- जन्मस्थान पर जुटे कार्यकर्ता, श्राद्ध कर्म की तैयारियों का लिया जायज़ा
- श्राद्ध कर्म की तैयारियों में दिखा झारखंडी संस्कृति का रंग
जेबी लाइव, रिपोर्टर
झारखंड के आदिवासी नायक और झामुमो के संस्थापक दिशोम गुरु वीर शीबू सोरेन को आज उनके अंतिम संस्कार स्थल, रामगढ़ जिले के नेमरा गांव में भावपूर्ण श्रद्धांजलि अर्पित की गई। दामपाड़ा और गालुडीह क्षेत्र से आए झामुमो कार्यकर्ताओं और समाजसेवियों ने उनके जन्मस्थान का दौरा किया और श्राद्ध कर्म की तैयारियों को देखा। श्रद्धांजलि देने वालों में दामपाड़ा से प्रभारी भरत मुर्मू, शिक्षक छोटा भुजंग टुडू, पूर्व सैनिक सुगदा मांडी, बुद्धेश्वर मुर्मू, बुढ़ान मुर्मू, पीयन हेम्ब्रम, बाघराय टुडू, और गालुडीह से झामुमो के पूर्व प्रखंड अध्यक्ष वकील हेम्ब्रम, अशोक महतो, बादल किस्कू, दुलाराम टुडू, सामु टुडू, लुग्रू मांडी और ध्यानचांद सोरेन शामिल थे। इस अवसर पर कार्यकर्ताओं ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से भी भेंट की और दिशोम गुरु की स्मृतियों को साझा किया।
इसे भी पढ़ें : Jamshedpur : 20 सितंबर को तीन राज्यों में 100 जगह रेल रोको आंदोलन, कुड़मि समाज ने किया एलान
श्रद्धांजलि सभा में उमड़ा जनसैलाब, नेताओं ने साझा की यादें
नेमरा पहुंचकर सभी कार्यकर्ताओं ने दिशोम गुरु के जन्मस्थान को देखा और वहां गहरी संतुष्टि व आंतरिक शक्ति का अनुभव किया। श्राद्ध कर्म के लिए चल रही मेगा तैयारियां सभी का केंद्र बिंदु रहीं। आयोजन स्थल पर पारंपरिक रीति-रिवाज और सांस्कृतिक कार्यक्रमों की रूपरेखा भी बनाई जा रही है। यह आयोजन न केवल दिशोम गुरु के प्रति सम्मान का प्रतीक है, बल्कि उनके आदर्शों और झारखंड राज्य के निर्माण में दिए गए योगदान को भी याद करने का अवसर प्रदान कर रहा है। दिशोम गुरु वीर शीबू सोरेन के संघर्ष, त्याग और समर्पण की गाथा आज भी झारखंड की जनता के लिए प्रेरणा का स्रोत बनी हुई है, जिसे पीढ़ी दर पीढ़ी आगे बढ़ाया जा रहा है।
























