार, बदन दर्द और लूज मोशन जैसी शिकायतों को लेकर ओपीडी में पहुंच रहे हैं। अस्पताल में कराई जा रही रक्त जांच में अधिकांश मरीजों में वायरल फीवर के लक्षण पाए जा रहे हैं, जबकि कुछ मामलों में मलेरिया की भी पुष्टि हुई है। चिकित्सकों के अनुसार मौसम में अचानक बदलाव और संक्रमण के प्रसार के कारण वायरल बीमारियां तेजी से फैल रही हैं। स्वास्थ्य केंद्र में मरीजों की बढ़ती संख्या को देखते हुए चिकित्सा कर्मी भी सतर्कता के साथ उपचार और जांच की व्यवस्था में जुटे हुए हैं।

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मौसम परिवर्तन से बढ़ा वायरल संक्रमण का खतरा

चिकित्सकों ने बताया कि मरीजों में तेज बुखार, सर्दी-जुकाम, खांसी, हाथ-पैर और शरीर में दर्द के साथ दस्त की शिकायतें अधिक देखी जा रही हैं। डॉक्टरों का कहना है कि दूषित पानी का सेवन, अस्वच्छ वातावरण और बासी भोजन इन बीमारियों के प्रमुख कारण बन रहे हैं। उन्होंने लोगों से साफ-सफाई बनाए रखने, उबला या स्वच्छ पानी पीने तथा ताजा एवं पौष्टिक भोजन करने की सलाह दी है। साथ ही चेतावनी दी है कि यदि किसी व्यक्ति को लगातार बुखार, उल्टी, दस्त या अन्य गंभीर लक्षण दिखाई दें तो घरेलू उपचार पर निर्भर रहने के बजाय तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र में जांच करानी चाहिए। समय पर उपचार से बीमारी को गंभीर होने से रोका जा सकता है।

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मनोहरपुर में घर के अंदर मिला काला सांप, पीडब्ल्यूडी कार्यालय के पास दिखा अजगर वन विभाग से रेस्क्यू टीम और

  • मनोहरपुर में घर के अंदर मिला काला सांप, पीडब्ल्यूडी कार्यालय के पास दिखा अजगर
  • वन विभाग से रेस्क्यू टीम और जागरूकता अभियान की मांग

जेबी लाइव, रिपोर्टर

मनोहरपुर : मनोहरपुर क्षेत्र में लगातार हो रही बारिश के बीच सांपों के निकलने की घटनाएं बढ़ गई हैं, जिससे लोगों में भय और चिंता का माहौल बन गया है। घरों के आसपास उगी झाड़ियां, जलजमाव और गंदगी वाले स्थान सांपों के लिए सुरक्षित ठिकाना बनते जा रहे हैं। ताजा घटना मनोहरपुर रेलवे फाटक के समीप की है, जहां एक महिला घर बंद कर राशन लेने गई थी। वापस लौटने पर उसने देखा कि घर के अंदर एक लंबा काला सांप कुंडली मारकर बैठा हुआ है। यह दृश्य देखते ही महिला घबरा गई और शोर मचाने लगी। शोर सुनकर सांप बिछावन के भीतर घुस गया, जिसके बाद पूरे परिवार में दहशत फैल गई। परिजनों ने सांप पकड़ने के लिए स्थानीय युवक कुशल मुखी से संपर्क करने का प्रयास किया, लेकिन उनका मोबाइल बंद होने के कारण तत्काल सहायता नहीं मिल सकी।

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घरों में सांप निकलने से बढ़ी लोगों की चिंता

वहीं दूसरी ओर मनोहरपुर पीडब्ल्यूडी कार्यालय के सामने स्थित झाड़ियों में एक अजगर देखे जाने से आसपास के लोगों में अफरा-तफरी मच गई। अजगर की सूचना मिलते ही बड़ी संख्या में लोग मौके पर पहुंच गए और सुरक्षित दूरी बनाकर उसे देखने लगे। स्थानीय लोगों का कहना है कि बारिश के दिनों में सांपों का आबादी वाले क्षेत्रों में आना लगातार बढ़ रहा है, जिससे बच्चों और बुजुर्गों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है। लोगों ने वन विभाग और प्रशासन से मांग की है कि क्षेत्र में विशेष रेस्क्यू टीम की व्यवस्था की जाए तथा सांपों से बचाव और आपात स्थिति में अपनाए जाने वाले उपायों के बारे में जागरूकता अभियान चलाया जाए। ग्रामीणों का मानना है कि समय पर कार्रवाई से संभावित हादसों को रोका जा सकता है।

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सेरालडीह–नरसिंहबहाल–बारुनिया मार्ग की बदहाली से हजारों ग्रामीण परेशान, शीघ्र निर्माण की उठी मांग प्रशासन से शीघ्र कार्रवाई और स्थायी समाधान

  • सेरालडीह–नरसिंहबहाल–बारुनिया मार्ग की बदहाली से हजारों ग्रामीण परेशान, शीघ्र निर्माण की उठी मांग
  • प्रशासन से शीघ्र कार्रवाई और स्थायी समाधान की मांग

जेबी लाइव, रिपोर्टर

डुमरिया : डुमरिया प्रखंड की सेरालडीह–नरसिंहबहाल–बारुनिया होते हुए ओडिशा को जोड़ने वाली मुख्य सड़क की जर्जर स्थिति को लेकर क्षेत्रवासियों की चिंता लगातार बढ़ती जा रही है। इसी मुद्दे को लेकर झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री चंपाई सोरेन की पुत्री दुखनी सोरेन ने बुधवार को पूर्वी सिंहभूम के उपायुक्त को ज्ञापन सौंपकर सड़क के शीघ्र निर्माण एवं सुदृढ़ीकरण की मांग की। ज्ञापन में बताया गया कि यह सड़क लगभग 150 गांवों के हजारों लोगों के लिए आवागमन का प्रमुख साधन है। वर्षों से सड़क की स्थिति खराब बनी हुई है, लेकिन अब तक इसके पुनर्निर्माण या समुचित मरम्मत की दिशा में कोई ठोस पहल नहीं की गई है। इससे ग्रामीणों को रोजाना कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।

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150 गांवों के लोगों की आवाज बनी सड़क निर्माण की मांग

ज्ञापन में कहा गया है कि प्रतिदिन छात्र-छात्राएं, किसान, मजदूर, महिलाएं, बुजुर्ग और छोटे व्यवसायी इसी सड़क का उपयोग करते हैं। सड़क पर बने बड़े-बड़े गड्ढों और बरसात के दौरान जमा होने वाले कीचड़ के कारण आवागमन जोखिम भरा हो गया है। कई स्थानों पर वाहन फंस जाने से घंटों जाम की स्थिति बन जाती है, जिससे लोगों का समय और संसाधन दोनों प्रभावित होते हैं। सबसे गंभीर समस्या मरीजों और गर्भवती महिलाओं को अस्पताल पहुंचाने में आती है। खराब सड़क के कारण आपातकालीन सेवाएं भी प्रभावित होती हैं, जिससे लोगों की जान तक जोखिम में पड़ जाती है। ग्रामीणों का कहना है कि लंबे समय से सड़क निर्माण की मांग उठाई जा रही है, लेकिन समस्या जस की तस बनी हुई है।

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खराब सड़क से शिक्षा, स्वास्थ्य और आवागमन पर पड़ रहा असर

दुखनी सोरेन ने कहा कि सड़क की बदहाली का सबसे अधिक असर किसानों पर पड़ रहा है। खेतों में तैयार कृषि उपज समय पर बाजार तक नहीं पहुंच पाने से किसानों को आर्थिक नुकसान झेलना पड़ता है। झारखंड और ओडिशा को जोड़ने वाला यह मार्ग व्यापार, परिवहन और क्षेत्रीय विकास की दृष्टि से भी अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने उपायुक्त से सड़क का स्थल निरीक्षण कराने, आवश्यक तकनीकी मूल्यांकन कराने और शीघ्र निर्माण कार्य शुरू करने की मांग की। साथ ही सड़क के स्थायी सुदृढ़ीकरण के लिए आवश्यक प्रशासनिक एवं वित्तीय स्वीकृति दिलाने का आग्रह किया। उन्होंने उम्मीद जताई कि प्रशासन जनहित से जुड़े इस महत्वपूर्ण मुद्दे पर त्वरित कार्रवाई करेगा और क्षेत्रवासियों को सुरक्षित तथा सुगम आवागमन की सुविधा उपलब्ध कराएगा।

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44 वर्षों से लंबित पुनर्वास और अधिकारों की मांग को लेकर बनी आंदोलन की नई रणनीति ग्रामीण संवाद यात्रा के

  • 44 वर्षों से लंबित पुनर्वास और अधिकारों की मांग को लेकर बनी आंदोलन की नई रणनीति
  • ग्रामीण संवाद यात्रा के जरिए गांव-गांव पहुंचेगा आंदोलन

जेबी लाइव, रिपोर्टर

चांडिल : चांडिल स्थित द गोल्डन रिसोर्ट (आईबी परिसर) में बुधवार को चांडिल डैम विस्थापित समन्वय मंच की दूसरी बैठक आयोजित हुई। बैठक में पुनर्वास, मुआवजा, भूमि अधिकार, शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और मूलभूत सुविधाओं से जुड़े लंबित मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की गई। मंच के सदस्यों ने कहा कि डैम निर्माण के चार दशक से अधिक समय बीत जाने के बावजूद हजारों विस्थापित परिवार अपनी मूल समस्याओं के समाधान की प्रतीक्षा कर रहे हैं। बैठक में आंदोलन को और व्यापक बनाने तथा प्रभावित परिवारों को एकजुट करने पर सहमति बनी।

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44 वर्षों से लंबित मांगों पर तेज होगा संघर्ष

बैठक में निर्णय लिया गया कि 7 अगस्त को मंच का प्रतिनिधिमंडल जल संसाधन विभाग के सचिव एवं मंत्री हफीजुल हसन को मांग-पत्र सौंपेगा। इसके अलावा 25 से 27 अगस्त तक ईचागढ़ क्षेत्र के प्रभावित गांवों में ग्रामीण संवाद सह जागरूकता यात्रा निकाली जाएगी। मंच की अगली बैठक 16 अगस्त को आयोजित होगी, जिसमें आंदोलन की आगामी रणनीति तय की जाएगी। विभिन्न विस्थापित संगठनों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने सम्मानजनक पुनर्वास, उचित मुआवजा और अधिकार सुनिश्चित होने तक लोकतांत्रिक तरीके से संघर्ष जारी रखने का संकल्प लिया।

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झाड़ग्राम के जिला मजिस्ट्रेट के माध्यम से मुख्यमंत्री को भेजा गया ज्ञापन जेबी लाइव, रिपोर्टर झाड़ग्राम : जंगलमहल स्वराज मोर्चा

  • झाड़ग्राम के जिला मजिस्ट्रेट के माध्यम से मुख्यमंत्री को भेजा गया ज्ञापन

जेबी लाइव, रिपोर्टर

झाड़ग्राम : जंगलमहल स्वराज मोर्चा (जेएसएम) ने जंगलमहल क्षेत्र के समग्र विकास, सामाजिक न्याय और सांस्कृतिक संरक्षण की मांग को लेकर पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के नाम 27 सूत्री मांगपत्र झाड़ग्राम के जिला मजिस्ट्रेट के माध्यम से सौंपा। जेएसएम के केंद्रीय अध्यक्ष अशोक महतो के नेतृत्व में सौंपे गए ज्ञापन में स्वास्थ्य, शिक्षा, आदिवासी कल्याण, रोजगार, आधारभूत संरचना, भाषा और संस्कृति से जुड़े कई महत्वपूर्ण मुद्दों को प्रमुखता से उठाया गया है। संगठन ने कहा कि यह मांगपत्र जंगलमहल के लोगों की वास्तविक जरूरतों और जनभावनाओं का प्रतिनिधित्व करता है तथा क्षेत्र के संतुलित और सतत विकास के लिए सरकार को गंभीर पहल करनी चाहिए।

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एम्स स्तर के अस्पताल और मानव-हाथी संघर्ष के समाधान की मांग

मांगपत्र में जंगलमहल क्षेत्र में केंद्र और राज्य सरकार के संयुक्त सहयोग से एम्स स्तर के आधुनिक सरकारी अस्पताल की स्थापना की मांग की गई है। इसके साथ ही मानव-हाथी संघर्ष की बढ़ती समस्या के स्थायी समाधान, हाथी हमलों में प्रभावित परिवारों को वर्तमान बाजार दर के अनुसार मुआवजा देने तथा मृतकों के पात्र परिजनों को सरकारी नौकरी उपलब्ध कराने की मांग भी रखी गई है। जेएसएम ने दिव्यांग, विधवा और वृद्धावस्था पेंशन को बढ़ाकर न्यूनतम पांच हजार रुपये प्रतिमाह करने की मांग करते हुए कहा कि इससे कमजोर वर्गों को सामाजिक सुरक्षा मिलेगी और उनकी आर्थिक स्थिति बेहतर होगी।

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भाषा, शिक्षा और सांस्कृतिक संरक्षण पर विशेष जोर

संगठन ने कुड़माली भाषा को संविधान की आठवीं अनुसूची में शामिल कराने की अनुशंसा करने तथा मुंडारी, भूमिज और कोड़ा भाषाओं को पश्चिम बंगाल की द्वितीय राजभाषा का दर्जा देने की मांग उठाई है। इसके अलावा पश्चिम बंगाल झूमर अकादमी और कुड़माली साहित्य अकादमी की स्थापना, झाड़ग्राम में जवाहर नवोदय विद्यालय, केंद्रीय विद्यालय, आधुनिक जिला पुस्तकालय तथा आदिवासी बहुल क्षेत्रों में सरकारी प्राथमिक विद्यालय खोलने की मांग की गई है। ज्ञापन में पश्चिम बंगाल संताली शिक्षा बोर्ड के गठन का प्रस्ताव भी शामिल है, ताकि स्थानीय भाषाओं और संस्कृति के संरक्षण को बढ़ावा मिल सके।

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रोजगार, कौशल विकास और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने की मांग

जेएसएम ने अत्यंत कमजोर जनजातीय समूहों (पीवीटीजी) के लिए शिक्षा, कौशल विकास और आजीविका कार्यक्रम शुरू करने की मांग की है। साथ ही साल पत्ता आधारित उद्योगों को संस्थागत सहयोग देने, स्वयं सहायता समूहों और लैम्प्स को मजबूत करने तथा जंगलमहल के प्रत्येक जिले में कौशल विकास एवं रोजगार केंद्र स्थापित करने की आवश्यकता पर बल दिया गया है। संगठन ने पशु बाजारों को सरकारी नियमों के तहत पुनः शुरू करने की मांग करते हुए कहा कि इससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी और स्थानीय लोगों को रोजगार के अवसर प्राप्त होंगे।

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सड़क, पुल और भूमि संबंधी समस्याओं के समाधान की उठाई मांग

मांगपत्र में क्षेत्र की क्षतिग्रस्त सड़कों की तत्काल मरम्मत, कदमकानन रेलवे फाटक पर प्रस्तावित रेल ओवरब्रिज का शीघ्र निर्माण, चिल्कीगढ़ सहित विभिन्न नदी मार्गों पर स्थायी पुलों का निर्माण तथा झाड़ग्राम शहर के भूमिहीन परिवारों को भूमि पट्टा देने की मांग की गई है। इसके अलावा विस्थापित फुटपाथ दुकानदारों के पुनर्वास के लिए मानवीय नीति लागू करने, बालू की कीमतों को नियंत्रित करने और पर्यावरण अनुकूल पर्यटन को बढ़ावा देने की मांग भी रखी गई है। केंद्रीय अध्यक्ष अशोक महतो ने कहा कि जंगलमहल का विकास केवल आर्थिक विषय नहीं, बल्कि सामाजिक न्याय और सांस्कृतिक सम्मान का भी मुद्दा है। उन्होंने मुख्यमंत्री से मांगों पर शीघ्र सकारात्मक निर्णय लेने तथा झाड़ग्राम दौरे के दौरान ‘जनता दरबार’ आयोजित करने की अपील की।

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