- ठंड के मद्देनजर बुजुर्गों में ऊनी कपड़े एवं शॉल का वितरण, आवासीय सुविधाओं की समीक्षा
- भोजन, स्वास्थ्य, मानसिक व मनोरंजन कार्यक्रमों की समीक्षा और सहयोग का आश्वासन
जेबी लाइव, रिपोर्टर
डुमरिया प्रखंड के बांकीशोल पंचायत अन्तर्गत बाकुलचंदा गांव में जिला प्रशासन की पहल पर हेल्पिंग हैंड्स फाउंडेशन द्वारा संचालित ‘निर्वाण-2’ वृद्धाश्रम का क्षेत्र भ्रमण करते हुए उपायुक्त कर्ण सत्यार्थी ने निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने आश्रम में निवासरत निराश्रित एवं असहाय बुजुर्गों से बातचीत कर उनकी स्थिति, दैनिक दिनचर्या, उपलब्ध सुविधाओं तथा आवश्यकताओं की विस्तृत जानकारी ली। उन्होंने बुजुर्गों के पेंशन, आधार कार्ड और बैंक खाता न होने की जानकारी मिलने पर बीडीओ डुमरिया को उचित कार्रवाई हेतु निर्देशित किया। निरीक्षण के क्रम में उपायुक्त ने आवासीय सुविधा, भोजन व्यवस्था, चिकित्सा देखभाल, स्वच्छता, विश्राम स्थल, शौचालय-स्नानगृह और दैनिक उपयोग की वस्तुओं की उपलब्धता का बारीकी से अवलोकन किया। उन्होंने कहा कि बुजुर्गों की सेवा मानवता का सर्वोच्च कार्य है और इस दिशा में संस्थान की पहल अत्यंत प्रेरणादायी है।
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आश्रित बुजुर्गों से बातचीत कर उनकी आवश्यकताओं की जानकारी ली

उपायुक्त ने ठंड के मौसम को देखते हुए वृद्धाश्रम में बुजुर्गों के स्वास्थ्य एवं देखभाल के लिए विशेष प्रबंध सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। इस अवसर पर वरिष्ठ नागरिकों के बीच ऊनी वस्त्र, शॉल, गर्म कपड़े और अन्य आवश्यक सामग्री वितरित की गई। उपायुक्त ने आश्रम कर्मियों को बुजुर्गों की जरूरतों पर सतर्क निगाह रखने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि समाज में कई ऐसे उदाहरण हैं, जहां वृद्ध माता-पिता की समुचित देखभाल नहीं हो पाती, जो अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है। बुजुर्गों का अनुभव, आशीर्वाद और मार्गदर्शन किसी भी परिवार और समाज के लिए अमूल्य है। हेल्पिंग हैंड्स फाउंडेशन द्वारा संचालित यह वृद्धाश्रम न केवल बुजुर्गों को सम्मानजनक जीवन दे रहा है, बल्कि समाज के लिए सकारात्मक संदेश भी प्रस्तुत कर रहा है।
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ठंड से बचाव के लिए बुजुर्गों में ऊनी कपड़े और आवश्यक सामग्री का वितरण
उपायुक्त ने वृद्धाश्रम की आवश्यकताओं की जानकारी ली और प्रबंधन को पूर्ण सहयोग का भरोसा दिलाया। उन्होंने निर्देश दिए कि भोजन की गुणवत्ता और पोषण स्तर पर विशेष ध्यान दिया जाए। बुजुर्गों के मानसिक स्वास्थ्य समर्थन, मनोरंजन, योग और ध्यान जैसे कार्यक्रम नियमित रूप से आयोजित किए जाएं। आश्रम परिसर में स्वच्छता और सुरक्षा के पर्याप्त उपाय सुनिश्चित किए जाएं। निरीक्षण के दौरान बीडीओ डुमरिया नीलेश मुर्मू, स्वास्थ्य विभाग के पदाधिकारी, हेल्पिंग हैंड्स फाउंडेशन के प्रतिनिधि एवं अन्य संबंधित उपस्थित थे। उन्होंने आश्रम प्रबंधन को कहा कि बुजुर्गों की सेवा केवल जिम्मेदारी नहीं बल्कि समाज के प्रति मानवता का संदेश है, और इस दिशा में निरंतर प्रयास जारी रखा जाए।
























