आर्थिक संकट से जूझ रहे कर्मचारियों ने प्रशासन से की तत्काल वेतन जारी करने की मांग, महासंघ ने दिया समर्थन
महासंघ ने दिया साथ, वेतन भुगतान के लिए प्रशासन पर बढ़ा दबाव
जेबी लाइव, रिपोर्टर
जमशेदपुर : जमशेदपुर के सदर अस्पताल स्थित सिविल सर्जन कार्यालय के समक्ष शुक्रवार को राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) के कर्मचारियों ने लंबित वेतन भुगतान की मांग को लेकर एक दिवसीय धरना-प्रदर्शन किया। जिले के विभिन्न स्वास्थ्य संस्थानों से पहुंचे बड़ी संख्या में कर्मचारियों ने बताया कि उन्हें पिछले पांच महीनों से वेतन नहीं मिला है, जिसके कारण उनके सामने गंभीर आर्थिक संकट उत्पन्न हो गया है। कर्मचारियों का कहना है कि लगातार स्वास्थ्य सेवाएं देने के बावजूद वेतन भुगतान में हो रही देरी से उनकी परेशानी बढ़ती जा रही है। उन्होंने प्रशासन से अविलंब लंबित वेतन जारी करने की मांग करते हुए कहा कि इस समस्या का जल्द समाधान नहीं होने पर आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा।
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पांच माह से वेतन नहीं, कर्मचारियों में बढ़ा असंतोष

धरना के दौरान कर्मचारियों ने अपनी समस्याओं को विस्तार से रखते हुए कहा कि वेतन नहीं मिलने से परिवार का भरण-पोषण करना कठिन हो गया है। कई कर्मचारी बच्चों की स्कूल फीस जमा नहीं कर पा रहे हैं, जबकि दैनिक जरूरतों को पूरा करने में भी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। बढ़ती महंगाई और लगातार बढ़ते घरेलू खर्चों ने स्थिति को और गंभीर बना दिया है। कर्मचारियों ने कहा कि आर्थिक दबाव के बावजूद वे स्वास्थ्य सेवाओं के संचालन में पूरी जिम्मेदारी के साथ योगदान दे रहे हैं, लेकिन समय पर वेतन नहीं मिलने से उनका मनोबल प्रभावित हो रहा है।
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आर्थिक तंगी से जूझ रहे स्वास्थ्यकर्मियों ने रखी अपनी पीड़ा
एनएचएम कर्मचारियों के आंदोलन को झारखंड राज्य अराजपत्रित कर्मचारी महासंघ का भी समर्थन मिला। महासंघ के प्रदेश अध्यक्ष रविंद्र नाथ ठाकुर ने धरना स्थल पहुंचकर कर्मचारियों की मांगों का समर्थन करते हुए कहा कि पांच माह से वेतन लंबित रहना गंभीर मामला है। उन्होंने आश्वासन दिया कि महासंघ इस मुद्दे को जिला उपायुक्त और सिविल सर्जन के समक्ष मजबूती से उठाएगा तथा जल्द वेतन भुगतान सुनिश्चित कराने का प्रयास करेगा। कर्मचारियों ने प्रशासन से त्वरित हस्तक्षेप की मांग करते हुए चेतावनी दी कि यदि शीघ्र समाधान नहीं हुआ तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।


























