आदिवासी अस्मिता, जल-जंगल-जमीन और संवैधानिक अधिकारों की रक्षा को लेकर समाज हुआ एकजुट
समाज के अग्रणियों ने कहा — “सोमेश सोरेन की जीत झारखंड की पहचान की जीत होगी”
जेबी लाइव, रिपोर्टर
माझी पारगना महाल बाखुल पावड़ा, घाटशिला में देश परगना बाबा बैजू मुर्मू की अध्यक्षता में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में परगना बाबा, माझी बाबा एवं समाज के अन्य प्रमुख अगुवाओं ने आगामी घाटशिला विधानसभा उपचुनाव को लेकर रणनीति तय की। सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि समाज झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) महागठबंधन के प्रत्याशी सोमेश सोरेन को पूर्ण समर्थन देगा। उपस्थित समाज प्रतिनिधियों ने तीर-धनुष छाप पर मतदान कर उन्हें भारी मतों से विजयी बनाने का संकल्प लिया। वक्ताओं ने कहा कि यह चुनाव केवल एक राजनीतिक प्रक्रिया नहीं, बल्कि आदिवासी अस्मिता, पहचान और जल-जंगल-जमीन की रक्षा की लड़ाई है।
समाज ने कहा — “यह उपचुनाव आदिवासी सम्मान और अस्तित्व की परीक्षा है”
बैठक के दौरान वक्ताओं ने स्वर्गीय पूर्व मंत्री रामदास सोरेन के अधूरे कार्यों को आगे बढ़ाने की बात कही। साथ ही बताया कि हाल ही में महल के प्रतिनिधि मंडल ने देश परगना बाबा के नेतृत्व में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से मुलाकात कर समाज की प्रमुख मांगों को उनके समक्ष रखा था। मुख्यमंत्री ने आश्वासन दिया कि चुनाव के बाद पेसा कानून 1996 को कैबिनेट में लाकर प्रदेश के पांचवीं अनुसूचित क्षेत्रों में लागू किया जाएगा। इसके अलावा, समाज से जुड़ी अन्य लंबित मांगों पर भी गंभीरता से विचार कर शीघ्र कार्रवाई की जाएगी।
मुख्यमंत्री ने दिया भरोसा — चुनाव बाद लागू होगा पेसा कानून
माझी पारगना महाल के नेताओं ने कहा कि पारंपरिक स्वशासन व्यवस्था, आदिवासी समाज के समग्र विकास और झारखंडवासियों की अस्मिता की रक्षा के लिए झामुमो प्रत्याशी सोमेश सोरेन को विजयी बनाना जरूरी है। बैठक में देश पारानिक बाबा दुर्गा चरन मुर्मू, देश गोडेत श्याम सुंदर मुर्मू, पारगना बाबा बैजू टुडू, पद्मावती हेंम्ब्रोम, लखन मार्डी, फागु बेसरा, सास्त्रि हेंम्ब्रोम, माझी बाबा भोदो मुर्मू, मानसिंह सोरेन, शिवा बानरा, जादु हांसदा समेत बड़ी संख्या में समाज के लोग उपस्थित थे। सभी ने एकजुट होकर कहा कि झामुमो की जीत ही झारखंडी अस्मिता की जीत होगी।


























