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Musabani : सोमेश सोरेन का जनसंपर्क अभियान, ग्रामीणों से लिया समर्थन का संकल्प

  • झामुमो प्रत्याशी ने गांव-गांव घूमकर सुनी जनता की समस्याएं

जेबी लाइव, रिपोर्टर

मुसाबनी प्रखंड में झामुमो प्रत्याशी सोमेश चंद्र सोरेन ने रविवार को व्यापक जनसंपर्क अभियान चलाया। उन्होंने 01 नंबर मस्जिद एरिया, माहली पाड़ा, संथाल पाड़ा, सड़कघुटू, लाएनडीहि, धोबोनी और डूंगरीडीह गांवों का दौरा किया। इस दौरान ग्राम प्रधान गौरव किस्कू की अध्यक्षता में बैठक आयोजित की गई। वहीं सड़कघुटू में सलखान किस्कू की अध्यक्षता में ग्रामीणों के साथ संवाद किया गया। सोमेश सोरेन ने लोगों से उनकी समस्याओं को सुना और आगामी 11 नवंबर को क्रम संख्या 2 पर तीर-धनुष निशान पर मतदान करने की अपील की।

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झामुमो नेताओं की एकजुटता से दिखा अबुआ सरकार पर भरोसा

जनसंपर्क अभियान के दौरान भाई विक्टर सोरेन, प्रधान सोरेन, सोमाय सोरेन, संजीवन पातर, हरिश भकत समेत कई झामुमो नेता उपस्थित रहे। ग्रामीणों का उत्साह और विश्वास इस बात का संकेत दे रहा था कि झामुमो के प्रति जनता का झुकाव लगातार बढ़ रहा है। आदिवासी-मूलवासी हितों की रक्षा और विकास की नई दिशा को अबुआ सरकार की पहचान बताया गया। इस मौके पर झामुमो नेता सागेन पूर्ति भी विशेष रूप से मौजूद थे।

Dumaria : बांस की पुलिया के सहारे गुजर रही जिंदगी, पक्के पुल की मांग को लेकर ग्रामीणों में बढ़ा आक्रोश

डुमरिया के पोड़ाडीहा टोला में चार-पांच गांवों के लोग वर्षों से जोखिम उठाकर कर रहे आवागमन जेबी लाइव, रिपोर्टर डुमरिया

  • डुमरिया के पोड़ाडीहा टोला में चार-पांच गांवों के लोग वर्षों से जोखिम उठाकर कर रहे आवागमन

जेबी लाइव, रिपोर्टर

डुमरिया : पूर्वी सिंहभूम जिले के डुमरिया प्रखंड अंतर्गत आस्ताकोवाली पंचायत के आस्ताकोवाली गांव स्थित पोड़ाडीहा टोला में आज भी बुनियादी सुविधाओं का अभाव बना हुआ है। नाले पर स्थायी पुल का निर्माण नहीं होने के कारण ग्रामीण वर्षों से बांस की अस्थायी पुलिया बनाकर आवागमन करने को मजबूर हैं। यह पुलिया केवल पोड़ाडीहा टोला ही नहीं, बल्कि आसपास के चार से पांच गांवों के लोगों के लिए भी एकमात्र संपर्क मार्ग बनी हुई है। स्थानीय लोगों का कहना है कि कई बार जनप्रतिनिधियों और प्रशासनिक अधिकारियों को समस्या से अवगत कराया गया, लेकिन अब तक कोई ठोस पहल नहीं हुई। ग्रामीणों के अनुसार विकास योजनाओं की चर्चा तो होती है, लेकिन उनके गांव की यह मूलभूत समस्या वर्षों से अनदेखी की जा रही है।

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बरसात में बढ़ जाता है हादसे का खतरा

ग्रामीणों ने बताया कि प्रतिदिन स्कूली बच्चे, किसान, मजदूर, महिलाएं और बुजुर्ग इसी बांस की पुलिया के सहारे नाला पार करते हैं। सामान्य दिनों में भी पुलिया पर चलना आसान नहीं होता, जबकि बरसात के मौसम में स्थिति और अधिक भयावह हो जाती है। नाले का जलस्तर बढ़ते ही पुलिया फिसलनभरी और बेहद जोखिमपूर्ण हो जाती है। ऐसे समय में लोगों को जान जोखिम में डालकर आवागमन करना पड़ता है। ग्रामीणों का कहना है कि किसी भी दिन कोई बड़ा हादसा हो सकता है, लेकिन इसके बावजूद समस्या के समाधान की दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठाया जा रहा है। बच्चों और बुजुर्गों को सबसे अधिक परेशानी का सामना करना पड़ता है।

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पुल निर्माण नहीं हुआ तो आंदोलन की चेतावनी

स्थानीय लोगों ने कहा कि देश को आजाद हुए दशकों बीत चुके हैं, लेकिन उनके गांव तक विकास की किरण नहीं पहुंच सकी है। एक स्थायी पुल के अभाव में हजारों लोगों को रोजाना कठिनाइयों और जोखिमों का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों ने प्रशासन से अविलंब पक्का पुल निर्माण कार्य शुरू कराने की मांग की है। उनका कहना है कि यदि जल्द निर्माण कार्य प्रारंभ नहीं किया गया तो क्षेत्र के लोग आंदोलन का रास्ता अपनाने को बाध्य होंगे। ग्रामीणों ने स्पष्ट कहा कि किसी भी संभावित दुर्घटना या जनआक्रोश की पूरी जिम्मेदारी प्रशासन और संबंधित विभाग की होगी।

Jamshedpur : एचसीएल की तांबा खदानों और मउभंडार स्मेल्टर को पूर्ण क्षमता से चालू कराने की मांग

केंद्रीय मंत्री से मिले सांसद विद्युत वरण महतो सुरदा, केंदाडीह और राखा खदानों में उत्पादन बढ़ाने के साथ बंद परियोजनाओं

  • केंद्रीय मंत्री से मिले सांसद विद्युत वरण महतो
  • सुरदा, केंदाडीह और राखा खदानों में उत्पादन बढ़ाने के साथ बंद परियोजनाओं को शुरू करने पर दिया जोर

जेबी लाइव, रिपोर्टर

जमशेदपुर : जमशेदपुर के सांसद विद्युत वरण महतो ने नई दिल्ली में केंद्रीय कोयला एवं खान मंत्री जी. किशन रेड्डी से मुलाकात कर घाटशिला स्थित हिंदुस्तान कॉपर लिमिटेड (एचसीएल) की तांबा खदानों तथा मौभंडार स्थित स्मेल्टर-रिफाइनरी संयंत्र को पूर्ण क्षमता से संचालित कराने की मांग की। सांसद ने कहा कि जमशेदपुर संसदीय क्षेत्र के अंतर्गत आने वाला एचसीएल का इंडियन कॉपर कॉम्प्लेक्स देश के प्रमुख सार्वजनिक क्षेत्र के तांबा उत्पादक उपक्रमों में शामिल है। उन्होंने बताया कि उनके लगातार प्रयासों के परिणामस्वरूप सुरदा, केंदाडीह और राखा तांबा खदानों का संचालन दोबारा शुरू हुआ, लेकिन वर्तमान में इन खदानों में अपेक्षित स्तर पर उत्पादन नहीं हो पा रहा है। वहीं मौभंडार स्थित स्मेल्टर एवं रिफाइनरी संयंत्र भी अब तक पूरी तरह चालू नहीं हो सका है, जिससे क्षेत्र के औद्योगिक विकास और रोजगार सृजन पर असर पड़ रहा है।

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लंबित खदान परियोजनाओं को शुरू करने की उठी मांग

सांसद विद्युत वरण महतो ने केंद्रीय मंत्री को बताया कि पिछले दस वर्षों के दौरान राखा माइंस की यूसीआईएल के साथ लीज ओवरलैपिंग, भूमि उपलब्धता, माइनिंग लीज, पर्यावरण एवं वन स्वीकृति जैसी कई महत्वपूर्ण समस्याओं के समाधान के लिए लगातार प्रयास किए गए हैं। इसके बावजूद मुसाबनी क्षेत्र की धौबनी, किसनगढ़िया और पाथरगोड़ा तांबा खदानें अब तक शुरू नहीं हो सकी हैं। सांसद ने मांग की कि सुरदा, केंदाडीह और राखा खदानों में पूर्ण उत्पादन सुनिश्चित कराया जाए तथा सिद्धेश्वर खान ब्लॉक में लंबित खनन कार्य को जल्द शुरू किया जाए। उन्होंने कहा कि इन परियोजनाओं के शुरू होने से क्षेत्र में आर्थिक गतिविधियों को गति मिलेगी और स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर उपलब्ध होंगे।

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सितंबर में होगी समीक्षा बैठक, मंत्री ने दिया आश्वासन

केंद्रीय मंत्री जी. किशन रेड्डी ने सांसद की मांगों को गंभीरता से सुनते हुए अपने निजी सचिव कार्तिकेन को निर्देश दिया कि सितंबर के प्रथम सप्ताह में एचसीएल के सीएमडी के साथ एक समीक्षा बैठक आयोजित की जाए। बैठक में खदानों और स्मेल्टर-रिफाइनरी परियोजनाओं की प्रगति तथा लंबित मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की जाएगी। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि यदि राज्य सरकार के स्तर पर किसी प्रकार की बाधा आती है तो आवश्यकता पड़ने पर वे स्वयं राज्य सरकार से बातचीत करेंगे। उन्होंने सांसद को आश्वस्त किया कि तांबा खदानों और मौभंडार स्मेल्टर-रिफाइनरी संयंत्र को जल्द पूर्ण क्षमता से संचालित करने की दिशा में आवश्यक कदम उठाए जाएंगे। मंत्री के इस आश्वासन से क्षेत्र के लोगों और एचसीएल से जुड़े कर्मचारियों में नई उम्मीद जगी है।

Gua : सेंडेल घाटी में धंसने लगी सड़क, बारिश के बीच बढ़ा बड़े हादसे का खतरा

बड़ाजामदा–मनोहरपुर मुख्य मार्ग पर गहरी दरारें, भारी वाहनों की आवाजाही के बीच लोगों में चिंता जेबी लाइव, रिपोर्टर गुवा :

  • बड़ाजामदा–मनोहरपुर मुख्य मार्ग पर गहरी दरारें, भारी वाहनों की आवाजाही के बीच लोगों में चिंता

जेबी लाइव, रिपोर्टर

गुवा : लगातार हो रही बारिश ने बड़ाजामदा–मनोहरपुर मुख्य मार्ग पर स्थित सेंडेल घाटी की सड़क को खतरनाक बना दिया है। घाटी से नीचे उतरने वाले हिस्से में सड़क कई जगहों से धंसने लगी है और लंबी-गहरी दरारें उभर आई हैं। सड़क किनारे की मिट्टी लगातार खिसकने से मार्ग का आधार कमजोर पड़ता जा रहा है, जिससे किसी भी समय सड़क का बड़ा हिस्सा क्षतिग्रस्त हो सकता है। स्थिति इतनी गंभीर हो चुकी है कि सड़क के किनारे लगाए गए सुरक्षा बैरियर के नीचे की जमीन भी धंसने लगी है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि जल्द मरम्मत कार्य नहीं कराया गया तो बारिश के दौरान सड़क का हिस्सा टूटकर बह सकता है। यह मार्ग क्षेत्र की जीवनरेखा माना जाता है, क्योंकि इसी रास्ते से प्रतिदिन सैकड़ों लोग आवागमन करते हैं। ऐसे में सड़क की मौजूदा स्थिति वाहन चालकों और यात्रियों के लिए गंभीर खतरा बन गई है। बारिश के मौसम में फिसलन और कमजोर सड़क के कारण दुर्घटना की आशंका और बढ़ गई है।

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मरम्मत और सुरक्षा इंतजाम की मांग हुई तेज

सेंडेल घाटी का यह मार्ग बड़ाजामदा, मनोहरपुर समेत आसपास के कई गांवों को जोड़ने वाला प्रमुख संपर्क मार्ग है। प्रतिदिन इस सड़क से भारी मालवाहक ट्रक, बसें, एंबुलेंस, निजी वाहन और दोपहिया वाहन गुजरते हैं। ऐसे में सड़क के धंसने की खबर ने स्थानीय लोगों और वाहन चालकों की चिंता बढ़ा दी है। ग्रामीणों का कहना है कि उन्होंने कई बार संबंधित विभाग और प्रशासन को सड़क की खराब स्थिति से अवगत कराया है, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है। लोगों का आरोप है कि समय रहते मरम्मत नहीं होने से समस्या लगातार बढ़ती जा रही है। स्थानीय नागरिकों और वाहन चालकों ने प्रशासन से क्षतिग्रस्त हिस्से की तत्काल मरम्मत कराने, सड़क किनारे मजबूत सुरक्षा दीवार और बैरिकेडिंग लगाने तथा चेतावनी संकेतक स्थापित करने की मांग की है। उनका कहना है कि यदि जल्द आवश्यक कदम नहीं उठाए गए तो यह मार्ग किसी बड़े सड़क हादसे का कारण बन सकता है और यातायात भी पूरी तरह प्रभावित हो सकता है।

Gua : किरीबुरू की गाड़ा हाटिंग बस्ती में गहराया पेयजल संकट, 300 परिवारों की बढ़ी परेशानी

सिर्फ दो घंटे की जलापूर्ति पर निर्भर ग्रामीण, अतिरिक्त पाइपलाइन की मांग तेज जेबी लाइव, रिपोर्टर गुवा : किरीबुरू थाना

  • सिर्फ दो घंटे की जलापूर्ति पर निर्भर ग्रामीण, अतिरिक्त पाइपलाइन की मांग तेज

जेबी लाइव, रिपोर्टर

गुवा : किरीबुरू थाना क्षेत्र स्थित गाड़ा हाटिंग बस्ती में पेयजल संकट लगातार गंभीर होता जा रहा है। बस्ती में करीब 300 परिवार निवास करते हैं, लेकिन उनके लिए सेल प्रबंधन की ओर से केवल एक पानी सप्लाई पाइपलाइन की व्यवस्था की गई है। इसी एकमात्र पाइपलाइन से प्रतिदिन सुबह 9 बजे से 11 बजे तक केवल दो घंटे जलापूर्ति की जाती है। सीमित समय तक मिलने वाले पानी के कारण सभी परिवारों की जरूरतें पूरी नहीं हो पा रही हैं। जलापूर्ति शुरू होते ही पानी भरने के लिए लोगों की लंबी कतार लग जाती है। महिलाओं का कहना है कि कई बार निर्धारित समय समाप्त होने से पहले ही पर्याप्त पानी नहीं मिल पाता, जिससे घरेलू कार्यों के साथ-साथ पेयजल की आवश्यकता पूरी करने में भी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। गर्मी और उमस भरे मौसम में यह समस्या और गंभीर रूप ले रही है, जिससे ग्रामीणों में नाराजगी बढ़ती जा रही है।

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ग्रामीणों ने प्रशासन और सेल प्रबंधन से लगाई गुहार

स्थानीय लोगों ने बताया कि वे लंबे समय से सेल प्रबंधन से एक अतिरिक्त पानी सप्लाई पाइपलाइन उपलब्ध कराने की मांग कर रहे हैं, ताकि बस्ती के सभी परिवारों को नियमित और पर्याप्त जलापूर्ति सुनिश्चित हो सके। ग्रामीणों का आरोप है कि कई बार मांग उठाने के बावजूद अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है। लोगों ने प्रशासन को भी आवेदन देकर पेयजल संकट के स्थायी समाधान की मांग की है, लेकिन स्थिति जस की तस बनी हुई है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि जल्द समाधान नहीं निकाला गया तो आने वाले दिनों में समस्या और विकराल हो सकती है। बस्तीवासियों ने सेल प्रबंधन और जिला प्रशासन से तत्काल हस्तक्षेप कर अतिरिक्त जलापूर्ति व्यवस्था शुरू करने तथा पेयजल संकट के स्थायी समाधान की दिशा में प्रभावी कदम उठाने की मांग की है, ताकि लोगों को राहत मिल सके।

Jamshedpur : ग्रेजुएट महाविद्यालय में कानूनी जागरूकता शिविर का आयोजन

छात्राओं को कानून और अधिकारों की दी गई जानकारी डालसा सचिव कुमार सौरभ त्रिपाठी ने छात्राओं को कानूनी प्रावधानों से

  • छात्राओं को कानून और अधिकारों की दी गई जानकारी
  • डालसा सचिव कुमार सौरभ त्रिपाठी ने छात्राओं को कानूनी प्रावधानों से कराया अवगत
  • महिलाओं के अधिकार और सुरक्षा कानूनों की दी गई विस्तृत जानकारी
  • डालसा से सहायता लेने की अपील, बड़ी संख्या में छात्राएं हुईं शामिल

जेबी लाइव, रिपोर्टर

जमशेदपुर : ग्रेजुएट महाविद्यालय के सभागार में गुरुवार को बीएड विभाग, राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस) एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकार (डालसा) के संयुक्त तत्वावधान में एक दिवसीय कानूनी जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में जिला विधिक सेवा प्राधिकार, जमशेदपुर के सचिव कुमार सौरभ त्रिपाठी उपस्थित रहे। वहीं वरिष्ठ मध्यस्थ अधिवक्ता के.के. सिन्हा, लीगल एड डिफेंस काउंसिल की सदस्य अधिवक्ता योगिता कुमारी तथा महाविद्यालय की प्राचार्या डॉ. वीणा सिंह प्रियदर्शी विशिष्ट अतिथि के रूप में मौजूद रहीं। कार्यक्रम की शुरुआत दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुई, जिसके बाद अतिथियों को पौधा भेंट कर सम्मानित किया गया। स्वागत भाषण में प्राचार्या डॉ. वीणा सिंह प्रियदर्शी ने कहा कि छात्राओं के लिए कानूनी जागरूकता अत्यंत आवश्यक है, क्योंकि अपने अधिकारों और कर्तव्यों की जानकारी होने पर ही वे समाज में आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ सकती हैं।

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पोक्सो एक्ट, महिलाओं के अधिकार और एफआईआर प्रक्रिया पर हुई चर्चा

मुख्य अतिथि कुमार सौरभ त्रिपाठी ने छात्राओं को पोक्सो एक्ट, भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की विभिन्न धाराओं, महिलाओं के मौलिक अधिकारों तथा कर्तव्यों के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने महिलाओं की पैतृक संपत्ति में हिस्सेदारी के कानूनी अधिकार को भी स्पष्ट किया। इसके अलावा उन्होंने गुड टच और बैड टच की पहचान, उनसे जुड़े अपराधों की सजा और कानूनी प्रावधानों पर विशेष रूप से प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि यदि किसी व्यक्ति की एफआईआर थाना में दर्ज नहीं की जाती है तो उसके लिए कानून में क्या वैकल्पिक प्रावधान उपलब्ध हैं। इस दौरान छात्राओं ने भी कई प्रश्न पूछे, जिनका विशेषज्ञों ने सरल भाषा में उत्तर दिया। कार्यक्रम का उद्देश्य छात्राओं को कानूनी रूप से जागरूक बनाकर उन्हें अपने अधिकारों के प्रति सजग करना था।

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घरेलू हिंसा, बाल विवाह और मानव तस्करी जैसे विषयों पर भी हुई चर्चा

कार्यक्रम में वरिष्ठ अधिवक्ता के.के. सिन्हा और लीगल एड डिफेंस काउंसिल की सदस्य अधिवक्ता योगिता कुमारी ने महिलाओं के अधिकार, घरेलू हिंसा, बाल विवाह, मानव तस्करी, डायन प्रथा एवं डालसा के कार्यों और उद्देश्यों पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने बताया कि किसी भी कानूनी समस्या या सहायता की आवश्यकता होने पर लोग जिला विधिक सेवा प्राधिकार से निःशुल्क मदद प्राप्त कर सकते हैं। कार्यक्रम का संचालन बीएड विभागाध्यक्ष डॉ. विश्वेश्वर यादव ने किया। शिविर को सफल बनाने में पीएलवी नागेंद्र कुमार, दिलीप जायसवाल, संजय कुमार तिवारी, आशीष प्रजापति, दीपिका कुजूर तथा डॉ. निशा कोंगारी की महत्वपूर्ण भूमिका रही। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में शिक्षक-शिक्षिकाएं और छात्राएं उपस्थित रहीं तथा कानूनी अधिकारों और सुरक्षा संबंधी महत्वपूर्ण जानकारियां प्राप्त कीं।

Ghatsila : घाटशिला कॉलेज में सीट कटौती के विरोध को मिला मूलनिवासी संघ का समर्थन

दो दिन में समाधान नहीं हुआ तो भूख हड़ताल की चेतावनी छात्र आंदोलन के समर्थन में उतरा झारखंडी भाषा भाषी

  • दो दिन में समाधान नहीं हुआ तो भूख हड़ताल की चेतावनी
  • छात्र आंदोलन के समर्थन में उतरा झारखंडी भाषा भाषी मूलनिवासी संघ
  • हजारों विद्यार्थियों के शिक्षा अधिकार पर पड़ सकता है असर
  • छात्रों के समर्थन में आंदोलन तेज करने की तैयारी

जेबी लाइव, रिपोर्टर

घाटशिला : घाटशिला महाविद्यालय में विभिन्न विषयों की सीटों में की गई कटौती के विरोध में छात्र-छात्राओं द्वारा 5 अगस्त से चल रहे धरना-प्रदर्शन और भूख हड़ताल को गुरुवार को झारखंडी भाषा भाषी मूलनिवासी संघ का समर्थन मिल गया। संघ के प्रतिनिधिमंडल ने आंदोलनरत छात्रों से मुलाकात कर उन्हें समर्थन पत्र सौंपा और उनकी मांगों को जायज बताया। इसके बाद प्रतिनिधिमंडल ने महाविद्यालय के प्राचार्य आर.के. चौधरी से मुलाकात कर सीट कटौती के संबंध में वस्तुस्थिति की जानकारी ली। संघ के केंद्रीय अध्यक्ष संजय बेहरा ने कहा कि पहले विद्यालयों को विलय के नाम पर कमजोर किया गया और अब सरकारी महाविद्यालयों की सीटें घटाकर निजी शिक्षण संस्थानों को बढ़ावा देने की साजिश रची जा रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि शिक्षा व्यवस्था को उद्योग की तरह संचालित करने की कोशिश की जा रही है, जिसका सीधा नुकसान गरीब और ग्रामीण छात्रों को उठाना पड़ रहा है।

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सरकारी महाविद्यालयों की सीटें घटाने पर जताई नाराजगी

संघ के केंद्रीय प्रवक्ता रामचन्द्र सोरेन ने आरोप लगाया कि पूरे झारखंड में सरकारी महाविद्यालयों की सीटें कम कर निजी संस्थानों को लाभ पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने इसके लिए केंद्र और राज्य सरकार दोनों को जिम्मेदार ठहराया। जिला अध्यक्ष आनन्द हेम्ब्रम ने कहा कि घाटशिला अनुमंडल का यह एकमात्र सरकारी महाविद्यालय है, जहां ग्रामीण और दूर-दराज क्षेत्रों के हजारों छात्र-छात्राएं उच्च शिक्षा के लिए नामांकन कराते हैं। ऐसे में विषयवार सीटों में कटौती से विद्यार्थियों के भविष्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा और कई छात्र उच्च शिक्षा से वंचित हो सकते हैं। उन्होंने राज्य के शिक्षा मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू से तत्काल हस्तक्षेप कर इस समस्या का समाधान निकालने की मांग की।

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दो दिनों में निर्णय नहीं हुआ तो संघ भी करेगा भूख हड़ताल

आनन्द हेम्ब्रम ने चेतावनी दी कि यदि अगले दो दिनों के भीतर सीट कटौती के मुद्दे पर कोई सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया, तो झारखंडी भाषा भाषी मूलनिवासी संघ के पदाधिकारी भी छात्रों के समर्थन में भूख हड़ताल पर बैठेंगे। उन्होंने कहा कि शिक्षा से जुड़े इस मुद्दे पर संगठन पीछे नहीं हटेगा और छात्रों के अधिकारों की रक्षा के लिए हर स्तर पर संघर्ष करेगा। इस दौरान केंद्रीय सचिव सुनील माद्री, जिला अध्यक्ष आनन्द हेम्ब्रम, रवि मुखी सहित संघ के कई पदाधिकारी और कार्यकर्ता उपस्थित रहे। सभी ने एक स्वर में सीट कटौती का निर्णय वापस लेने और विद्यार्थियों के हितों की रक्षा करने की मांग की।

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