पारंपरिक इलेक्ट्रिक इंजनों में कवच लगाने वाला दक्षिण पूर्व रेलवे का पहला शेड बना खड़गपुर
खड़गपुर शेड में इंजनों की निगरानी के लिए RFID तकनीक का इस्तेमाल
जेबी लाइव, रिपोर्टर
कोलकाता : दक्षिण पूर्व रेलवे के खड़गपुर स्थित इलेक्ट्रिक लोको शेड ने रेल सुरक्षा और परिचालन व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। खड़गपुर शेड दक्षिण पूर्व रेलवे का पहला पारंपरिक इलेक्ट्रिक लोको शेड बन गया है, जहां पारंपरिक इलेक्ट्रिक इंजनों में ‘कवच’ स्वचालित ट्रेन सुरक्षा प्रणाली सफलतापूर्वक लगाई गई है। कवच प्रणाली के जरिए ट्रेन के सुरक्षित संचालन में कई महत्वपूर्ण सुविधाएं मिलती हैं। इसके तहत जरूरत पड़ने पर स्वचालित ब्रेक लगाने, लाल सिग्नल पार करने से रोकने, निर्धारित गति सीमा से अधिक रफ्तार पर नियंत्रण रखने तथा चालक कक्ष में लगातार सिग्नल संबंधी जानकारी उपलब्ध कराने की व्यवस्था होती है। इससे चालक को परिचालन के दौरान अतिरिक्त सुरक्षा सहायता मिलेगी और ट्रेनों के सुरक्षित संचालन को मजबूती मिलेगी।
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पारंपरिक इलेक्ट्रिक इंजनों में पहली बार कवच प्रणाली की सुविधा
25 जुलाई से 1 अक्टूबर 2026 के बीच खड़गपुर इलेक्ट्रिक लोको शेड के 10 इंजनों में कवच प्रणाली सफलतापूर्वक चालू कर दी गई है। इसके अलावा दो अन्य इंजनों में प्रणाली लगाने का काम पूरा हो चुका है और उन्हें चालू करने की प्रक्रिया जारी है। वहीं, दो और इंजनों में कवच प्रणाली स्थापित करने का कार्य चल रहा है। इसी के साथ खड़गपुर शेड पारंपरिक इलेक्ट्रिक मालगाड़ियों के इंजनों में रेडियो फ्रीक्वेंसी आइडेंटिफिकेशन (RFID) टैग लगाने वाला दक्षिण पूर्व रेलवे का पहला शेड भी बन गया है। अब तक दो इंजनों में RFID टैग लगाए जा चुके हैं, जबकि तीन अन्य इंजनों में काम जारी है। इससे इंजनों की पहचान, निगरानी और परिचालन प्रबंधन को अधिक व्यवस्थित एवं प्रभावी बनाने में मदद मिलेगी।























