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Jamshedpur : इमामबाड़ा मैदान की चहारदीवारी का विरोध, रेलवे का काम रुका

  • किताडीह रेलवे इंजीनियरिंग कॉलोनी के पास स्थानीय लोगों में आक्रोश
  • सामाजिक-धार्मिक गतिविधियों का केंद्र रहा है मैदान
  • डीआरएम से मिलने की तैयारी में स्थानीय लोग

जेबी लाइव, रिपोर्टर

किताडीह स्थित रेलवे इंजीनियरिंग कॉलोनी के समीप इमामबाड़ा मैदान को रेलवे द्वारा चहारदीवारी किए जाने के प्रयास का स्थानीय लोगों ने कड़ा विरोध किया है। क्षेत्रवासियों का कहना है कि यह मैदान वर्षों से सामाजिक, धार्मिक और खेलकूद गतिविधियों का प्रमुख केंद्र रहा है और इसे बिना किसी स्पष्ट आवश्यकता के घेरना जनभावनाओं के खिलाफ है। विरोध के कारण रेलवे की ओर से शुरू किया जाने वाला निर्माण कार्य फिलहाल रोक दिया गया है, लेकिन इलाके में इस मुद्दे को लेकर तनाव और चर्चाओं का माहौल बना हुआ है। स्थानीय लोगों का कहना है कि मैदान से लोगों की भावनाएं जुड़ी हुई हैं और अचानक इसे बंद करने का फैसला स्वीकार्य नहीं है।

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मैदान को लेकर स्थानीय लोगों की आपत्ति

स्थानीय लोगों के अनुसार यह क्षेत्र मुस्लिम बहुल है और इसी मैदान से हर वर्ष मुहर्रम का अखाड़ा निकाला जाता है। इसके अलावा ख्वाजा साहब का उर्स भी लंबे समय से इसी मैदान में आयोजित होता आ रहा है, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल होते हैं। क्षेत्रवासियों का कहना है कि मैदान का उपयोग शादी-विवाह, खेलकूद, सामूहिक बैठकों और अन्य सामाजिक कार्यक्रमों के लिए भी नियमित रूप से किया जाता रहा है। यदि मैदान की चहारदीवारी कर दी गई तो आम लोगों की सुविधाएं समाप्त हो जाएंगी और धार्मिक व सामाजिक गतिविधियों पर सीधा असर पड़ेगा। इसी कारण लोगों में गहरा रोष देखा जा रहा है।

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रेलवे टीम को लौटना पड़ा, आंदोलन की चेतावनी

स्थानीय मुहर्रम कमेटी ने रेलवे की इस कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए कहा है कि यदि रेलवे को वास्तव में इस जमीन की आवश्यकता है तो उसके उपयोग की स्पष्ट जानकारी सार्वजनिक की जाए। कमेटी का कहना है कि बिना किसी ठोस वजह के मैदान को घेरना उचित नहीं है। बताया गया कि सोमवार को रेलवे की टीम जेसीबी मशीन लेकर मैदान पहुंची थी और चहारदीवारी का काम शुरू करने की तैयारी कर रही थी, तभी स्थानीय लोग मौके पर जुट गए और विरोध शुरू कर दिया। तीव्र विरोध के चलते रेलवे टीम को बिना काम शुरू किए ही लौटना पड़ा। क्षेत्रवासियों ने इस मामले की सूचना रेलवे के आईओडब्ल्यू विभाग को दे दी है और जल्द ही एक प्रतिनिधिमंडल डीआरएम से मुलाकात कर अपनी मांगें रखेगा।

Manoharpur : दो साल तक बंद रही अल्ट्रासाउंड मशीन चाईबासा शिफ्ट, मनोहरपुर की उम्मीदों को लगा झटका

तकनीशियन के अभाव में नहीं हो सका संचालन, अब मशीन हटने से ग्रामीणों में नाराजगी मशीन हटने पर ग्रामीणों ने

  • तकनीशियन के अभाव में नहीं हो सका संचालन, अब मशीन हटने से ग्रामीणों में नाराजगी
  • मशीन हटने पर ग्रामीणों ने उठाए स्वास्थ्य व्यवस्था पर सवाल

जेबी लाइव, रिपोर्टर

मनोहरपुर : मनोहरपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) में स्वास्थ्य सुविधाओं की स्थिति को उजागर करने वाला एक मामला सामने आया है। करीब दो वर्ष पहले अस्पताल में स्थापित की गई अल्ट्रासाउंड मशीन तकनीशियन के अभाव में अब तक चालू नहीं हो सकी और बिना उपयोग के ही ओटी रूम में पड़ी रही। जब यह मशीन सीएचसी में लगाई गई थी, तब क्षेत्र के लोगों को उम्मीद थी कि गर्भवती महिलाओं समेत अन्य मरीजों को जांच के लिए चाईबासा या रांची का रुख नहीं करना पड़ेगा। लेकिन आवश्यक मानव संसाधन की व्यवस्था नहीं होने से यह सुविधा कागजों तक ही सीमित रह गई। मशीन के उपयोग में नहीं आने से स्थानीय लोगों में लंबे समय से नाराजगी बनी हुई थी।

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तकनीशियन नहीं मिलने से दो साल तक बंद रही मशीन

बीते 24 सितंबर को पश्चिम सिंहभूम के उपायुक्त मनीष कुमार ने मनोहरपुर प्रखंड दौरे के दौरान सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र का निरीक्षण किया था। निरीक्षण के दौरान उन्होंने ओटी रूम में रखी बंद पड़ी अल्ट्रासाउंड मशीन के बारे में जानकारी ली। अधिकारियों ने उन्हें बताया कि तकनीशियन नहीं होने के कारण मशीन का संचालन संभव नहीं हो पा रहा है। इस पर उपायुक्त ने जिला खनिज फाउंडेशन ट्रस्ट (डीएमएफटी) फंड से तकनीशियन उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया था। उपायुक्त के इस आश्वासन से स्थानीय लोगों में एक बार फिर उम्मीद जगी थी कि जल्द ही मशीन चालू होगी और मरीजों को स्थानीय स्तर पर जांच की सुविधा मिल सकेगी।

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उपायुक्त के आश्वासन से जगी थी नई उम्मीद

हालांकि, लोगों की उम्मीदों को उस समय बड़ा झटका लगा जब निरीक्षण के महज 12 दिन बाद 6 अक्टूबर को उक्त अल्ट्रासाउंड मशीन को सदर अस्पताल चाईबासा भेज दिया गया। मशीन हटाए जाने की खबर फैलते ही स्थानीय लोगों ने नाराजगी जताई और इसे ग्रामीण क्षेत्र की स्वास्थ्य सुविधाओं के साथ अन्याय बताया। उनका कहना है कि जिला मुख्यालय के अस्पताल में पहले से कई सुविधाएं उपलब्ध हैं, जबकि मनोहरपुर जैसे आदिवासी बहुल और दूरस्थ क्षेत्र में ऐसी सुविधाओं की अधिक आवश्यकता है। लोगों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि सीएचसी में पुनः अल्ट्रासाउंड मशीन उपलब्ध कराई जाए तथा तकनीशियन की नियुक्ति सुनिश्चित की जाए, ताकि क्षेत्र की जनता को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं मिल सकें।

Jamshedpur : बर्मामाइंस में प्रशासन का बड़ा एक्शन, 17 दुकानों से हटाया गया अतिक्रमण

टाटा स्टील के आवेदन पर सरकारी जमीन को कराया गया अतिक्रमण मुक्त, पुलिस बल की मौजूदगी में चली कार्रवाई साकची

  • टाटा स्टील के आवेदन पर सरकारी जमीन को कराया गया अतिक्रमण मुक्त, पुलिस बल की मौजूदगी में चली कार्रवाई
  • साकची में भी अतिक्रमण हटाने की तैयारी तेज

जेबी लाइव, रिपोर्टर

जमशेदपुर : सरकारी भूमि पर अवैध कब्जे के खिलाफ जिला प्रशासन ने मंगलवार को बर्मामाइंस थाना क्षेत्र में बड़ी कार्रवाई करते हुए करीब 17 दुकानों को हटाकर जमीन को अतिक्रमण मुक्त कराया। यह कार्रवाई स्टार टॉकीज के समीप आशीर्वाद होटल के पीछे स्थित सरकारी भूमि पर की गई। अनुमंडल प्रशासन के निर्देश पर दंडाधिकारी की मौजूदगी में पुलिस बल और राजस्व विभाग के अधिकारियों की टीम मौके पर पहुंची और चिह्नित अतिक्रमण को हटाने की प्रक्रिया शुरू की। प्रशासनिक अधिकारियों ने बताया कि उक्त भूमि पर अतिक्रमण की शिकायत टाटा स्टील की ओर से की गई थी, जिसके बाद मामले की जांच और कानूनी प्रक्रिया पूरी कर कार्रवाई की गई।

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टाटा स्टील के आवेदन पर प्रशासन ने शुरू की कार्रवाई

प्रशासन के अनुसार, अतिक्रमणकारियों को पूर्व में नोटिस जारी कर निर्धारित समय सीमा के भीतर सरकारी भूमि खाली करने का निर्देश दिया गया था। इसके बावजूद संबंधित लोगों द्वारा अतिक्रमण नहीं हटाया गया। इसके बाद अतिक्रमणवाद में पारित आदेश के आधार पर प्रशासन ने सख्त कदम उठाते हुए बुलडोजर और अन्य संसाधनों की मदद से दुकानों तथा अस्थायी निर्माणों को हटाया। अधिकारियों का कहना है कि कार्रवाई पूरी तरह कानूनी प्रक्रिया के तहत की गई है। मौके पर मौजूद प्रशासनिक अधिकारियों ने अतिक्रमण हटाने की पूरी प्रक्रिया की निगरानी की और स्थिति को नियंत्रित बनाए रखा।

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नोटिस के बाद भी कब्जा नहीं हटाने पर चला बुलडोजर

कार्रवाई के दौरान किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए पर्याप्त संख्या में पुलिस बल की तैनाती की गई थी। नियुक्त दंडाधिकारी ने बताया कि सरकारी भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराना प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है और इसी उद्देश्य से यह अभियान चलाया गया। उन्होंने कहा कि संबंधित अतिक्रमणवाद में पारित आदेश के अनुपालन में कार्रवाई की गई है। प्रशासन ने यह भी स्पष्ट किया कि भविष्य में भी सरकारी भूमि पर अवैध कब्जे के मामलों में इसी तरह सख्ती बरती जाएगी। अधिकारियों ने लोगों से सरकारी भूमि पर किसी प्रकार का अवैध निर्माण या कब्जा नहीं करने की अपील की है।

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दंडाधिकारी की मौजूदगी में शांतिपूर्ण ढंग से हुई कार्रवाई

इधर, जिला प्रशासन ने साकची थाना क्षेत्र में भी अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई को लेकर तैयारी तेज कर दी है। प्रशासन की ओर से जारी सूची के अनुसार विभिन्न अतिक्रमणवादों में पारित आदेशों के आधार पर सरकारी भूमि को चिह्नित कर कार्रवाई की जानी है। संबंधित राजस्व अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि वे मौके पर उपस्थित रहकर दंडाधिकारी को आवश्यक सहयोग प्रदान करें। अधिकारियों ने कहा कि यदि किसी मामले में न्यायालय का आदेश प्रस्तुत किया जाता है तो उसका विधिक परीक्षण कर नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन ने स्पष्ट संकेत दिया है कि सरकारी जमीन पर अवैध कब्जे के खिलाफ अभियान आगे भी जारी रहेगा।

Chandil : चांडिल क्रॉसिंग पर टेलर की चपेट में आए बाइक सवार, छात्र की मौत, एक गंभीर

सुरक्षा संकेतकों के अभाव पर उठे सवाल, स्थानीय लोगों ने एनएचआई और निर्माण एजेंसी को ठहराया जिम्मेदार हादसे के बाद

  • सुरक्षा संकेतकों के अभाव पर उठे सवाल, स्थानीय लोगों ने एनएचआई और निर्माण एजेंसी को ठहराया जिम्मेदार
  • हादसे के बाद टेलर जब्त, चालक की तलाश जारी

जेबी लाइव, रिपोर्टर

चांडिल : चांडिल थाना क्षेत्र के जमशेदपुर-रांची मार्ग और कांड्रा मार्ग क्रॉसिंग के समीप मंगलवार सुबह एक दर्दनाक सड़क हादसे में बाइक सवार युवक की मौत हो गई, जबकि उसका साथी गंभीर रूप से घायल हो गया। जानकारी के अनुसार सुबह करीब 10 बजे तेज रफ्तार और अनियंत्रित टेलर की चपेट में आने से छोटा गम्हरिया निवासी प्रेम महतो (20) की घटनास्थल पर ही मौत हो गई। वहीं, घायल समीर दास को पहले चांडिल अनुमंडल अस्पताल ले जाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद परिजन उसे बेहतर इलाज के लिए जमशेदपुर ले गए। दोनों युवक हाल ही में चांडिल पॉलीटेक्निक में नामांकन लेकर पढ़ाई शुरू किए थे और बाइक से कॉलेज आ रहे थे।

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पॉलीटेक्निक के दो छात्रों के साथ हुआ दर्दनाक हादसा

हादसे के बाद स्थानीय लोगों में आक्रोश देखा गया। लोगों का कहना है कि निर्माणाधीन राष्ट्रीय राजमार्ग-33 पर सुरक्षा मानकों की अनदेखी की जा रही है। जिस स्थान पर दुर्घटना हुई, वहां न तो पर्याप्त डिवाइडर लगाए गए हैं और न ही क्रॉसिंग सूचक या अन्य चेतावनी संकेतक मौजूद हैं। सरायकेला-कांड्रा मार्ग को जोड़ने वाली इस महत्वपूर्ण क्रॉसिंग पर रोजाना बड़ी संख्या में वाहन गुजरते हैं, लेकिन सुरक्षा व्यवस्था के अभाव में दुर्घटनाओं का खतरा लगातार बना रहता है। स्थानीय लोगों ने कहा कि समय रहते आवश्यक इंतजाम किए जाते तो यह हादसा टाला जा सकता था।

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सुरक्षा संकेतकों की कमी से बढ़ रहा दुर्घटना का खतरा

समाजसेवी अरुण बागड़िया ने दुर्घटना के लिए एनएचआई और निर्माण एजेंसी की लापरवाही को जिम्मेदार ठहराते हुए प्रशासन से तत्काल सुरक्षा उपाय सुनिश्चित करने की मांग की है। उन्होंने दुर्घटना संभावित स्थानों पर संकेतक, बैरिकेडिंग और डिवाइडर लगाने की आवश्यकता बताई। इधर, चांडिल पुलिस ने दुर्घटना में शामिल टेलर संख्या NL-01-5754 को जब्त कर लिया है। हादसे के बाद चालक वाहन छोड़कर फरार हो गया। पुलिस मामले की जांच में जुटी है और चालक की तलाश की जा रही है।

Gua : गुवा बाजार में नाली का गंदा पानी बना परेशानी का सबब, दुकानदारों ने की स्थायी समाधान की मांग

दुकानों के सामने जलजमाव से व्यापार प्रभावित, राहगीरों को भी हो रही कठिनाई दुकानदारों ने प्रशासन से की स्थायी निकासी

  • दुकानों के सामने जलजमाव से व्यापार प्रभावित, राहगीरों को भी हो रही कठिनाई
  • दुकानदारों ने प्रशासन से की स्थायी निकासी व्यवस्था की मांग

जेबी लाइव, रिपोर्टर

गुवा : गुवा बाजार में नाली का गंदा पानी बहने से दुकानदारों और बाजार आने वाले लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। स्थानीय दुकानदारों के अनुसार धीपा साई की ओर से आने वाली नाली का पानी बाजार की मुख्य दुकानों के सामने से होकर गुजर रहा है। जूता-चप्पल की दुकानों के सामने से बहता यह गंदा पानी इलेक्ट्रिक दुकान, राशन दुकान और मुर्गा दुकान तक पहुंच रहा है। लगातार बहते गंदे पानी के कारण दुकानों के सामने जलजमाव की स्थिति बनी हुई है, जिससे ग्राहकों को आने-जाने में कठिनाई हो रही है। कई दुकानदारों ने बताया कि इस समस्या के कारण उनके व्यवसाय पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है।

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नाली के गंदे पानी से प्रभावित हो रहा बाजार का कारोबार

दुकानदारों का कहना है कि नाली की नियमित सफाई नहीं होने तथा पानी की समुचित निकासी की व्यवस्था नहीं रहने के कारण समस्या दिनों-दिन गंभीर होती जा रही है। गंदे पानी के कारण दुकानों के आसपास साफ-सफाई बनाए रखना मुश्किल हो गया है। वहीं बाजार में खरीदारी के लिए आने वाले लोगों को भी गंदे पानी के बीच से होकर गुजरना पड़ता है। बरसात के दिनों में स्थिति और अधिक खराब हो जाती है, जिससे फिसलन और दुर्घटना की आशंका भी बनी रहती है। स्थानीय लोगों का कहना है कि समय पर सफाई और रखरखाव होने से इस समस्या को काफी हद तक कम किया जा सकता है।

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नियमित सफाई के अभाव में बढ़ रही जलजमाव की समस्या

स्थानीय दुकानदारों ने संबंधित विभाग और प्रशासनिक अधिकारियों से जल्द हस्तक्षेप कर समस्या का समाधान करने की मांग की है। उनका कहना है कि बाजार क्षेत्र में नाली की सफाई कर पानी निकासी की स्थायी व्यवस्था सुनिश्चित की जाए, ताकि दुकानदारों और आम लोगों को राहत मिल सके। दुकानदारों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो समस्या और विकराल रूप ले सकती है। लोगों का मानना है कि बाजार क्षेत्र की स्वच्छता और सुगम आवागमन के लिए स्थायी समाधान बेहद जरूरी है।

Ranchi : तृषा सिंह के श्राद्ध कर्म में पहुंचे बन्ना गुप्ता और मेयर सुधा गुप्ता, दी श्रद्धांजलि

शोकाकुल परिवार से मिलकर जताई संवेदना, तृषा के चित्र पर पुष्प अर्पित कर दी श्रद्धांजलि सड़क हादसे में तृषा समेत

  • शोकाकुल परिवार से मिलकर जताई संवेदना, तृषा के चित्र पर पुष्प अर्पित कर दी श्रद्धांजलि
  • सड़क हादसे में तृषा समेत चार लोगों की हुई थी मौत

जेबी लाइव, रिपोर्टर

रांची : झारखंड सरकार की ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज मंत्री दीपिका पांडेय सिंह की पुत्री स्वर्गीय तृषा सिंह के श्राद्ध कर्म में पूर्व मंत्री बन्ना गुप्ता एवं मानगो नगर निगम की मेयर सुधा गुप्ता शामिल हुए। दोनों ने शोकाकुल परिवार से मुलाकात कर अपनी गहरी संवेदना व्यक्त की। इसके बाद स्वर्गीय तृषा सिंह के चित्र पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी। इस दौरान उन्होंने परिवार को दुख की घड़ी में धैर्य रखने की सांत्वना दी।

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शोकाकुल परिवार से मिले बन्ना गुप्ता और सुधा गुप्ता

स्वर्गीय तृषा सिंह का सितंबर में जमशेदपुर में हुए एक दर्दनाक सड़क हादसे में असामयिक निधन हो गया था। हादसे में तृषा समेत चार लोगों की जान चली गई थी। घटना के बाद से परिवार, रिश्तेदारों और शुभचिंतकों के बीच गहरा शोक व्याप्त है। श्राद्ध कर्म में शामिल लोगों ने दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की और परिवार को इस कठिन समय में संबल प्रदान करने की कामना की।

Potka : पोटका में कौशल अमीन प्रशिक्षण के लिए नामांकन शुरू, 18 अक्टूबर से कक्षाएं

15 अक्टूबर तक करा सकते हैं नामांकन, मैट्रिक से उच्च योग्यता वाले अभ्यर्थी ले सकेंगे प्रशिक्षण अमीन प्रशिक्षण के लिए

  • 15 अक्टूबर तक करा सकते हैं नामांकन, मैट्रिक से उच्च योग्यता वाले अभ्यर्थी ले सकेंगे प्रशिक्षण
  • अमीन प्रशिक्षण के लिए शुल्क और नामांकन की प्रक्रिया जारी

जेबी लाइव, रिपोर्टर

पोटका : झारखंड के बेरोजगार युवाओं को अमीन के क्षेत्र में कौशल प्रशिक्षण उपलब्ध कराने के उद्देश्य से पोटका प्रखंड सह अंचल कार्यालय के सहयोग से कौशल अमीन तकनीकी प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है। नव भारत निर्माण संस्थान के निर्देशन में होने वाले प्रशिक्षण के लिए नामांकन प्रक्रिया 5 अक्टूबर से शुरू हो गई है, जो 15 अक्टूबर 2026 तक चलेगी। इच्छुक अभ्यर्थी सुबह 11 बजे से शाम तीन बजे तक नामांकन करा सकते हैं। प्रशिक्षण का शुभारंभ 18 अक्टूबर 2026 से होगा और इसकी अवधि दो माह निर्धारित की गई है। प्रत्येक रविवार को तीन घंटे की कक्षा आयोजित होगी। आवश्यकता पड़ने पर शनिवार को भी कक्षा संचालित की जा सकती है।

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पोटका में युवाओं के लिए अमीन प्रशिक्षण का अवसर

प्रशिक्षण के दौरान अमीन कार्य में उपयोग होने वाले विभिन्न उपकरणों और तकनीकी प्रक्रियाओं की जानकारी दी जाएगी। इसमें प्रकाश, डायगोनल स्केल ब्रास, जरीब समेत अन्य उपकरणों के उपयोग का प्रशिक्षण शामिल है। मैट्रिक, इंटरमीडिएट तथा इससे अधिक शैक्षणिक योग्यता रखने वाले अभ्यर्थी प्रशिक्षण के लिए नामांकन करा सकते हैं। प्रशिक्षण के साथ झारखंड पुलिस, उत्पाद सिपाही, एसएससी जीडी, रेलवे ग्रुप डी सहित विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं में अमीन से संबंधित महत्वपूर्ण प्रश्नों की विशेष तैयारी भी कराई जाएगी। प्रशिक्षण के बाद सरकारी और गैर सरकारी संस्थानों तथा विभिन्न विभागों में अमीन से जुड़े कार्यों और रोजगार के अवसरों की जानकारी भी उपलब्ध कराने की बात कही गई है।

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अमीन तकनीकी प्रशिक्षण में प्रतियोगी परीक्षाओं की भी होगी तैयारी

प्रशिक्षण के लिए शुल्क 350 रुपये निर्धारित किया गया है। अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, दिव्यांग और महिला अभ्यर्थियों को शुल्क में 50 रुपये की विशेष छूट दी जाएगी। नामांकन के समय अभ्यर्थियों को पासपोर्ट साइज फोटो और शैक्षणिक योग्यता प्रमाण-पत्र साथ लाने को कहा गया है। आयोजकों के अनुसार प्रशिक्षण पूरा होने के बाद परीक्षा आयोजित की जाएगी और सफल प्रशिक्षित अभ्यर्थियों को प्रमाण-पत्र उपलब्ध कराया जाएगा। प्रशिक्षण से संबंधित अधिक जानकारी के लिए इच्छुक अभ्यर्थी प्रशिक्षण प्रभारी से संपर्क कर सकते हैं। इसके लिए 7858017098 और 6287105001 मोबाइल नंबर जारी किए गए हैं।

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