सेल के एलएंडडीसी में झारखंड, ओडिशा और छत्तीसगढ़ समूह की खदानों के 39 कर्मचारियों ने लिया भाग
प्रश्नोत्तर सत्र में प्रतिभागियों ने साझा किए अनुभव और सुझाव
जेबी लाइव, रिपोर्टर
गुवा/किरीबुरू : सेल के झारखंड ग्रुप ऑफ माइंस (जेजीओएम) अंतर्गत लर्निंग एंड डेवलपमेंट सेंटर (एलएंडडीसी), किरीबुरू में 20 जुलाई 2026 को “ओटीआर टायर सुरक्षा और टायर रखरखाव” विषय पर प्रदर्शन सुधार कार्यशाला (पीआईडब्ल्यू) का सफल आयोजन किया गया। कार्यशाला का उद्देश्य भारी पृथ्वी-चालित मशीनरी में उपयोग होने वाले ऑफ-द-रोड (ओटीआर) टायरों के सुरक्षित संचालन, निरीक्षण, रखरखाव और प्रबंधन संबंधी तकनीकी दक्षता को बढ़ाना था। कार्यक्रम में झारखंड ग्रुप ऑफ माइंस (जेजीओएम), ओडिशा ग्रुप ऑफ माइंस (ओजीओएम) तथा छत्तीसगढ़ ग्रुप ऑफ माइंस (सीजीओएम) के कुल 39 कर्मचारियों ने भाग लिया। उद्घाटन सत्र में एस.एस. शाह, सीजीएम (रखरखाव), डी. मिश्रा, सीजीएम (एचआर-माइन्स), एस.के. जीएम प्रभारी (खनन), एमआईओएम तथा राम सिंह, जीएम प्रभारी (खनन), केआईओएम उपस्थित रहे। प्रतिभागियों का स्वागत रथिन विश्वास, डीजीएम (एचआर-एल एंड डी) ने किया, जबकि कार्यक्रम का संचालन सी.के. बिस्वाल, एजीएम (एचआर-एल एंड डी) ने किया।
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विशेषज्ञों ने साझा की टायर सुरक्षा और रखरखाव की आधुनिक तकनीकें
कार्यशाला के तकनीकी सत्रों का संचालन एलएंडटी कंस्ट्रक्शन एंड माइनिंग मशीनरी, दुर्गापुर के प्रशिक्षण प्रमुख अरिंदम दत्ता ने किया। उन्होंने प्रतिभागियों को ओटीआर टायर निर्माण, सुरक्षित हैंडलिंग, निरीक्षण तकनीक, निवारक रखरखाव, टायर विफलता विश्लेषण, टायर प्रेशर प्रबंधन तथा टायर जीवन बढ़ाने के प्रभावी उपायों की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि सही रखरखाव और नियमित निरीक्षण से उपकरणों की विश्वसनीयता बढ़ती है तथा खनन कार्यों में दुर्घटनाओं की संभावना कम होती है। तकनीकी सत्रों में खनन उद्योग में उपयोग की जा रही नवीनतम तकनीकों और सर्वोत्तम प्रथाओं पर भी विस्तार से चर्चा की गई। प्रतिभागियों को व्यावहारिक अनुभवों के आधार पर कई महत्वपूर्ण सुझाव दिए गए, जिन्हें वे अपने कार्यस्थलों पर लागू कर सकते हैं।
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सुरक्षित खनन संचालन के लिए टायर प्रबंधन को बताया अहम
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए राम सिंह, जीएम प्रभारी (खनन), केआईओएम ने कहा कि ऑफ-द-रोड टायरों का सुरक्षित संचालन और उचित रखरखाव खनन क्षेत्र की उत्पादकता और सुरक्षा दोनों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि टायर संबंधी छोटी लापरवाही भी बड़े नुकसान और दुर्घटनाओं का कारण बन सकती है। वहीं डी. मिश्रा, सीजीएम (एचआर-माइन्स), जेजीओएम ने अपने संबोधन में तेजी से बदलते तकनीकी परिवेश में निरंतर सीखने, अनसीखने और पुनः सीखने की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई), डिजिटलीकरण और आधुनिक खनन तकनीकों के बढ़ते उपयोग को देखते हुए कर्मचारियों को लगातार अपने ज्ञान और कौशल को अद्यतन करना होगा, ताकि वे भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार रह सकें।
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तकनीकी दक्षता बढ़ाने और सुरक्षा संस्कृति मजबूत करने पर जोर
कार्यशाला के दौरान एस.एस. शाह, सीजीएम (रखरखाव), जेजीओएम ने टायर सुरक्षा और निवारक रखरखाव की महत्ता पर प्रकाश डालते हुए कहा कि इससे उपकरणों का डाउनटाइम कम होता है और परिचालन दक्षता में वृद्धि होती है। कार्यक्रम के अंत में एक इंटरैक्टिव प्रश्नोत्तर सत्र आयोजित किया गया, जिसमें प्रतिभागियों ने अपने अनुभव साझा किए और विशेषज्ञों से तकनीकी जिज्ञासाओं का समाधान प्राप्त किया। यह कार्यशाला आधुनिक खनन कार्यों में सुरक्षा मानकों को मजबूत करने, तकनीकी दक्षताओं को विकसित करने तथा सर्वोत्तम रखरखाव प्रथाओं को बढ़ावा देने के लिए एक प्रभावी मंच साबित हुई। प्रतिभागियों ने इसे अत्यंत उपयोगी बताते हुए कहा कि इससे उन्हें अपने कार्यक्षेत्र में बेहतर प्रदर्शन और सुरक्षित संचालन सुनिश्चित करने में मदद मिलेगी।























