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Seraikela : बाल विवाह पर सख्ती की तैयारी : सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों पर सरायकेला-खरसावां में व्यापक मंथन

  • NALSA (ASHA) योजना के तहत बैठक, JMFC को निषेधाज्ञा अधिकार पर विशेष जोर
  • 100 दिवसीय एक्शन प्लान से बदलेगा बाल संरक्षण का परिदृश्य

जेबी लाइव, रिपोर्टर

बाल विवाह की रोकथाम और बच्चों के मौलिक अधिकारों की रक्षा को लेकर सरायकेला-खरसावां जिले में एक महत्वपूर्ण पहल देखने को मिली। Society for Enlightenment and Voluntary Action एवं अन्य बनाम भारत संघ मामले में माननीय सर्वोच्च न्यायालय द्वारा जारी दिशानिर्देशों के आलोक में जिले में गहन विचार-विमर्श किया गया। यह चर्चा NALSA (ASHA) योजना के अंतर्गत आयोजित बैठक में हुई, जिसमें बाल विवाह को सामाजिक कुरीति बताते हुए इसे जड़ से समाप्त करने की आवश्यकता पर बल दिया गया। बैठक का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना रहा कि न्यायिक और प्रशासनिक तंत्र समय रहते हस्तक्षेप कर बच्चों को कानूनी संरक्षण उपलब्ध करा सके और बाल विवाह जैसी घटनाओं को होने से पहले ही रोका जा सके।

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बाल अधिकारों की सुरक्षा पर सुप्रीम कोर्ट की सख्त टिप्पणी

यह बैठक माननीय झारखंड राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, रांची के दिशा-निर्देशों के अनुपालन में तथा प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश-सह-अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, सरायकेला-खरसावां रामाशंकर सिंह के मार्गदर्शन में आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता Learned Secretary, DLSA सरायकेला-खरसावां तौसीफ मेराज ने की। उन्होंने उपस्थित अधिकारियों और प्रतिनिधियों को NALSA (ASHA) योजना के उद्देश्यों, इसकी कार्य-प्रणाली और समाज पर पड़ने वाले सकारात्मक प्रभावों के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने कहा कि यह योजना विशेष रूप से बच्चों, महिलाओं और कमजोर वर्गों तक न्याय की पहुंच सुनिश्चित करने की दिशा में एक सशक्त माध्यम है।

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NALSA (ASHA) योजना से कैसे बदलेगी जमीनी हकीकत

बैठक में सुप्रीम कोर्ट द्वारा जारी मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) पर विशेष चर्चा की गई। इसमें यह स्पष्ट किया गया कि न्यायालय ने ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट फर्स्ट क्लास (JMFC) तक के न्यायिक अधिकारियों को बाल विवाह के मामलों में निषेधाज्ञा जारी करने का अधिकार दिया है। इसका अर्थ यह है कि संभावित बाल विवाह की सूचना मिलने पर न्यायिक अधिकारी स्वतः संज्ञान लेते हुए तत्काल आदेश पारित कर सकते हैं, जिससे विवाह को संपन्न होने से पहले ही रोका जा सके। उपस्थित अधिकारियों ने इस प्रावधान को त्वरित न्याय और प्रभावी हस्तक्षेप की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम बताया, जो बच्चों के शिक्षा, स्वास्थ्य, गरिमा और स्वतंत्र जीवन के अधिकारों की रक्षा करेगा।

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JMFC को मिले नए अधिकार, बाल विवाह पर लगेगी लगाम

बैठक के दौरान दो ऐसे बच्चों की पहचान की गई, जिन्हें NALSA (ASHA) योजना के अंतर्गत तत्काल सहायता की आवश्यकता है। Secretary, DLSA ने बताया कि इन बच्चों के लिए कानूनी सहायता, संरक्षण, परामर्श और पुनर्वास से संबंधित प्रक्रिया शीघ्र प्रारंभ की जाएगी। साथ ही यह भी सुनिश्चित किया जाएगा कि उन्हें सरकार द्वारा संचालित विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं का लाभ समय पर मिले। इस अवसर पर जिला बाल संरक्षण पदाधिकारी (DCPO), बाल कल्याण समिति (CWC) के सदस्य, तथा अन्य संबंधित विभागों और सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि भी मौजूद रहे। सभी ने बच्चों के हित में आपसी समन्वय और सहयोग को और मजबूत करने पर सहमति जताई।

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बाल संरक्षण के लिए विभागों के बीच बढ़ेगा समन्वय

बैठक में NALSA (ASHA) 100 दिवसीय एक्शन प्लान पर भी विस्तृत चर्चा हुई। Secretary, DLSA ने कहा कि यह एक्शन प्लान समाज के सबसे कमजोर और वंचित वर्ग तक न्याय पहुंचाने का एक सशक्त अभियान है। उन्होंने सभी विभागों, संस्थाओं और सामाजिक संगठनों से इसमें सक्रिय भागीदारी निभाने का आह्वान किया। बैठक के अंत में सभी प्रतिभागियों ने यह सामूहिक संकल्प लिया कि वे सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों और NALSA (ASHA) योजना को जमीनी स्तर पर प्रभावी ढंग से लागू करेंगे। यह बैठक जिले में बाल विवाह की रोकथाम, बच्चों के संरक्षण और न्याय तक पहुंच सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण और सकारात्मक कदम के रूप में देखी जा रही है।

Jamshedpur : सेंट्रल गुरुद्वारा कमेटी ने शिबू सोरेन की पहली पुण्यतिथि पर दी श्रद्धांजलि, प्रतिमा पर किया माल्यार्पण

सिख समुदाय ने झारखंड जनक के योगदान को किया नमन जेबी लाइव, रिपोर्टर जमशेदपुर : झारखंड जनक एवं पद्म भूषण

  • सिख समुदाय ने झारखंड जनक के योगदान को किया नमन

जेबी लाइव, रिपोर्टर

जमशेदपुर : झारखंड जनक एवं पद्म भूषण दिशोम गुरु शिबू सोरेन की पहली पुण्यतिथि के अवसर पर सिख समुदाय की ओर से सेंट्रल गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (सीजीपीसी) ने सोनारी स्थित उनकी आदमकद प्रतिमा पर माल्यार्पण कर श्रद्धासुमन अर्पित किए। इस अवसर पर कमेटी के पदाधिकारियों और सदस्यों ने शिबू सोरेन के संघर्षमय जीवन, झारखंड आंदोलन में उनके योगदान तथा आदिवासी, दलित एवं वंचित समाज के अधिकारों के लिए किए गए कार्यों को याद किया। कार्यक्रम के दौरान झारखंड मुक्ति मोर्चा के नेता पवन सिंह को भी सम्मानित किया गया। उन्हें शिबू सोरेन की आदमकद प्रतिमा स्थापना में उल्लेखनीय भूमिका निभाने के लिए शॉल और बुके भेंट कर सम्मान प्रदान किया गया।

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शिबू सोरेन के त्याग और संघर्ष को बताया प्रेरणादायक

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सीजीपीसी प्रधान भगवान सिंह ने कहा कि शिबू सोरेन ने झारखंड आंदोलन को नई दिशा देने के साथ-साथ समाज के कमजोर वर्गों के अधिकारों की लड़ाई को मजबूत किया। वहीं चेयरमैन सरदार शैलेंद्र सिंह ने कहा कि झारखंड जनक द्वारा राज्य और समाज के लिए किए गए त्याग और संघर्ष को कभी भुलाया नहीं जा सकता। उन्होंने कहा कि उनके विचार और कार्य आने वाली पीढ़ियों को प्रेरित करते रहेंगे। इस अवसर पर वरीय उपाध्यक्ष सुखविंदर सिंह राजू, महासचिव गुरुचरण सिंह बिल्ला, कोषाध्यक्ष गुरनाम सिंह बेदी, सलाहकार परविंदर सिंह सोहल, जसवंत सिंह जसु, सुखदेव सिंह बिट्टू, सुखवंत सिंह सुक्कू, सरबजीत सिंह ग्रेवाल, हरदीप सिंह दीपी, विक्की सिंह सहित अन्य गणमान्य लोग उपस्थित रहे।

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पूर्वी सिंहभूम उपायुक्त कार्यालय के समक्ष छात्रों के समर्थन में हुआ प्रदर्शन जेबी लाइव, रिपोर्टर जमशेदपुर : झारखंड लोकतांत्रिक क्रांतिकारी

  • पूर्वी सिंहभूम उपायुक्त कार्यालय के समक्ष छात्रों के समर्थन में हुआ प्रदर्शन

जेबी लाइव, रिपोर्टर

जमशेदपुर : झारखंड लोकतांत्रिक क्रांतिकारी मोर्चा (JLKM) ने JPSC, JSSC एवं विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं और धांधली के विरोध में मंगलवार को पूर्वी सिंहभूम उपायुक्त कार्यालय के समक्ष एक दिवसीय शांतिपूर्ण धरना-प्रदर्शन आयोजित किया। यह कार्यक्रम पार्टी के केंद्रीय नेतृत्व के निर्देश पर राज्य के सभी 24 जिलों में चलाए गए विरोध कार्यक्रम का हिस्सा था। धरना में पार्टी पदाधिकारियों, कार्यकर्ताओं, छात्र-युवाओं और बड़ी संख्या में समर्थकों ने भाग लिया। प्रदर्शनकारियों ने भर्ती प्रक्रियाओं में पारदर्शिता सुनिश्चित करने तथा छात्रों को न्याय दिलाने की मांग उठाई। कार्यक्रम के दौरान युवाओं ने सरकार से प्रतियोगी परीक्षाओं में सामने आई कथित गड़बड़ियों की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की।

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मुख्यमंत्री के नाम सौंपा ज्ञापन, निष्पक्ष जांच की मांग

धरना-प्रदर्शन के बाद JLKM प्रतिनिधिमंडल ने पूर्वी सिंहभूम उपायुक्त के माध्यम से मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में मांग की गई कि छात्रों की सभी न्यायोचित मांगों पर अविलंब सकारात्मक निर्णय लिया जाए। साथ ही JPSC, JSSC एवं अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं में हुई कथित अनियमितताओं और धांधली की निष्पक्ष, पारदर्शी तथा समयबद्ध जांच कर दोषियों के खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। पार्टी नेताओं ने कहा कि राज्य के युवाओं के भविष्य के साथ किसी भी प्रकार का खिलवाड़ स्वीकार नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि युवाओं को निष्पक्ष, पारदर्शी और भ्रष्टाचार-मुक्त भर्ती प्रक्रिया उपलब्ध कराना सरकार की संवैधानिक एवं नैतिक जिम्मेदारी है।

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मांगें नहीं मानी गईं तो विधानसभा घेराव की चेतावनी

JLKM नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि सरकार छात्रों की मांगों पर जल्द ठोस और सकारात्मक निर्णय नहीं लेती है, तो पार्टी राज्यभर के छात्रों के साथ मिलकर विधानसभा घेराव करेगी और आंदोलन को और व्यापक रूप देगी। नेताओं ने कहा कि युवा न्याय की इस लड़ाई में पार्टी हमेशा छात्रों के साथ खड़ी रही है और आगे भी उनके अधिकारों की रक्षा के लिए संघर्ष करती रहेगी। कार्यक्रम में जिला अध्यक्ष तपन महतो, नगर अध्यक्ष राम प्रसाद महतो, केंद्रीय संयुक्त महासचिव देवव्रत महतो, जिला महासचिव दिनेश महतो, जिला वरीय उपाध्यक्ष सुब्रत महतो, शैलेन्द्र महतो, कोल्हान महासचिव फनी भूषण महतो, केंद्रीय प्रवक्ता रामदास मुर्मू, केंद्रीय वरीय उपाध्यक्ष भागीरथी हांसदा, महिला मोर्चा जिला अध्यक्ष पूनम महतो, सुलोचना महतो, बिमल महतो, शंकर भगत सहित बड़ी संख्या में पदाधिकारी, कार्यकर्ता और छात्र-युवा उपस्थित रहे।

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जेपीएससी, जेएसएससी और सीजीएल परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं पर जताई चिंता जेबी लाइव, रिपोर्टर जमशेदपुर : झारखंड में विभिन्न प्रतियोगी

  • जेपीएससी, जेएसएससी और सीजीएल परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं पर जताई चिंता

जेबी लाइव, रिपोर्टर

जमशेदपुर : झारखंड में विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर आंदोलन कर रहे छात्रों के समर्थन में राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री रघुवर दास ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के नाम खुला पत्र लिखा है। मंगलवार को जमशेदपुर परिसदन में आयोजित प्रेस वार्ता के दौरान उन्होंने कहा कि यह पत्र किसी राजनीतिक उद्देश्य से नहीं, बल्कि छात्रों के भविष्य और उनकी पीड़ा को ध्यान में रखते हुए लिखा गया है। उन्होंने कहा कि राज्य के हजारों छात्र लंबे समय से न्याय और पारदर्शिता की मांग को लेकर आंदोलनरत हैं तथा सरकार को उनकी भावनाओं को गंभीरता से समझना चाहिए। रघुवर दास ने कहा कि छात्रों का सड़कों पर उतरना इस बात का संकेत है कि वे व्यवस्था से निराश हैं और अपनी बात सरकार तक पहुंचाना चाहते हैं।

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1974 के छात्र आंदोलन का किया जिक्र, युवाओं के संघर्ष को बताया जायज

पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि आंदोलनरत छात्रों को देखकर उन्हें वर्ष 1974 के छात्र आंदोलन की याद आ गई, जिसमें वे स्वयं सक्रिय रूप से जुड़े थे। उन्होंने कहा कि छात्र आंदोलनों की भावना और संघर्ष को वे अच्छी तरह समझते हैं। रघुवर दास ने कहा कि झारखंड के युवा बिना किसी कारण अपनी पढ़ाई और कक्षाएं छोड़कर आंदोलन नहीं कर रहे हैं। पिछले पांच-छह वर्षों से जेपीएससी, जेएसएससी और सीजीएल जैसी महत्वपूर्ण प्रतियोगी परीक्षाओं में लगातार अनियमितताओं के आरोप सामने आते रहे हैं, जिससे लाखों युवाओं का भविष्य प्रभावित हुआ है। उन्होंने आरोप लगाया कि इन मामलों में जिम्मेदार अधिकारी अपेक्षित गंभीरता नहीं दिखा रहे हैं, जिसके कारण छात्रों में असंतोष बढ़ा है।

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नीट परीक्षा का उदाहरण देते हुए सीबीआई जांच की मांग

रघुवर दास ने कहा कि केंद्र सरकार ने नीट परीक्षा में प्रश्नपत्र लीक के आरोप सामने आने पर छात्रों से संवाद स्थापित किया और मामले की सीबीआई जांच के आदेश दिए। उन्होंने कहा कि जब केंद्र सरकार छात्रों की मांगों पर त्वरित कार्रवाई कर सकती है, तो झारखंड सरकार जेपीएससी, जेएसएससी और सीजीएल परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों की जांच सीबीआई से कराने से क्यों बच रही है। उन्होंने मांग की कि इन मामलों की जांच सीआईडी के बजाय केंद्रीय जांच एजेंसी सीबीआई से कराई जाए, ताकि निष्पक्ष जांच सुनिश्चित हो सके और छात्रों का विश्वास बहाल हो।

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छात्रों से संवाद कर समाधान निकालने की अपील

पूर्व मुख्यमंत्री ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से आग्रह किया कि वे आंदोलनरत छात्रों के प्रतिनिधियों से शीघ्र वार्ता करें और उनकी मांगों पर सकारात्मक एवं ठोस निर्णय लें। उन्होंने कहा कि सरकार को युवाओं को यह भरोसा दिलाना चाहिए कि उनके भविष्य के साथ किसी भी प्रकार का खिलवाड़ नहीं होने दिया जाएगा। साथ ही उन्होंने दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने और भविष्य में प्रतियोगी परीक्षाओं को पूरी तरह पारदर्शी एवं निष्पक्ष बनाने के लिए प्रभावी तंत्र विकसित करने की आवश्यकता पर बल दिया। उनके अनुसार संवाद और पारदर्शिता ही इस विवाद का सबसे बेहतर समाधान हो सकता है।

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सरकार को समय रहते निर्णय लेने की दी चेतावनी

रघुवर दास ने कहा कि यदि सरकार छात्रों की जायज मांगों पर समय रहते गंभीरता से विचार नहीं करती है, तो यह आंदोलन व्यापक जन आंदोलन का रूप ले सकता है। उन्होंने कहा कि झारखंड के युवाओं का भविष्य किसी भी सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता होना चाहिए और इस मुद्दे को राजनीतिक नजरिए से नहीं देखा जाना चाहिए। प्रेस वार्ता के अंत में उन्होंने राज्य सरकार से छात्रों के हित में निर्णय लेने, परीक्षा प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने तथा युवाओं के भविष्य को सुरक्षित करने की अपील की। उन्होंने कहा कि राज्य के लाखों अभ्यर्थियों की उम्मीदें सरकार से जुड़ी हैं और उन्हें न्याय मिलना चाहिए।

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दिशोम गुरु के योगदान को किया गया याद, पुष्प अर्पित कर दी श्रद्धांजलि जेबी लाइव, रिपोर्टर जमशेदपुर : दिशोम गुरु

  • दिशोम गुरु के योगदान को किया गया याद, पुष्प अर्पित कर दी श्रद्धांजलि

जेबी लाइव, रिपोर्टर

जमशेदपुर : दिशोम गुरु एवं झारखंड आंदोलन के प्रमुख नेता स्वर्गीय शिबू सोरेन की प्रथम पुण्यतिथि के अवसर पर झामुमो जमशेदपुर प्रखंड कमेटी और शिबू सोरेन स्मारक समिति की ओर से करणडीह में श्रद्धांजलि कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में कार्यकर्ता और स्थानीय लोग शामिल हुए। उपस्थित लोगों ने दिशोम गुरु के चित्र पर पुष्प अर्पित कर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि दी तथा उनके संघर्षमय जीवन और झारखंड राज्य के निर्माण में निभाई गई महत्वपूर्ण भूमिका को याद किया। वक्ताओं ने कहा कि आदिवासी-मूलवासी समाज के अधिकारों की रक्षा के लिए शिबू सोरेन का योगदान हमेशा प्रेरणास्रोत बना रहेगा।

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स्मारक निर्माण की दिशा में बढ़ा कदम, प्रतिमा स्थापना के लिए हुआ भूमि पूजन

कार्यक्रम के दौरान दिशोम गुरु शिबू सोरेन की स्मृति में आदमकद प्रतिमा स्थापित करने के लिए नारियल फोड़कर विधिवत भूमि पूजन किया गया। वक्ताओं ने कहा कि प्रतिमा स्थापना से आने वाली पीढ़ियों को उनके संघर्ष, विचार और सामाजिक योगदान की जानकारी मिलेगी। इस अवसर पर प्रखंड सचिव जगत मार्डी, स्मारक समिति अध्यक्ष मिथुन चक्रवर्ती, मनोज नाहा, बहादुर किस्कु, महावीर मुर्मू, आंदोलनकारी नेता देवजीत मुखर्जी, संतु कर्मकार सहित अन्य कार्यकर्ता एवं स्थानीय लोग उपस्थित रहे।

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ब्रह्मर्षि महिला समिति की तैयारियां तेज, कार्यक्रम को लेकर उत्साह जेबी लाइव, रिपोर्टर जादूगोड़ा : जादूगोड़ा ब्रह्मर्षि महिला समिति की

  • ब्रह्मर्षि महिला समिति की तैयारियां तेज, कार्यक्रम को लेकर उत्साह

जेबी लाइव, रिपोर्टर

जादूगोड़ा : जादूगोड़ा ब्रह्मर्षि महिला समिति की ओर से आगामी 22 अगस्त को जादूगोड़ा सामुदायिक केंद्र में भव्य सावन महोत्सव का आयोजन किया जाएगा। इस आयोजन को लेकर महिलाओं और बच्चों में खासा उत्साह देखा जा रहा है। समिति की पदाधिकारियों के अनुसार यह महोत्सव महिलाओं और बच्चों को अपनी छिपी प्रतिभाओं और कलात्मक कौशल का प्रदर्शन करने का अवसर प्रदान करेगा। कार्यक्रम में सांस्कृतिक गतिविधियों के साथ मनोरंजक प्रतियोगिताओं का भी आयोजन किया जाएगा। सावन महोत्सव को यादगार बनाने के लिए समिति की सदस्याएं लगातार तैयारियों में जुटी हुई हैं।

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मेहंदी, कैटवॉक और क्विज प्रतियोगिता सहित कई आकर्षक कार्यक्रम होंगे आयोजित

समिति की कोषाध्यक्ष निधि विद्यार्थी, अध्यक्ष नूतन राय एवं रागनी शर्मा ने बताया कि कार्यक्रम को सफल और भव्य बनाने के लिए 6 अगस्त को यूसील कॉलोनी स्थित सी-टाइप आवास में समीक्षा बैठक आयोजित की जाएगी। बैठक में महोत्सव की विस्तृत रूपरेखा तैयार की जाएगी। सावन महोत्सव में महिलाओं के लिए मेहंदी प्रतियोगिता, म्यूजिकल चेयर, पासिंग बॉल, सौंदर्य प्रतियोगिता और कैटवॉक का आयोजन होगा। वहीं बच्चों के लिए क्विज प्रतियोगिता रखी गई है। इसके अलावा संध्या समय स्वादिष्ट व्यंजनों के साथ सभी प्रतिभागी सावन की मस्ती और उत्सव का आनंद उठाएंगे। समिति को उम्मीद है कि कार्यक्रम में बड़ी संख्या में लोग शामिल होंगे।

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ग्रामीण युवाओं को घर के पास मिली लाइसेंस बनाने की सुविधा जेबी लाइव, रिपोर्टर पोटका : झारखंड सरकार के निर्देश

  • ग्रामीण युवाओं को घर के पास मिली लाइसेंस बनाने की सुविधा

जेबी लाइव, रिपोर्टर

पोटका : झारखंड सरकार के निर्देश पर मंगलवार को पोटका प्रखंड मुख्यालय में जिला परिवहन कार्यालय, पूर्वी सिंहभूम की ओर से ड्राइविंग लाइसेंस कैंप का आयोजन किया गया। शिविर में पोटका प्रखंड के विभिन्न गांवों से बड़ी संख्या में युवक-युवतियां ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने पहुंचे। कार्यक्रम का उद्घाटन पोटका विधायक संजीव सरदार ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया। इसके बाद उन्होंने उपस्थित युवाओं के बीच लर्निंग ड्राइविंग लाइसेंस का वितरण किया। शिविर में पहुंचे लोगों ने इसे ग्रामीण क्षेत्रों के लिए एक महत्वपूर्ण पहल बताया। पहली बार प्रखंड स्तर पर आयोजित इस कैंप से ग्रामीणों को जिला मुख्यालय जाने की आवश्यकता नहीं पड़ी, जिससे समय और खर्च दोनों की बचत हुई।

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युवा मुख्यमंत्री की सोच के अनुरूप ग्रामीण क्षेत्रों तक पहुंच रही सुविधा

इस अवसर पर विधायक संजीव सरदार ने कहा कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की सोच के अनुरूप राज्य सरकार ग्रामीण क्षेत्रों में भी सरकारी सेवाओं को पहुंचाने के लिए लगातार प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि पहले ग्रामीण युवाओं को ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने के लिए लंबी दूरी तय करनी पड़ती थी, जिससे कई लोग लाइसेंस नहीं बनवा पाते थे। वैध लाइसेंस के अभाव में युवाओं को रोजगार और अन्य कार्यों में भी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता था। अब सरकार की पहल से प्रखंड और पंचायत स्तर पर शिविर लगाकर युवाओं को उनके क्षेत्र में ही सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है। विधायक ने कहा कि इससे ग्रामीण युवाओं को काफी राहत मिलेगी और वे आसानी से ड्राइविंग लाइसेंस प्राप्त कर सकेंगे।

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अन्य क्षेत्रों में भी जल्द आयोजित होंगे लाइसेंस शिविर

विधायक संजीव सरदार ने शिविर में उमड़ी भीड़ को देखते हुए कहा कि जो लोग किसी कारणवश इस कैंप में आवेदन नहीं कर सके हैं, उन्हें चिंता करने की आवश्यकता नहीं है। जल्द ही पोटका के अन्य ग्रामीण क्षेत्रों में भी इसी प्रकार के ड्राइविंग लाइसेंस शिविर आयोजित किए जाएंगे। उन्होंने युवाओं से यातायात नियमों का पालन करने और हमेशा वैध ड्राइविंग लाइसेंस के साथ वाहन चलाने की अपील की। कार्यक्रम में बीडीओ अरुण कुमार मुंडा, अंचलाधिकारी निकिता बाला, थाना प्रभारी सन्नी टोप्पो, जिला परिवहन पदाधिकारी सहित परिवहन विभाग और प्रखंड प्रशासन के कई अधिकारी मौजूद रहे। शिविर को लेकर युवाओं में खासा उत्साह देखने को मिला।

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