प्रेस वार्ता में उपायुक्त राजीव रंजन ने अभियान की प्रगति और चुनौतियों की दी जानकारी
दो सप्ताह में एक लाख से अधिक लोगों की हुई जांच, 1,895 मरीज मिले संक्रमित
प्रभावित क्षेत्रों में फोकस्ड सर्विलांस और विशेष निगरानी, छह मौतों की समीक्षा जारी
मीडिया और नागरिकों से सहयोग की अपील, बुखार होने पर तुरंत कराएं जांच
मच्छरों के प्रजनन स्थलों को खत्म करने में निभाएं सक्रिय भूमिका
जेबी लाइव, रिपोर्टर
जमशेदपुर : पूर्वी सिंहभूम जिले में मलेरिया की रोकथाम, नियंत्रण और उपचार को लेकर चलाए जा रहे विशेष अभियान की जानकारी देने के लिए उपायुक्त राजीव रंजन ने सोमवार को प्रेस वार्ता की। उन्होंने कहा कि जिले के संवेदनशील एवं प्रभावित क्षेत्रों में जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग संयुक्त रूप से युद्धस्तर पर कार्य कर रहे हैं। प्रभावित क्षेत्रों में सर्विलांस, मलेरिया जांच, त्वरित उपचार, इंडोर रेजिडुअल स्प्रे (आईआरएस) तथा व्यापक जनजागरूकता अभियान संचालित किया जा रहा है। उपायुक्त ने कहा कि प्रशासन का लक्ष्य प्रत्येक संदिग्ध मरीज की समय पर पहचान कर 24 घंटे के भीतर जांच और उपचार सुनिश्चित करना है। उन्होंने कहा कि मलेरिया एक गंभीर बीमारी है, लेकिन समय पर जांच और उचित उपचार मिलने पर इससे होने वाली जटिलताओं और मृत्यु को काफी हद तक रोका जा सकता है। इसके लिए प्रशासनिक प्रयासों के साथ-साथ आम नागरिकों की सक्रिय भागीदारी भी जरूरी है।
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संवेदनशील क्षेत्रों में युद्धस्तर पर चल रहा मलेरिया नियंत्रण अभियान
प्रेस वार्ता में सिविल सर्जन ने बताया कि 29 जून से 12 जुलाई 2026 तक जिले के सभी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों, शहरी स्वास्थ्य केंद्रों और सदर अस्पताल में कुल 1,04,459 लोगों की मलेरिया जांच की गई। इनमें 96,478 रैपिड डायग्नोस्टिक टेस्ट (RDT) तथा 7,981 स्लाइड जांच शामिल हैं। इस अवधि में कुल 1,895 मलेरिया पॉजिटिव मरीज पाए गए, जिनमें 1,491 पी. फाल्सीपेरम (PF), 353 पी. विवैक्स (PV) तथा 51 मिश्रित संक्रमण के मामले शामिल हैं। जिले की कुल पॉजिटिविटी दर 1.96 प्रतिशत दर्ज की गई है। पोटका सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में सर्वाधिक 24,657 जांच की गई, जबकि मुसाबनी में 15,150, घाटशिला में 12,121 और डुमरिया में 11,060 लोगों की जांच की गई। स्वास्थ्य विभाग द्वारा प्रभावित क्षेत्रों में लगातार निगरानी और उपचार अभियान चलाया जा रहा है।
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पोटका, डुमरिया और मुसाबनी में मिले सर्वाधिक मलेरिया मरीज
स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के अनुसार पोटका में 667, डुमरिया में 427, मुसाबनी में 344 और घाटशिला में 212 मलेरिया पॉजिटिव मरीज पाए गए हैं। इन क्षेत्रों में विशेष निगरानी, फोकस्ड सर्विलांस, आईआरएस और त्वरित उपचार अभियान चलाया जा रहा है। वहीं सदर अस्पताल में 14.36 प्रतिशत पॉजिटिविटी दर दर्ज की गई है, जिसका प्रमुख कारण गंभीर एवं रेफर मरीजों की जांच होना बताया गया। दूसरी ओर अर्बन मानगो क्षेत्र में इस अवधि के दौरान एक भी मलेरिया पॉजिटिव मरीज नहीं मिला, जबकि अर्बन बिरसानगर में केवल दो मामले सामने आए हैं। उपायुक्त ने बताया कि जिले में अब तक मलेरिया से कुल छह मौतें हुई हैं, जिनमें चार मौतें सेरेब्रल मलेरिया और दो मिश्रित संक्रमण के कारण हुई हैं। उन्होंने कहा कि प्रत्येक मृत्यु की चिकित्सकीय समीक्षा कराई जा रही है ताकि भविष्य में उपचार व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाया जा सके।
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मलेरिया से हुई छह मौतों की चिकित्सकीय समीक्षा कर रहा प्रशासन
उपायुक्त राजीव रंजन ने कहा कि मलेरिया नियंत्रण अभियान को सफल बनाने में मीडिया की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने मीडिया प्रतिनिधियों से अपील की कि वे लोगों तक सही और समयबद्ध जानकारी पहुंचाएं तथा बुखार होने पर तत्काल जांच कराने का संदेश जन-जन तक पहुंचाएं। उन्होंने कहा कि स्वयं दवा लेने के बजाय नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र में जाकर मलेरिया जांच कराना आवश्यक है। उपायुक्त ने जिलेवासियों से अपील की कि किसी भी प्रकार के बुखार को सामान्य न समझें और समय रहते जांच कराएं। साथ ही घर और आसपास पानी जमा न होने दें, मच्छरदानी का नियमित उपयोग करें तथा स्वास्थ्य विभाग द्वारा चलाए जा रहे सर्वे और आईआरएस अभियान में सहयोग करें। उन्होंने कहा कि प्रशासन और जनता के संयुक्त प्रयास से ही मलेरिया पर प्रभावी नियंत्रण संभव है और जिले को इस बीमारी से सुरक्षित बनाया जा सकता है।























