- बेंगलुरू की वोट अधिकार रैली में उठाए चुनाव आयोग पर गंभीर सवाल, कहा—संविधान को बचाना अब आंदोलन का रूप ले चुका है
- राहुल बोले – संविधान की रक्षा अब आंदोलन का रूप ले चुका है
जेबी लाइव, रिपोर्टर
कांग्रेस सांसद और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने शुक्रवार को बेंगलुरू में आयोजित ‘वोट अधिकार रैली’ के दौरान चुनाव आयोग पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि वोट की चोरी संविधान के साथ धोखा है और देश की संस्थाओं को व्यवस्थित रूप से कमजोर किया जा रहा है। राहुल ने दावा किया कि संविधान में महात्मा गांधी, नेहरू और पटेल की आवाज है और जब वक्त बदलेगा, तब सजा जरूर मिलेगी। उन्होंने कहा कि उन्होंने संसद के भीतर संविधान की शपथ ली है और चुनाव आयोग उनसे एफिडेविट मांगता है। उन्होंने चुनाव आयोग पर आरोप लगाया कि जब जनता ने वोटिंग डाटा पर सवाल उठाए तो आयोग ने राजस्थान और उत्तर प्रदेश में अपनी वेबसाइट ही बंद कर दी।
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राहुल गांधी बोले – वक्त बदलेगा तो जिम्मेदारों को सजा मिलेगी
राहुल गांधी ने कहा कि यह सवाल उठाना जरूरी है कि चुनाव आयोग किसके दबाव में काम कर रहा है। उन्होंने पांच सवाल सार्वजनिक रूप से चुनाव आयोग से पूछे—(1) विपक्ष को डिजिटल वोटर लिस्ट क्यों नहीं दी जा रही?, (2) CCTV और वीडियो सबूत क्यों मिटाए जा रहे हैं?, (3) वोटर लिस्ट में फर्जीवाड़ा क्यों हो रहा है?, (4) विपक्षी नेताओं को डराने-धमकाने का काम क्यों?, और (5) क्या चुनाव आयोग अब भाजपा का एजेंट बन चुका है? राहुल ने दावा किया कि भारत की जनता अब इन सवालों का जवाब मांग रही है, और चुनाव आयोग इनसे बचने की कोशिश कर रहा है।
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राहुल ने पूछा – क्या ECI अब भाजपा का चुनावी एजेंट बन गया है?
राहुल गांधी ने यह भी कहा कि देश की जनता का डेटा एक संवेदनशील मुद्दा है और जब इसे लेकर सवाल उठे, तो आयोग की पारदर्शिता पर सवाल खड़े हो गए। उन्होंने कहा कि यह सिर्फ चुनावी प्रक्रिया का मुद्दा नहीं है, बल्कि लोकतंत्र की आत्मा को बचाने का संघर्ष है। उन्होंने समर्थकों से संविधान की रक्षा के लिए एकजुट होने का आह्वान किया।
























