- झामुमो की सभा में हजारों की उपस्थिति, स्व. रामदास सोरेन की विरासत और युवाओं की भूमिका पर जोर
जेबी लाइव, रिपोर्टर
घाटशिला विधानसभा उपचुनाव को लेकर आज गालूडीह आंचलिक मैदान में झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) की एक बड़ी जनसभा आयोजित हुई, जिसमें भारी संख्या में लोगों की उपस्थिति ने पूरे क्षेत्र का राजनीतिक माहौल गर्म कर दिया। सभा में गांडेय विधायक कल्पना सोरेन मुर्मू ने स्वर्गीय रामदास सोरेन के योगदान और उनकी विरासत को भावुक शब्दों में याद करते हुए कहा कि यह उपचुनाव केवल राजनीतिक प्रक्रिया नहीं है, बल्कि उस अपूरणीय धरोहर को संभालने का अवसर है, जो रामदास सोरेन ने अपने जीवन से समाज को दी। उन्होंने कहा, “जब गुरुजी हमें छोड़कर गए, उसके कुछ ही दिनों बाद रामदास दा भी चले गए — यह केवल संयोग नहीं था, बल्कि जैसे गुरु और शिष्य एक साथ ऊपर से झारखंड को देख रहे हों और उसे आशीर्वाद दे रहे हों।” सभा स्थल पर महिलाओं, युवाओं और ग्रामीणों की भारी उपस्थिति यह दर्शा रही थी कि जनता अब भी स्व. रामदास सोरेन के कार्यों और उनके मानवीय व्यवहार को याद करती है।
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स्व. रामदास सोरेन की विरासत को संजोने की अपील
सभा में स्व. रामदास सोरेन की धर्मपत्नी सूरजमोनी सोरेन भी मंच पर उपस्थित रहीं। जब उन्होंने बोलना शुरू किया तो सभा स्थल पर एक भावनात्मक सन्नाटा फैल गया। उन्होंने कहा, “मेरे पति ने हमेशा जनता को अपने परिवार की तरह माना। उनके घर का दरवाजा जनता के लिए कभी बंद नहीं हुआ। आज भी वह दरवाजा खुला है और खुला रहेगा।” उन्होंने आगे कहा कि जो सपने रामदास सोरेन ने इस क्षेत्र और जनता के लिए देखे थे, वे सपने अधूरे नहीं रहेंगे। उन्होंने अपने पुत्र सोमेश चंद्र सोरेन को जनता को समर्पित करते हुए कहा, “मैं उसे आपके बेटे, आपके भाई की तरह सौंपती हूँ।” इस क्षण पर हजारों की भीड़ भावनाओं में डूब गई।
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सूरजमोनी सोरेन का भावुक संबोधन
सभा में कल्पना सोरेन ने कहा कि स्व. रामदास सोरेन की आवाज केवल विधानसभा तक सीमित नहीं थी, बल्कि वह झारखंड की अस्मिता की आवाज थी, जिसे दबाया नहीं जा सकता। मंच पर जुगसलाई विधायक मंगल कालिंदी, संजीव सरदार, महुआ माझी, विजय हांसदा सहित कई नेता मौजूद रहे, जबकि सभा का संचालन पूर्व विधायक लक्ष्मण टुडू, दुर्गा चरण मुर्मू एवं वकील हेंब्रम ने संयुक्त रूप से किया। कल्पना सोरेन ने कहा, “स्व. रामदास दा की जलती मशाल अब और तेज़ी से जलेगी।” गालूडीह की यह सभा घाटशिला उपचुनाव के माहौल को निर्णायक रूप से प्रभावित करने वाली साबित मानी जा रही है।
























