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Jamshedpur : रात्रि गश्त में लापरवाही पर एसएसपी का कड़ा एक्शन, सात पुलिसकर्मी निलंबित

  • औचक निरीक्षण में सोते मिले पुलिसकर्मी, एसएसपी खुद उतरे सड़कों पर
  • देर रात औचक निरीक्षण में खुली पुलिस की पोल

जेबी लाइव, रिपोर्टर

जमशेदपुर : जमशेदपुर में बढ़ते अपराध पर अंकुश लगाने और रात्रि गश्त की हकीकत जानने के लिए गुरुवार देर रात जिले के एसएसपी पीयूष पांडेय स्वयं सड़कों पर उतरे। औचक निरीक्षण के दौरान पुलिसकर्मियों की गंभीर लापरवाही सामने आई, जिससे पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। निरीक्षण के क्रम में मरीन ड्राइव पर तैनात पीसीआर-11 में पदस्थापित एएसआइ रौशन गुड़िया, हवलदार नंदलाल मुंडा और चालक हरेंद्र कुमार वाहन खड़ा कर गहरी नींद में पाए गए। वहीं स्टेशन चौक पर पीसीआर-9 में तैनात एएसआइ संजय इंदुवार भी ड्यूटी के दौरान सोते मिले।

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एसएसपी की सख्ती से पुलिस महकमे में मचा हड़कंप

इसके अलावा जुगसलाई थाना के गश्ती वाहन में तैनात दारोगा तिर्की और हवलदार कृष्णा रजक को भी ड्यूटी में सोते हुए पाया गया। ड्यूटी में घोर लापरवाही को गंभीरता से लेते हुए एसएसपी पीयूष पांडेय ने सभी सात पुलिसकर्मियों को तत्काल निलंबित करते हुए लाइन क्लोज कर दिया। वहीं होमगार्ड चालक हरेंद्र कुमार को भी विभाग से क्लोज कर दिया गया है। उल्लेखनीय है कि हाल के दिनों में शहर में रात्रि अपराधों में लगातार बढ़ोतरी हुई है। टेल्को थाना क्षेत्र में हत्या की दो घटनाएं सामने आई हैं, जबकि विभिन्न इलाकों में चोरी की वारदातों में भी इजाफा हुआ है। ऐसे में एसएसपी की यह सख्त कार्रवाई पुलिसकर्मियों के लिए कर्तव्यनिष्ठा और अनुशासन का कड़ा संदेश मानी जा रही है।

Jamshedpur : जुगसलाई में हत्या की साजिश का खुलासा, दो आरोपी गिरफ्तार, हथियार बरामद

मो. निजाम की हत्या की कथित योजना का भंडाफोड़, झाड़ियों से देशी कट्टा और धारदार हथियार जब्त आर्म्स एक्ट के

  • मो. निजाम की हत्या की कथित योजना का भंडाफोड़, झाड़ियों से देशी कट्टा और धारदार हथियार जब्त
  • आर्म्स एक्ट के तहत अलग प्राथमिकी दर्ज

जेबी लाइव, रिपोर्टर

जमशेदपुर : जुगसलाई थाना क्षेत्र में हत्या की कथित साजिश का पुलिस ने खुलासा करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। मामला पहलवानडेरा निवासी मो. निजाम से जुड़ा है, जिन्होंने पुलिस को सूचना दी थी कि घाघीडीह जेल में बंद मो. खुर्शीद उर्फ भाकुड़ अपने गिरोह के सदस्यों के माध्यम से उनकी हत्या कराने की साजिश रच रहा है। सूचना की गंभीरता को देखते हुए वरीय पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर पुलिस अधीक्षक के मार्गदर्शन में पुलिस उपाधीक्षक विधि-व्यवस्था के नेतृत्व में विशेष टीम का गठन किया गया। टीम में जुगसलाई थाना प्रभारी सहित कई पुलिस पदाधिकारी और जवान शामिल किए गए।

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हत्या की साजिश की सूचना पर बनी विशेष टीम

पुलिस जांच के दौरान सामने आया कि मो. आयान बच्चा और अलटु बच्चा ने मो. निजाम की गतिविधियों पर नजर रखते हुए उनकी रेकी की थी। आरोप है कि दोनों ने लोहे के भारी धारदार हथियार से उनकी हत्या का प्रयास भी किया। हालांकि, मो. निजाम मौके से भागने में सफल रहे और उनकी जान बच गई। इस संबंध में जुगसलाई थाना कांड संख्या 75/2026, दिनांक 19 सितंबर 2026 के तहत भारतीय न्याय संहिता (BNS) की संबंधित धाराओं में मामला दर्ज किया गया। इसके बाद पुलिस ने तकनीकी और मानवीय साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों की तलाश शुरू की।

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रेकी के बाद हत्या के प्रयास का आरोप

पूछताछ के दौरान गिरफ्तार आरोपियों ने पुलिस को महत्वपूर्ण जानकारी दी। उनकी निशानदेही पर पुलिस ने आजाद खटाल मैदान स्थित झाड़ियों में छिपाकर रखे गए दो लोहे के भारी धारदार हथियार और एक अवैध देशी कट्टा बरामद किया। पुलिस के अनुसार, बरामद हथियारों का इस्तेमाल वारदात को अंजाम देने की तैयारी में किया गया था। बरामदगी के बाद पुलिस ने हथियारों को जब्त कर फॉरेंसिक जांच की प्रक्रिया शुरू कर दी है, ताकि मामले से जुड़े अन्य तथ्यों का भी पता लगाया जा सके।

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झाड़ियों से बरामद हुए हथियार और देशी कट्टा

जांच में यह भी सामने आया कि मो. खुर्शीद उर्फ भाकुड़ पूर्व में भी आपराधिक मामलों में गिरफ्तार हो चुका है। पुलिस के अनुसार, उसे पहले अपने गिरोह के अन्य नौ सदस्यों के साथ दो पिस्टल और कारतूसों के साथ गिरफ्तार किया गया था। वर्तमान में वह घाघीडीह केंद्रीय कारागार में बंद है। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि जेल में रहते हुए कथित रूप से साजिश किस प्रकार संचालित की जा रही थी और इसमें अन्य किन लोगों की भूमिका हो सकती है।

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जेल में बंद आरोपी की भूमिका भी जांच के दायरे में

देशी कट्टा बरामद होने के बाद पुलिस ने जुगसलाई थाना कांड संख्या 77/2026, दिनांक 20 सितंबर 2026 के तहत BNS एवं आर्म्स एक्ट की संबंधित धाराओं में अलग प्राथमिकी दर्ज की है। गिरफ्तार दोनों आरोपियों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। पुलिस का कहना है कि मामले की जांच जारी है और हत्या की कथित साजिश से जुड़े अन्य संभावित आरोपियों की पहचान कर उनकी भूमिका की भी जांच की जा रही है। पुलिस का दावा है कि इस कार्रवाई से एक बड़ी आपराधिक वारदात को समय रहते टाल दिया गया।

Jamshedpur : JSSC-CGL मामले में बाबूलाल मरांडी के तीखे सवाल, CBI जांच और अधिकारियों की भूमिका की स्वतंत्र जांच की मांग

जमशेदपुर में प्रेस वार्ता कर नेता प्रतिपक्ष ने सरकार के हलफनामे, जांच प्रक्रिया और जवाबदेही पर उठाए प्रश्न हाईकोर्ट में

  • जमशेदपुर में प्रेस वार्ता कर नेता प्रतिपक्ष ने सरकार के हलफनामे, जांच प्रक्रिया और जवाबदेही पर उठाए प्रश्न
  • हाईकोर्ट में लंबित है JSSC-CGL विवाद

जेबी लाइव, रिपोर्टर

जमशेदपुर : झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री एवं विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने JSSC-CGL भर्ती परीक्षा विवाद को लेकर राज्य सरकार और जांच एजेंसियों की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए हैं। शनिवार को जमशेदपुर परिसदन में आयोजित प्रेस वार्ता में उन्होंने कहा कि यदि राज्य सरकार अब अदालत में यह स्वीकार कर रही है कि JSSC-CGL परीक्षा प्रक्रिया व्यापक अनियमितताओं और गड़बड़ियों से प्रभावित थी, तो पहले न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किए गए हलफनामों और जांच रिपोर्टों का आधार क्या था। उन्होंने कहा कि सरकार के पुराने और नए रुख में स्पष्ट अंतर दिखाई देता है, जिससे पूरे मामले की निष्पक्षता और पारदर्शिता पर सवाल खड़े हो रहे हैं। मरांडी ने कहा कि छात्रों और अभ्यर्थियों का विश्वास तभी बहाल हो सकता है जब पूरे घटनाक्रम की निष्पक्ष और स्वतंत्र जांच कर वास्तविक तथ्यों को सार्वजनिक किया जाए।

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पुराने और नए हलफनामों पर उठे सवाल

मरांडी ने कहा कि भर्ती परीक्षा से जुड़े विवाद में केवल निचले स्तर के आरोपितों तक जांच सीमित रखना पर्याप्त नहीं होगा। उन्होंने मांग की कि भर्ती प्रक्रिया के संचालन, निगरानी और प्रशासनिक निर्णयों से जुड़े वरिष्ठ अधिकारियों की भूमिका की भी स्वतंत्र जांच होनी चाहिए। उन्होंने विशेष रूप से सुधीर गुप्ता, अनुराग गुप्ता, प्रशांत कुमार और मनोज कौशिक के नाम लेते हुए उनकी भूमिका की निष्पक्ष जांच की आवश्यकता बताई। उनका कहना था कि यदि पूरी परीक्षा प्रक्रिया प्रभावित हुई है, तो जिम्मेदारी केवल कुछ व्यक्तियों तक सीमित नहीं हो सकती। उन्होंने सवाल किया कि भर्ती प्रणाली की निगरानी करने वाले अधिकारी और संस्थागत पदाधिकारी जवाबदेही से कैसे बच सकते हैं। मरांडी ने कहा कि किसी भी जांच का उद्देश्य केवल दोषियों की पहचान करना नहीं, बल्कि यह पता लगाना भी होना चाहिए कि प्रणालीगत स्तर पर कहां और कैसे चूक हुई।

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वरिष्ठ अधिकारियों की भूमिका की जांच की मांग

प्रेस वार्ता के दौरान बाबूलाल मरांडी ने पूर्व में हुई CID जांच को भी कटघरे में खड़ा किया। उन्होंने कहा कि यदि वर्तमान जांच में परीक्षा प्रक्रिया में व्यापक अनियमितताओं के संकेत मिल रहे हैं, तो पहले की जांच में यह तथ्य सामने क्यों नहीं आया। उन्होंने कहा कि विभिन्न चरणों में सामने आई जानकारियों और मीडिया रिपोर्टों से अलग-अलग तस्वीर उभरती रही है, जिससे जांच की दिशा और निष्कर्षों पर प्रश्न उठते हैं। मरांडी ने मांग की कि यह भी जांच का विषय होना चाहिए कि पहले न्यायालय में कौन-कौन से तथ्य प्रस्तुत किए गए थे और किन आधारों पर निष्कर्ष निकाले गए थे। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रभावशाली पदों पर बैठे लोगों की भूमिका की गहन जांच के बिना पूरे मामले की सच्चाई सामने नहीं आ सकेगी। हालांकि, इन आरोपों और दावों की पुष्टि न्यायिक प्रक्रिया और जांच एजेंसियों की अंतिम रिपोर्ट के बाद ही हो सकेगी।

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CID जांच और जांच प्रक्रिया पर उठे प्रश्न

मरांडी ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की जवाबदेही पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि यदि भर्ती प्रक्रिया में इतने बड़े स्तर पर कथित अनियमितताएं हुईं, तो शासन और निगरानी तंत्र की भूमिका की समीक्षा होना आवश्यक है। उन्होंने पूछा कि यदि सरकार को समय रहते जानकारी थी तो तत्काल कार्रवाई क्यों नहीं की गई और यदि जानकारी नहीं थी तो प्रशासनिक निगरानी व्यवस्था की जिम्मेदारी किसकी थी। उन्होंने कहा कि लाखों युवाओं और अभ्यर्थियों का भविष्य इस परीक्षा से जुड़ा हुआ है, इसलिए मामले को केवल राजनीतिक बहस तक सीमित नहीं रखा जाना चाहिए। मरांडी ने दोहराया कि इस पूरे प्रकरण की जांच ऐसी एजेंसी द्वारा होनी चाहिए, जिस पर किसी प्रकार के राजनीतिक या प्रशासनिक प्रभाव का संदेह न हो। इसी आधार पर उन्होंने CBI जांच की मांग को फिर दोहराया।

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मुख्यमंत्री की जवाबदेही और CBI जांच की मांग

नेता प्रतिपक्ष ने JSSC के प्रभारी अध्यक्ष प्रशांत कुमार, सचिव सुधीर गुप्ता तथा CID ADG मनोज कौशिक को तत्काल पद से हटाने की मांग भी रखी। उन्होंने कहा कि जब तक जांच पूरी नहीं हो जाती, तब तक निष्पक्षता बनाए रखने के लिए संबंधित अधिकारियों को जिम्मेदार पदों से अलग किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि जिसके खिलाफ भी जांच में साक्ष्य मिलें, उसके खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई होनी चाहिए, चाहे उसका पद या प्रभाव कितना भी बड़ा क्यों न हो। उल्लेखनीय है कि JSSC-CGL परीक्षा और उससे जुड़ी नियुक्तियों का मामला फिलहाल झारखंड हाईकोर्ट में विचाराधीन है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, मामले में नियुक्तियां रद्द करने के राज्य सरकार के निर्णय पर अंतरिम रोक जारी है तथा जांच की निगरानी के लिए सेवानिवृत्त हाईकोर्ट न्यायाधीश गौतम कुमार चौधरी को जिम्मेदारी सौंपी गई है। मामले की अगली सुनवाई 7 अक्टूबर को प्रस्तावित है। मरांडी ने कहा कि छात्रों के हित में पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच और जवाबदेही तय होना आवश्यक है।

Kiriburu : किरीबुरू में एसी चोरी का प्रयास नाकाम, एक आरोपी गिरफ्तार, तीन फरार

जंगल में एसी तोड़कर तांबा निकालते पकड़े गए युवक, पुलिस ने शुरू की जांच चोरी के सामान की खरीद-बिक्री पर

  • जंगल में एसी तोड़कर तांबा निकालते पकड़े गए युवक, पुलिस ने शुरू की जांच
  • चोरी के सामान की खरीद-बिक्री पर कार्रवाई की मांग

जेबी लाइव, रिपोर्टर

किरीबुरू : किरीबुरू में चोरी की घटनाएं लगातार बढ़ती जा रही हैं। ताजा मामला रविवार की अहले सुबह चर्च रोड स्थित अब्दुल फ्रिज एवं एसी दुकान से सामने आया, जहां दुकान के बाहर रखा पुराना एसी चोरी करने का प्रयास किया गया। आरोप है कि चार युवक एसी को उठाकर पास के जंगल में ले गए और वहां उसे तोड़कर उसके अंदर मौजूद तांबा एवं अन्य कीमती सामान निकालने लगे। घटना की जानकारी उस समय हुई जब दुकानदार और दुकान का एक कर्मचारी सामान की तलाश करते हुए जंगल की ओर पहुंचे। वहां उन्होंने कुछ युवकों को एसी के हिस्सों को तोड़ते और अलग करते हुए देखा, जिसके बाद शोर मचाते हुए उन्हें पकड़ने का प्रयास किया गया।

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जंगल में एसी काटकर तांबा निकालने की कोशिश

दुकानदार और स्थानीय लोगों की तत्परता से एक युवक को मौके पर ही पकड़ लिया गया, जबकि तीन अन्य आरोपी जंगल का फायदा उठाकर फरार हो गए। पकड़े गए युवक ने पूछताछ में अपना नाम जोसेफ बताया। उसके अनुसार, फरार आरोपियों में मोटू, डेके और एक नाबालिग शामिल है। बताया जा रहा है कि सभी आरोपी हाटिंग मेन मार्केट क्षेत्र के रहने वाले हैं। पकड़े गए युवक को स्थानीय लोगों ने पुलिस के हवाले कर दिया। पुलिस ने आरोपी से पूछताछ शुरू कर दी है और फरार युवकों की तलाश में छापेमारी की जा रही है। पुलिस का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही सभी आरोपियों की भूमिका और घटना की वास्तविक परिस्थितियां स्पष्ट हो सकेंगी।

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एक आरोपी गिरफ्तार, तीन की तलाश जारी

घटना के बाद क्षेत्र में चोरी की बढ़ती घटनाओं को लेकर लोगों में चिंता देखी जा रही है। स्थानीय नागरिकों ने मांग की है कि पुलिस केवल चोरी करने वालों पर ही नहीं, बल्कि चोरी के सामान की खरीद-बिक्री करने वाले लोगों पर भी कार्रवाई करे। लोगों का कहना है कि एसी, मोटर, कंप्रेसर और तांबा खरीदने वाले कबाड़ी या अन्य संभावित खरीदारों की जांच होने से चोरी के पूरे नेटवर्क का खुलासा हो सकता है। उनका मानना है कि यदि चोरी के सामान की खपत पर रोक लगाई जाए तो ऐसी घटनाओं में स्वतः कमी आएगी। फिलहाल पुलिस मामले की जांच में जुटी हुई है और फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के प्रयास जारी हैं।

Jamshedpur : जमशेदपुर में MACT मामलों पर डालसा की जिला स्तरीय कार्यशाला आयोजित

दुर्घटना पीड़ितों को त्वरित न्याय और उचित मुआवजा दिलाने पर दिया गया जोर पुलिस, चिकित्सा, बीमा और विधिक सेवा से

  • दुर्घटना पीड़ितों को त्वरित न्याय और उचित मुआवजा दिलाने पर दिया गया जोर
  • पुलिस, चिकित्सा, बीमा और विधिक सेवा से जुड़े प्रतिनिधि हुए शामिल

जेबी लाइव, रिपोर्टर

जमशेदपुर : झारखंड राज्य विधिक सेवा प्राधिकार (झालसा), रांची के तत्वावधान में शनिवार को जमशेदपुर व्यवहार न्यायालय परिसर स्थित लोक अदालत हॉल में मोटर दुर्घटना दावा अधिकरण (MACT) पर एक दिवसीय जिला स्तरीय कार्यशाला आयोजित की गई। कार्यशाला प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश सह अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकार (DLSA), पूर्वी सिंहभूम अरविंद कुमार पांडेय के निर्देश और डालसा सचिव कुमार सौरभ त्रिपाठी के मार्गदर्शन में हुई। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य सड़क दुर्घटना पीड़ितों को त्वरित न्याय, कानूनी सहायता और उचित मुआवजा दिलाने की प्रक्रिया को प्रभावी बनाना रहा।

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MACT कार्यशाला में दुर्घटना पीड़ितों को त्वरित न्याय पर जोर

कार्यशाला में पीड़ित परिवारों को समय पर न्याय दिलाने, बीमा दावों के निष्पादन में आने वाली व्यावहारिक कठिनाइयों को दूर करने तथा विभिन्न विभागों और हितधारकों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने पर विस्तार से चर्चा हुई। बतौर अतिथि एवं मुख्य वक्ता जिला न्यायाधीश-1 कनकन पट्टादार, जिला न्यायाधीश-2 आनंद मणि त्रिपाठी, जिला न्यायाधीश-5 मंजू कुमारी और डालसा सचिव कुमार सौरभ त्रिपाठी उपस्थित रहे। वक्ताओं ने MACT मामलों के कानूनी पहलुओं, न्यायिक प्रक्रियाओं और हालिया संशोधनों की जानकारी दी।

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बीमा दावों की प्रक्रिया सरल बनाने को लेकर हुई विस्तृत चर्चा

कार्यशाला का संचालन एवं समन्वय DLSA जमशेदपुर के मनोज कुमार सिंह, LADC द्वारा किया गया। उन्होंने कार्यशाला के उद्देश्यों पर प्रकाश डालते हुए सभी संबंधित विभागों से पीड़ित पक्षों को समय पर मुआवजा दिलाने में सहयोग की अपील की। अधिवक्ता मध्यस्थ सह विभिन्न बीमा कंपनियों के पैनल अधिवक्ता सत्येंद्र कुमार सिंह तथा अधिवक्ता मध्यस्थ सह नागरिक सुरक्षा (सिविल डिफेंस) के मास्टर ट्रेनर कमल कांत सिन्हा ने प्रतिभागियों को MACT मामलों की तकनीकी बारीकियों से अवगत कराया। इस दौरान कानूनी प्रक्रिया, दस्तावेज और दावों के निष्पादन से जुड़े महत्वपूर्ण पहलुओं पर जानकारी दी गई।

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MACT मामलों की तकनीकी बारीकियों से प्रतिभागियों को कराया गया अवगत

कार्यशाला में लीगल एड डिफेंस काउंसिल (LADC) के चीफ विदेश सिन्हा सहित पुलिस प्रशासन, चिकित्सा एवं बीमा क्षेत्र से जुड़े विभिन्न हितधारकों ने सक्रिय भागीदारी की। इसमें पुलिस अधिकारी एवं चिकित्सक, विभिन्न बीमा कंपनियों के अधिकारी और पैनल अधिवक्ता, पीड़ितों एवं आवेदकों की ओर से पैरवी करने वाले अधिवक्ता, LADC के सदस्य तथा जिला विधिक सेवा प्राधिकार के पैरा लीगल वालंटियर्स (PLVs) शामिल रहे। कार्यशाला के अंत में सभी प्रतिभागियों के प्रति आभार व्यक्त किया गया। आयोजन के माध्यम से दुर्घटना पीड़ितों को बिना विलंब कानूनी सहायता और उचित मुआवजा उपलब्ध कराने के लिए समन्वित प्रयासों पर जोर दिया गया।

Chandil : खनन संशोधन अधिनियम को लेकर राष्ट्रपति को ज्ञापन, झारखंड के अधिकारों की रक्षा की मांग

जल-जंगल-जमीन और खनिज अधिकारों के संरक्षण के साथ राज्यों की वित्तीय स्वायत्तता का मुद्दा उठाया धारा 9D को लेकर जताई

  • जल-जंगल-जमीन और खनिज अधिकारों के संरक्षण के साथ राज्यों की वित्तीय स्वायत्तता का मुद्दा उठाया
  • धारा 9D को लेकर जताई चिंता, राष्ट्रपति से हस्तक्षेप की मांग

जेबी लाइव, रिपोर्टर

चांडिल : खान एवं खनिज (विकास एवं विनियमन) संशोधन अधिनियम, 2026 को लेकर झारखंड में चिंता जताते हुए राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु के नाम प्रखंड विकास पदाधिकारी/अंचलाधिकारी के माध्यम से ज्ञापन सौंपा गया। ज्ञापन में राज्यों के संवैधानिक अधिकारों, झारखंड की वित्तीय स्वायत्तता तथा आदिवासी-मूलवासी समाज के जल, जंगल, जमीन और खनिज अधिकारों की रक्षा की मांग की गई है। ज्ञापन में कहा गया कि झारखंड और राष्ट्रपति के बीच संबंध केवल संवैधानिक नहीं, बल्कि भावनात्मक भी हैं। वर्ष 2015 से 2021 तक झारखंड की राज्यपाल के रूप में द्रौपदी मुर्मु ने राज्य के गांवों, आदिवासी-मूलवासी समाज और आम लोगों के जीवन को करीब से देखा है। ऐसे में राज्य के संसाधनों और भविष्य से जुड़े विषय पर संवेदनशीलता की अपेक्षा जताई गई है।

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खनन संशोधन अधिनियम के विरोध में झारखंड के अधिकारों की उठी आवाज

ज्ञापन में कहा गया कि झारखंड की पहचान उसकी मिट्टी, जंगल, पहाड़, नदियों और खनिज संपदा से जुड़ी है। आदिवासी एवं मूलवासी समाज के लिए ये संसाधन केवल प्राकृतिक संपदा नहीं, बल्कि जीवन, संस्कृति, पहचान और अस्तित्व का हिस्सा हैं। ज्ञापन में भगवान बिरसा मुंडा, सिद्धो-कान्हू, चांद-भैरव, फूलो-झानो और तिलका मांझी के संघर्षों का उल्लेख करते हुए जल-जंगल-जमीन और अधिकारों की रक्षा को ऐतिहासिक संघर्ष बताया गया। साथ ही कहा गया कि खान एवं खनिज संशोधन अधिनियम, 2026 का विषय केवल खनिज उपकर या राजस्व तक सीमित नहीं है, बल्कि राज्यों के संवैधानिक अधिकारों, संघीय व्यवस्था और विकास क्षमता से भी जुड़ा है।

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जल-जंगल-जमीन को आदिवासी समाज के जीवन और पहचान का आधार बताया

ज्ञापन में MMDR Act में जोड़ी गई धारा 9D का उल्लेख करते हुए कहा गया कि इसके तहत राज्य सरकारों की खनिज अधिकारों अथवा खनिज-युक्त भूमि पर कर, उपकर या अन्य लेवी लगाने की शक्ति प्रभावित हो सकती है। ज्ञापन सौंपने वालों ने राष्ट्रपति से पूरे मामले पर संवैधानिक अधिकारों और झारखंड के हितों को ध्यान में रखते हुए हस्तक्षेप करने की मांग की। साथ ही राज्य के जल, जंगल, जमीन और खनिज संसाधनों पर अधिकारों की रक्षा सुनिश्चित करने का आग्रह किया गया। ज्ञापन में झारखंड की वित्तीय स्वायत्तता और संघीय व्यवस्था से जुड़े पहलुओं पर भी विशेष ध्यान देने की मांग रखी गई।

Chaibasa : जामदा में समारोहपूर्वक मनाई गई लाको बोदरा की 107वीं जयंती

हो भाषा और साहित्य के विकास में लाको बोदरा के योगदान को किया गया याद जेबी लाइव, रिपोर्टर चाईबासा :

  • हो भाषा और साहित्य के विकास में लाको बोदरा के योगदान को किया गया याद

जेबी लाइव, रिपोर्टर

चाईबासा : आदिवासी हो समाज के महान दार्शनिक, साहित्यकार, नाटककार तथा वारंग क्षिति लिपि के खोजकर्ता ओतगुरू लाको बोदरा की 107वीं जयंती ओडिशा के जामदा में समारोहपूर्वक मनाई गई। आदिवासी हो समाज महासभा, ओडिशा की ओर से आयोजित समारोह में झारखंड और ओडिशा के 40 से अधिक सीमावर्ती गांवों से बड़ी संख्या में लोग पहुंचे। लाको बोदरा के हजारों अनुयायियों, श्रद्धालुओं, हो भाषा के लेखकों, कवियों, साहित्यकारों और आम लोगों ने उन्हें श्रद्धासुमन अर्पित कर नमन किया। समारोह से पहले शहर में ढोल-नगाड़ों की थाप और धार्मिक पताकाओं के साथ भव्य जुलूस निकाला गया। कार्यक्रम में मयूरभंज सांसद नभाचरण माझी, जसीपुर विधायक सह वन एवं पर्यावरण मंत्री गणेश राम सिंह कुंटिया, करंजिया विधायक पदमाचरण हाईबुरू और रायरंगपुर विधायक जोलेन बारदा सहित कई अतिथि मौजूद रहे।

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लाको बोदरा की जयंती पर उमड़ा जनसैलाब, निकाली गई भव्य शोभायात्रा

समारोह को संबोधित करते हुए वन एवं पर्यावरण मंत्री गणेश राम सिंह कुंटिया ने कहा कि लाको बोदरा ने हो समाज के लिए वारंग क्षिति लिपि की खोज कर महत्वपूर्ण योगदान दिया, जिसे संरक्षित और आगे विकसित करने की आवश्यकता है। रायरंगपुर विधायक जोलेन बारदा ने कहा कि लिपि के विकास के लिए उनकी ओर से हरसंभव सहयोग किया जाएगा। करंजिया विधायक पदमाचरण हाईबुरू ने लाको बोदरा के आध्यात्मिक योगदान को अतुलनीय बताया। हो साहित्यकार डोबरो बुड़ीउली ने उनके जीवन और साहित्यिक योगदान पर विस्तार से प्रकाश डाला। समारोह में हो भाषा और साहित्य के संरक्षण तथा विकास को लेकर भी चर्चा हुई। मौके पर एंकर चंद्रिका कोडांकेल, मलोती आल्डा, पूनम पुरती, सतीश सामड, बिरसा कोडांकेल, मनोरंजन तिरिया, सेलाय पुरती समेत बड़ी संख्या में लोग उपस्थित रहे।

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