- संतों के आगमन से गूंजा क्षेत्र, भजन-कीर्तन से बना आध्यात्मिक माहौल
- हजारों श्रद्धालुओं ने लिया संतों का आशीर्वाद
जेबी लाइव, रिपोर्टर
बहरागोड़ा : स्वामी निगमानंद सरस्वती के 108वें तीन दिवसीय सार्वभौम भक्त सम्मेलन के दूसरे दिन पूरा क्षेत्र भक्ति और श्रद्धा में डूबा नजर आया। आयोजन स्थल पर दूर-दराज से आए संतों और श्रद्धालुओं का जनसैलाब उमड़ पड़ा। गांव-गांव से पहुंचे लोगों ने संतों का गर्मजोशी से स्वागत किया। भजन-कीर्तन और जयघोष से वातावरण पूरी तरह भक्तिमय हो गया। इस दौरान असम से पधारे स्वामी दिव्यानंद सरस्वती ने प्रवचन देते हुए कहा कि संतों का आगमन किसी भी भूमि को तीर्थ बना देता है और उनकी संगति से व्यक्ति के जीवन में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।
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संतों के प्रवचन से मिला आध्यात्मिक संदेश

सम्मेलन के दौरान स्वामी निगमानंद सरस्वती के जीवन, उनके संघर्ष और आध्यात्मिक यात्रा पर भी विस्तार से चर्चा की गई। बताया गया कि उनका बचपन का नाम नलिनीकांत था और उन्होंने कठिन तपस्या के माध्यम से आध्यात्मिक ऊंचाइयों को प्राप्त किया। राजलाबांध सहित आसपास के दर्जनों गांवों से हजारों श्रद्धालु इस भक्ति समागम में शामिल हुए। श्रद्धालुओं ने कतारबद्ध होकर संतों का पूजन किया और आशीर्वाद प्राप्त किया। तीन दिवसीय इस आयोजन ने पूरे क्षेत्र में शांति, सद्भाव और सकारात्मकता का संदेश फैलाया।























