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Raj Nagar : राजनगर पुलिस का बड़ा खुलासा : अंतर्राज्यीय चोर गिरोह का भंडाफोड़, दो कुख्यात अपराधी गिरफ्तार

  • हथियार के बल पर लूट की घटनाओं में शामिल गिरोह पर कसा शिकंजा
  • लूटकांड की जांच में हुआ गिरोह का पर्दाफाश

जेबी लाइव, रिपोर्टर

राजनगर : राजनगर थाना पुलिस ने जिले में सक्रिय एक अंतर्राज्यीय चोर गिरोह का खुलासा करते हुए बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस ने कुख्यात अपराधी सुजित कुमार शर्मा उर्फ पुरी उर्फ कालू सरदार और सागर मुंडा को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया है, जबकि गिरोह से जुड़े तीन नाबालिगों को निरुद्ध किया गया है। शनिवार को पुलिस अधीक्षक मुकेश कुमार लुणायत ने अपने कार्यालय कक्ष में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर पूरे मामले की जानकारी दी। एसपी ने बताया कि यह कार्रवाई राजनगर थाना में बीएनएस के तहत दर्ज एक मामले के अनुसंधान में की गई है। इस मामले में आवेदक आशीष कुमार महतो ने शिकायत दर्ज कराई थी कि बदमाशों ने हथियार के बल पर उनका मोबाइल फोन और नगद राशि लूट ली थी।

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तकनीकी साक्ष्य और गुप्त सूचना से गिरफ्तारी

मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस द्वारा विशेष अनुसंधान टीम का गठन किया गया। जांच के दौरान तकनीकी साक्ष्य और गुप्त सूचना के आधार पर छापेमारी कर सुजित कुमार शर्मा उर्फ पुरी को गिरफ्तार किया गया। पूछताछ में आरोपी ने जिले और जिले के बाहर हुई कई आपराधिक घटनाओं में अपनी संलिप्तता स्वीकार की है। पुलिस के अनुसार, आरोपी का आपराधिक इतिहास काफी लंबा है और उसके खिलाफ जिले के विभिन्न थानों में दो दर्जन से अधिक मामले दर्ज हैं। बताया गया कि दोनों आरोपियों के विरुद्ध जिला एवं अन्य जिलों के थानों में करीब 40 से अधिक आपराधिक मामले दर्ज हैं। पुलिस ने अब तक जिले की छह घटनाओं का सफल उद्भेदन किया है।

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हथियार और चोरी का सामान बरामद

प्रेस वार्ता में एसपी ने बताया कि आरोपियों के विरुद्ध पूर्व में लूट, आर्म्स एक्ट और अन्य गंभीर धाराओं के कई मामले दर्ज हैं, जो राजनगर, बड़ाबाजार, चांडिल, कपाली समेत अन्य थानों में लंबित हैं। पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर चोरी का मोबाइल फोन, नगद राशि, मोटरसाइकिल और अन्य सामान बरामद किया है। जब्त सामग्री में एक देसी कट्टा, जिंदा कारतूस और लूट में प्रयुक्त वाहन भी शामिल है। एसपी ने स्पष्ट कहा कि जिले में अपराध पर अंकुश लगाने के लिए लगातार अभियान चलाया जा रहा है और किसी भी आपराधिक गतिविधि में शामिल लोगों को बख्शा नहीं जाएगा। गिरफ्तार आरोपियों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है।

Dumaria : 150 गांवों की जीवनरेखा बनी जर्जर सड़क, निर्माण की मांग को लेकर दुखनी सोरेन ने उपायुक्त को सौंपा ज्ञापन

सेरालडीह–नरसिंहबहाल–बारुनिया मार्ग की बदहाली से हजारों ग्रामीण परेशान, शीघ्र निर्माण की उठी मांग प्रशासन से शीघ्र कार्रवाई और स्थायी समाधान

  • सेरालडीह–नरसिंहबहाल–बारुनिया मार्ग की बदहाली से हजारों ग्रामीण परेशान, शीघ्र निर्माण की उठी मांग
  • प्रशासन से शीघ्र कार्रवाई और स्थायी समाधान की मांग

जेबी लाइव, रिपोर्टर

डुमरिया : डुमरिया प्रखंड की सेरालडीह–नरसिंहबहाल–बारुनिया होते हुए ओडिशा को जोड़ने वाली मुख्य सड़क की जर्जर स्थिति को लेकर क्षेत्रवासियों की चिंता लगातार बढ़ती जा रही है। इसी मुद्दे को लेकर झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री चंपाई सोरेन की पुत्री दुखनी सोरेन ने बुधवार को पूर्वी सिंहभूम के उपायुक्त को ज्ञापन सौंपकर सड़क के शीघ्र निर्माण एवं सुदृढ़ीकरण की मांग की। ज्ञापन में बताया गया कि यह सड़क लगभग 150 गांवों के हजारों लोगों के लिए आवागमन का प्रमुख साधन है। वर्षों से सड़क की स्थिति खराब बनी हुई है, लेकिन अब तक इसके पुनर्निर्माण या समुचित मरम्मत की दिशा में कोई ठोस पहल नहीं की गई है। इससे ग्रामीणों को रोजाना कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।

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150 गांवों के लोगों की आवाज बनी सड़क निर्माण की मांग

ज्ञापन में कहा गया है कि प्रतिदिन छात्र-छात्राएं, किसान, मजदूर, महिलाएं, बुजुर्ग और छोटे व्यवसायी इसी सड़क का उपयोग करते हैं। सड़क पर बने बड़े-बड़े गड्ढों और बरसात के दौरान जमा होने वाले कीचड़ के कारण आवागमन जोखिम भरा हो गया है। कई स्थानों पर वाहन फंस जाने से घंटों जाम की स्थिति बन जाती है, जिससे लोगों का समय और संसाधन दोनों प्रभावित होते हैं। सबसे गंभीर समस्या मरीजों और गर्भवती महिलाओं को अस्पताल पहुंचाने में आती है। खराब सड़क के कारण आपातकालीन सेवाएं भी प्रभावित होती हैं, जिससे लोगों की जान तक जोखिम में पड़ जाती है। ग्रामीणों का कहना है कि लंबे समय से सड़क निर्माण की मांग उठाई जा रही है, लेकिन समस्या जस की तस बनी हुई है।

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खराब सड़क से शिक्षा, स्वास्थ्य और आवागमन पर पड़ रहा असर

दुखनी सोरेन ने कहा कि सड़क की बदहाली का सबसे अधिक असर किसानों पर पड़ रहा है। खेतों में तैयार कृषि उपज समय पर बाजार तक नहीं पहुंच पाने से किसानों को आर्थिक नुकसान झेलना पड़ता है। झारखंड और ओडिशा को जोड़ने वाला यह मार्ग व्यापार, परिवहन और क्षेत्रीय विकास की दृष्टि से भी अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने उपायुक्त से सड़क का स्थल निरीक्षण कराने, आवश्यक तकनीकी मूल्यांकन कराने और शीघ्र निर्माण कार्य शुरू करने की मांग की। साथ ही सड़क के स्थायी सुदृढ़ीकरण के लिए आवश्यक प्रशासनिक एवं वित्तीय स्वीकृति दिलाने का आग्रह किया। उन्होंने उम्मीद जताई कि प्रशासन जनहित से जुड़े इस महत्वपूर्ण मुद्दे पर त्वरित कार्रवाई करेगा और क्षेत्रवासियों को सुरक्षित तथा सुगम आवागमन की सुविधा उपलब्ध कराएगा।

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44 वर्षों से लंबित पुनर्वास और अधिकारों की मांग को लेकर बनी आंदोलन की नई रणनीति ग्रामीण संवाद यात्रा के

  • 44 वर्षों से लंबित पुनर्वास और अधिकारों की मांग को लेकर बनी आंदोलन की नई रणनीति
  • ग्रामीण संवाद यात्रा के जरिए गांव-गांव पहुंचेगा आंदोलन

जेबी लाइव, रिपोर्टर

चांडिल : चांडिल स्थित द गोल्डन रिसोर्ट (आईबी परिसर) में बुधवार को चांडिल डैम विस्थापित समन्वय मंच की दूसरी बैठक आयोजित हुई। बैठक में पुनर्वास, मुआवजा, भूमि अधिकार, शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और मूलभूत सुविधाओं से जुड़े लंबित मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की गई। मंच के सदस्यों ने कहा कि डैम निर्माण के चार दशक से अधिक समय बीत जाने के बावजूद हजारों विस्थापित परिवार अपनी मूल समस्याओं के समाधान की प्रतीक्षा कर रहे हैं। बैठक में आंदोलन को और व्यापक बनाने तथा प्रभावित परिवारों को एकजुट करने पर सहमति बनी।

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44 वर्षों से लंबित मांगों पर तेज होगा संघर्ष

बैठक में निर्णय लिया गया कि 7 अगस्त को मंच का प्रतिनिधिमंडल जल संसाधन विभाग के सचिव एवं मंत्री हफीजुल हसन को मांग-पत्र सौंपेगा। इसके अलावा 25 से 27 अगस्त तक ईचागढ़ क्षेत्र के प्रभावित गांवों में ग्रामीण संवाद सह जागरूकता यात्रा निकाली जाएगी। मंच की अगली बैठक 16 अगस्त को आयोजित होगी, जिसमें आंदोलन की आगामी रणनीति तय की जाएगी। विभिन्न विस्थापित संगठनों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने सम्मानजनक पुनर्वास, उचित मुआवजा और अधिकार सुनिश्चित होने तक लोकतांत्रिक तरीके से संघर्ष जारी रखने का संकल्प लिया।

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झाड़ग्राम के जिला मजिस्ट्रेट के माध्यम से मुख्यमंत्री को भेजा गया ज्ञापन जेबी लाइव, रिपोर्टर झाड़ग्राम : जंगलमहल स्वराज मोर्चा

  • झाड़ग्राम के जिला मजिस्ट्रेट के माध्यम से मुख्यमंत्री को भेजा गया ज्ञापन

जेबी लाइव, रिपोर्टर

झाड़ग्राम : जंगलमहल स्वराज मोर्चा (जेएसएम) ने जंगलमहल क्षेत्र के समग्र विकास, सामाजिक न्याय और सांस्कृतिक संरक्षण की मांग को लेकर पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के नाम 27 सूत्री मांगपत्र झाड़ग्राम के जिला मजिस्ट्रेट के माध्यम से सौंपा। जेएसएम के केंद्रीय अध्यक्ष अशोक महतो के नेतृत्व में सौंपे गए ज्ञापन में स्वास्थ्य, शिक्षा, आदिवासी कल्याण, रोजगार, आधारभूत संरचना, भाषा और संस्कृति से जुड़े कई महत्वपूर्ण मुद्दों को प्रमुखता से उठाया गया है। संगठन ने कहा कि यह मांगपत्र जंगलमहल के लोगों की वास्तविक जरूरतों और जनभावनाओं का प्रतिनिधित्व करता है तथा क्षेत्र के संतुलित और सतत विकास के लिए सरकार को गंभीर पहल करनी चाहिए।

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एम्स स्तर के अस्पताल और मानव-हाथी संघर्ष के समाधान की मांग

मांगपत्र में जंगलमहल क्षेत्र में केंद्र और राज्य सरकार के संयुक्त सहयोग से एम्स स्तर के आधुनिक सरकारी अस्पताल की स्थापना की मांग की गई है। इसके साथ ही मानव-हाथी संघर्ष की बढ़ती समस्या के स्थायी समाधान, हाथी हमलों में प्रभावित परिवारों को वर्तमान बाजार दर के अनुसार मुआवजा देने तथा मृतकों के पात्र परिजनों को सरकारी नौकरी उपलब्ध कराने की मांग भी रखी गई है। जेएसएम ने दिव्यांग, विधवा और वृद्धावस्था पेंशन को बढ़ाकर न्यूनतम पांच हजार रुपये प्रतिमाह करने की मांग करते हुए कहा कि इससे कमजोर वर्गों को सामाजिक सुरक्षा मिलेगी और उनकी आर्थिक स्थिति बेहतर होगी।

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भाषा, शिक्षा और सांस्कृतिक संरक्षण पर विशेष जोर

संगठन ने कुड़माली भाषा को संविधान की आठवीं अनुसूची में शामिल कराने की अनुशंसा करने तथा मुंडारी, भूमिज और कोड़ा भाषाओं को पश्चिम बंगाल की द्वितीय राजभाषा का दर्जा देने की मांग उठाई है। इसके अलावा पश्चिम बंगाल झूमर अकादमी और कुड़माली साहित्य अकादमी की स्थापना, झाड़ग्राम में जवाहर नवोदय विद्यालय, केंद्रीय विद्यालय, आधुनिक जिला पुस्तकालय तथा आदिवासी बहुल क्षेत्रों में सरकारी प्राथमिक विद्यालय खोलने की मांग की गई है। ज्ञापन में पश्चिम बंगाल संताली शिक्षा बोर्ड के गठन का प्रस्ताव भी शामिल है, ताकि स्थानीय भाषाओं और संस्कृति के संरक्षण को बढ़ावा मिल सके।

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रोजगार, कौशल विकास और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने की मांग

जेएसएम ने अत्यंत कमजोर जनजातीय समूहों (पीवीटीजी) के लिए शिक्षा, कौशल विकास और आजीविका कार्यक्रम शुरू करने की मांग की है। साथ ही साल पत्ता आधारित उद्योगों को संस्थागत सहयोग देने, स्वयं सहायता समूहों और लैम्प्स को मजबूत करने तथा जंगलमहल के प्रत्येक जिले में कौशल विकास एवं रोजगार केंद्र स्थापित करने की आवश्यकता पर बल दिया गया है। संगठन ने पशु बाजारों को सरकारी नियमों के तहत पुनः शुरू करने की मांग करते हुए कहा कि इससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी और स्थानीय लोगों को रोजगार के अवसर प्राप्त होंगे।

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सड़क, पुल और भूमि संबंधी समस्याओं के समाधान की उठाई मांग

मांगपत्र में क्षेत्र की क्षतिग्रस्त सड़कों की तत्काल मरम्मत, कदमकानन रेलवे फाटक पर प्रस्तावित रेल ओवरब्रिज का शीघ्र निर्माण, चिल्कीगढ़ सहित विभिन्न नदी मार्गों पर स्थायी पुलों का निर्माण तथा झाड़ग्राम शहर के भूमिहीन परिवारों को भूमि पट्टा देने की मांग की गई है। इसके अलावा विस्थापित फुटपाथ दुकानदारों के पुनर्वास के लिए मानवीय नीति लागू करने, बालू की कीमतों को नियंत्रित करने और पर्यावरण अनुकूल पर्यटन को बढ़ावा देने की मांग भी रखी गई है। केंद्रीय अध्यक्ष अशोक महतो ने कहा कि जंगलमहल का विकास केवल आर्थिक विषय नहीं, बल्कि सामाजिक न्याय और सांस्कृतिक सम्मान का भी मुद्दा है। उन्होंने मुख्यमंत्री से मांगों पर शीघ्र सकारात्मक निर्णय लेने तथा झाड़ग्राम दौरे के दौरान ‘जनता दरबार’ आयोजित करने की अपील की।

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सिख समुदाय ने झारखंड जनक के योगदान को किया नमन जेबी लाइव, रिपोर्टर जमशेदपुर : झारखंड जनक एवं पद्म भूषण

  • सिख समुदाय ने झारखंड जनक के योगदान को किया नमन

जेबी लाइव, रिपोर्टर

जमशेदपुर : झारखंड जनक एवं पद्म भूषण दिशोम गुरु शिबू सोरेन की पहली पुण्यतिथि के अवसर पर सिख समुदाय की ओर से सेंट्रल गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (सीजीपीसी) ने सोनारी स्थित उनकी आदमकद प्रतिमा पर माल्यार्पण कर श्रद्धासुमन अर्पित किए। इस अवसर पर कमेटी के पदाधिकारियों और सदस्यों ने शिबू सोरेन के संघर्षमय जीवन, झारखंड आंदोलन में उनके योगदान तथा आदिवासी, दलित एवं वंचित समाज के अधिकारों के लिए किए गए कार्यों को याद किया। कार्यक्रम के दौरान झारखंड मुक्ति मोर्चा के नेता पवन सिंह को भी सम्मानित किया गया। उन्हें शिबू सोरेन की आदमकद प्रतिमा स्थापना में उल्लेखनीय भूमिका निभाने के लिए शॉल और बुके भेंट कर सम्मान प्रदान किया गया।

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शिबू सोरेन के त्याग और संघर्ष को बताया प्रेरणादायक

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सीजीपीसी प्रधान भगवान सिंह ने कहा कि शिबू सोरेन ने झारखंड आंदोलन को नई दिशा देने के साथ-साथ समाज के कमजोर वर्गों के अधिकारों की लड़ाई को मजबूत किया। वहीं चेयरमैन सरदार शैलेंद्र सिंह ने कहा कि झारखंड जनक द्वारा राज्य और समाज के लिए किए गए त्याग और संघर्ष को कभी भुलाया नहीं जा सकता। उन्होंने कहा कि उनके विचार और कार्य आने वाली पीढ़ियों को प्रेरित करते रहेंगे। इस अवसर पर वरीय उपाध्यक्ष सुखविंदर सिंह राजू, महासचिव गुरुचरण सिंह बिल्ला, कोषाध्यक्ष गुरनाम सिंह बेदी, सलाहकार परविंदर सिंह सोहल, जसवंत सिंह जसु, सुखदेव सिंह बिट्टू, सुखवंत सिंह सुक्कू, सरबजीत सिंह ग्रेवाल, हरदीप सिंह दीपी, विक्की सिंह सहित अन्य गणमान्य लोग उपस्थित रहे।

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पूर्वी सिंहभूम उपायुक्त कार्यालय के समक्ष छात्रों के समर्थन में हुआ प्रदर्शन जेबी लाइव, रिपोर्टर जमशेदपुर : झारखंड लोकतांत्रिक क्रांतिकारी

  • पूर्वी सिंहभूम उपायुक्त कार्यालय के समक्ष छात्रों के समर्थन में हुआ प्रदर्शन

जेबी लाइव, रिपोर्टर

जमशेदपुर : झारखंड लोकतांत्रिक क्रांतिकारी मोर्चा (JLKM) ने JPSC, JSSC एवं विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं और धांधली के विरोध में मंगलवार को पूर्वी सिंहभूम उपायुक्त कार्यालय के समक्ष एक दिवसीय शांतिपूर्ण धरना-प्रदर्शन आयोजित किया। यह कार्यक्रम पार्टी के केंद्रीय नेतृत्व के निर्देश पर राज्य के सभी 24 जिलों में चलाए गए विरोध कार्यक्रम का हिस्सा था। धरना में पार्टी पदाधिकारियों, कार्यकर्ताओं, छात्र-युवाओं और बड़ी संख्या में समर्थकों ने भाग लिया। प्रदर्शनकारियों ने भर्ती प्रक्रियाओं में पारदर्शिता सुनिश्चित करने तथा छात्रों को न्याय दिलाने की मांग उठाई। कार्यक्रम के दौरान युवाओं ने सरकार से प्रतियोगी परीक्षाओं में सामने आई कथित गड़बड़ियों की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की।

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मुख्यमंत्री के नाम सौंपा ज्ञापन, निष्पक्ष जांच की मांग

धरना-प्रदर्शन के बाद JLKM प्रतिनिधिमंडल ने पूर्वी सिंहभूम उपायुक्त के माध्यम से मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में मांग की गई कि छात्रों की सभी न्यायोचित मांगों पर अविलंब सकारात्मक निर्णय लिया जाए। साथ ही JPSC, JSSC एवं अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं में हुई कथित अनियमितताओं और धांधली की निष्पक्ष, पारदर्शी तथा समयबद्ध जांच कर दोषियों के खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। पार्टी नेताओं ने कहा कि राज्य के युवाओं के भविष्य के साथ किसी भी प्रकार का खिलवाड़ स्वीकार नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि युवाओं को निष्पक्ष, पारदर्शी और भ्रष्टाचार-मुक्त भर्ती प्रक्रिया उपलब्ध कराना सरकार की संवैधानिक एवं नैतिक जिम्मेदारी है।

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मांगें नहीं मानी गईं तो विधानसभा घेराव की चेतावनी

JLKM नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि सरकार छात्रों की मांगों पर जल्द ठोस और सकारात्मक निर्णय नहीं लेती है, तो पार्टी राज्यभर के छात्रों के साथ मिलकर विधानसभा घेराव करेगी और आंदोलन को और व्यापक रूप देगी। नेताओं ने कहा कि युवा न्याय की इस लड़ाई में पार्टी हमेशा छात्रों के साथ खड़ी रही है और आगे भी उनके अधिकारों की रक्षा के लिए संघर्ष करती रहेगी। कार्यक्रम में जिला अध्यक्ष तपन महतो, नगर अध्यक्ष राम प्रसाद महतो, केंद्रीय संयुक्त महासचिव देवव्रत महतो, जिला महासचिव दिनेश महतो, जिला वरीय उपाध्यक्ष सुब्रत महतो, शैलेन्द्र महतो, कोल्हान महासचिव फनी भूषण महतो, केंद्रीय प्रवक्ता रामदास मुर्मू, केंद्रीय वरीय उपाध्यक्ष भागीरथी हांसदा, महिला मोर्चा जिला अध्यक्ष पूनम महतो, सुलोचना महतो, बिमल महतो, शंकर भगत सहित बड़ी संख्या में पदाधिकारी, कार्यकर्ता और छात्र-युवा उपस्थित रहे।

Jamshedpur : झारखंड के छात्रों के समर्थन में रघुवर दास का मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को खुला पत्र, सीबीआई जांच की उठाई मांग

जेपीएससी, जेएसएससी और सीजीएल परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं पर जताई चिंता जेबी लाइव, रिपोर्टर जमशेदपुर : झारखंड में विभिन्न प्रतियोगी

  • जेपीएससी, जेएसएससी और सीजीएल परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं पर जताई चिंता

जेबी लाइव, रिपोर्टर

जमशेदपुर : झारखंड में विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर आंदोलन कर रहे छात्रों के समर्थन में राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री रघुवर दास ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के नाम खुला पत्र लिखा है। मंगलवार को जमशेदपुर परिसदन में आयोजित प्रेस वार्ता के दौरान उन्होंने कहा कि यह पत्र किसी राजनीतिक उद्देश्य से नहीं, बल्कि छात्रों के भविष्य और उनकी पीड़ा को ध्यान में रखते हुए लिखा गया है। उन्होंने कहा कि राज्य के हजारों छात्र लंबे समय से न्याय और पारदर्शिता की मांग को लेकर आंदोलनरत हैं तथा सरकार को उनकी भावनाओं को गंभीरता से समझना चाहिए। रघुवर दास ने कहा कि छात्रों का सड़कों पर उतरना इस बात का संकेत है कि वे व्यवस्था से निराश हैं और अपनी बात सरकार तक पहुंचाना चाहते हैं।

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1974 के छात्र आंदोलन का किया जिक्र, युवाओं के संघर्ष को बताया जायज

पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि आंदोलनरत छात्रों को देखकर उन्हें वर्ष 1974 के छात्र आंदोलन की याद आ गई, जिसमें वे स्वयं सक्रिय रूप से जुड़े थे। उन्होंने कहा कि छात्र आंदोलनों की भावना और संघर्ष को वे अच्छी तरह समझते हैं। रघुवर दास ने कहा कि झारखंड के युवा बिना किसी कारण अपनी पढ़ाई और कक्षाएं छोड़कर आंदोलन नहीं कर रहे हैं। पिछले पांच-छह वर्षों से जेपीएससी, जेएसएससी और सीजीएल जैसी महत्वपूर्ण प्रतियोगी परीक्षाओं में लगातार अनियमितताओं के आरोप सामने आते रहे हैं, जिससे लाखों युवाओं का भविष्य प्रभावित हुआ है। उन्होंने आरोप लगाया कि इन मामलों में जिम्मेदार अधिकारी अपेक्षित गंभीरता नहीं दिखा रहे हैं, जिसके कारण छात्रों में असंतोष बढ़ा है।

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नीट परीक्षा का उदाहरण देते हुए सीबीआई जांच की मांग

रघुवर दास ने कहा कि केंद्र सरकार ने नीट परीक्षा में प्रश्नपत्र लीक के आरोप सामने आने पर छात्रों से संवाद स्थापित किया और मामले की सीबीआई जांच के आदेश दिए। उन्होंने कहा कि जब केंद्र सरकार छात्रों की मांगों पर त्वरित कार्रवाई कर सकती है, तो झारखंड सरकार जेपीएससी, जेएसएससी और सीजीएल परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों की जांच सीबीआई से कराने से क्यों बच रही है। उन्होंने मांग की कि इन मामलों की जांच सीआईडी के बजाय केंद्रीय जांच एजेंसी सीबीआई से कराई जाए, ताकि निष्पक्ष जांच सुनिश्चित हो सके और छात्रों का विश्वास बहाल हो।

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छात्रों से संवाद कर समाधान निकालने की अपील

पूर्व मुख्यमंत्री ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से आग्रह किया कि वे आंदोलनरत छात्रों के प्रतिनिधियों से शीघ्र वार्ता करें और उनकी मांगों पर सकारात्मक एवं ठोस निर्णय लें। उन्होंने कहा कि सरकार को युवाओं को यह भरोसा दिलाना चाहिए कि उनके भविष्य के साथ किसी भी प्रकार का खिलवाड़ नहीं होने दिया जाएगा। साथ ही उन्होंने दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने और भविष्य में प्रतियोगी परीक्षाओं को पूरी तरह पारदर्शी एवं निष्पक्ष बनाने के लिए प्रभावी तंत्र विकसित करने की आवश्यकता पर बल दिया। उनके अनुसार संवाद और पारदर्शिता ही इस विवाद का सबसे बेहतर समाधान हो सकता है।

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सरकार को समय रहते निर्णय लेने की दी चेतावनी

रघुवर दास ने कहा कि यदि सरकार छात्रों की जायज मांगों पर समय रहते गंभीरता से विचार नहीं करती है, तो यह आंदोलन व्यापक जन आंदोलन का रूप ले सकता है। उन्होंने कहा कि झारखंड के युवाओं का भविष्य किसी भी सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता होना चाहिए और इस मुद्दे को राजनीतिक नजरिए से नहीं देखा जाना चाहिए। प्रेस वार्ता के अंत में उन्होंने राज्य सरकार से छात्रों के हित में निर्णय लेने, परीक्षा प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने तथा युवाओं के भविष्य को सुरक्षित करने की अपील की। उन्होंने कहा कि राज्य के लाखों अभ्यर्थियों की उम्मीदें सरकार से जुड़ी हैं और उन्हें न्याय मिलना चाहिए।

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