झाड़ग्राम के जिला मजिस्ट्रेट के माध्यम से मुख्यमंत्री को भेजा गया ज्ञापन
जेबी लाइव, रिपोर्टर
झाड़ग्राम : जंगलमहल स्वराज मोर्चा (जेएसएम) ने जंगलमहल क्षेत्र के समग्र विकास, सामाजिक न्याय और सांस्कृतिक संरक्षण की मांग को लेकर पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के नाम 27 सूत्री मांगपत्र झाड़ग्राम के जिला मजिस्ट्रेट के माध्यम से सौंपा। जेएसएम के केंद्रीय अध्यक्ष अशोक महतो के नेतृत्व में सौंपे गए ज्ञापन में स्वास्थ्य, शिक्षा, आदिवासी कल्याण, रोजगार, आधारभूत संरचना, भाषा और संस्कृति से जुड़े कई महत्वपूर्ण मुद्दों को प्रमुखता से उठाया गया है। संगठन ने कहा कि यह मांगपत्र जंगलमहल के लोगों की वास्तविक जरूरतों और जनभावनाओं का प्रतिनिधित्व करता है तथा क्षेत्र के संतुलित और सतत विकास के लिए सरकार को गंभीर पहल करनी चाहिए।
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एम्स स्तर के अस्पताल और मानव-हाथी संघर्ष के समाधान की मांग
मांगपत्र में जंगलमहल क्षेत्र में केंद्र और राज्य सरकार के संयुक्त सहयोग से एम्स स्तर के आधुनिक सरकारी अस्पताल की स्थापना की मांग की गई है। इसके साथ ही मानव-हाथी संघर्ष की बढ़ती समस्या के स्थायी समाधान, हाथी हमलों में प्रभावित परिवारों को वर्तमान बाजार दर के अनुसार मुआवजा देने तथा मृतकों के पात्र परिजनों को सरकारी नौकरी उपलब्ध कराने की मांग भी रखी गई है। जेएसएम ने दिव्यांग, विधवा और वृद्धावस्था पेंशन को बढ़ाकर न्यूनतम पांच हजार रुपये प्रतिमाह करने की मांग करते हुए कहा कि इससे कमजोर वर्गों को सामाजिक सुरक्षा मिलेगी और उनकी आर्थिक स्थिति बेहतर होगी।
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भाषा, शिक्षा और सांस्कृतिक संरक्षण पर विशेष जोर
संगठन ने कुड़माली भाषा को संविधान की आठवीं अनुसूची में शामिल कराने की अनुशंसा करने तथा मुंडारी, भूमिज और कोड़ा भाषाओं को पश्चिम बंगाल की द्वितीय राजभाषा का दर्जा देने की मांग उठाई है। इसके अलावा पश्चिम बंगाल झूमर अकादमी और कुड़माली साहित्य अकादमी की स्थापना, झाड़ग्राम में जवाहर नवोदय विद्यालय, केंद्रीय विद्यालय, आधुनिक जिला पुस्तकालय तथा आदिवासी बहुल क्षेत्रों में सरकारी प्राथमिक विद्यालय खोलने की मांग की गई है। ज्ञापन में पश्चिम बंगाल संताली शिक्षा बोर्ड के गठन का प्रस्ताव भी शामिल है, ताकि स्थानीय भाषाओं और संस्कृति के संरक्षण को बढ़ावा मिल सके।
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रोजगार, कौशल विकास और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने की मांग
जेएसएम ने अत्यंत कमजोर जनजातीय समूहों (पीवीटीजी) के लिए शिक्षा, कौशल विकास और आजीविका कार्यक्रम शुरू करने की मांग की है। साथ ही साल पत्ता आधारित उद्योगों को संस्थागत सहयोग देने, स्वयं सहायता समूहों और लैम्प्स को मजबूत करने तथा जंगलमहल के प्रत्येक जिले में कौशल विकास एवं रोजगार केंद्र स्थापित करने की आवश्यकता पर बल दिया गया है। संगठन ने पशु बाजारों को सरकारी नियमों के तहत पुनः शुरू करने की मांग करते हुए कहा कि इससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी और स्थानीय लोगों को रोजगार के अवसर प्राप्त होंगे।
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सड़क, पुल और भूमि संबंधी समस्याओं के समाधान की उठाई मांग
मांगपत्र में क्षेत्र की क्षतिग्रस्त सड़कों की तत्काल मरम्मत, कदमकानन रेलवे फाटक पर प्रस्तावित रेल ओवरब्रिज का शीघ्र निर्माण, चिल्कीगढ़ सहित विभिन्न नदी मार्गों पर स्थायी पुलों का निर्माण तथा झाड़ग्राम शहर के भूमिहीन परिवारों को भूमि पट्टा देने की मांग की गई है। इसके अलावा विस्थापित फुटपाथ दुकानदारों के पुनर्वास के लिए मानवीय नीति लागू करने, बालू की कीमतों को नियंत्रित करने और पर्यावरण अनुकूल पर्यटन को बढ़ावा देने की मांग भी रखी गई है। केंद्रीय अध्यक्ष अशोक महतो ने कहा कि जंगलमहल का विकास केवल आर्थिक विषय नहीं, बल्कि सामाजिक न्याय और सांस्कृतिक सम्मान का भी मुद्दा है। उन्होंने मुख्यमंत्री से मांगों पर शीघ्र सकारात्मक निर्णय लेने तथा झाड़ग्राम दौरे के दौरान ‘जनता दरबार’ आयोजित करने की अपील की।























