- अनुसूचित जाति की पहचान और आरक्षण में पारदर्शिता सुनिश्चित करने वाला फैसला
- सामाजिक न्याय और सशक्तिकरण को मिलेगा बल
जेबी लाइव, रिपोर्टर
गुवा : सुप्रीम कोर्ट द्वारा हाल ही में दिए गए महत्वपूर्ण निर्णय का भारतीय जनता पार्टी अनुसूचित जाति मोर्चा के जिला अध्यक्ष शंभू हाजरा ने स्वागत किया है। इस निर्णय में स्पष्ट किया गया है कि हिंदू, सिख या बौद्ध धर्म के अतिरिक्त किसी अन्य धर्म को अपनाने पर अनुसूचित जाति का दर्जा समाप्त हो जाता है। मोर्चा ने कहा कि यह फैसला संविधान की मूल भावना और सामाजिक न्याय के सिद्धांतों को मजबूत करता है। इससे अनुसूचित जातियों के लिए निर्धारित आरक्षण और अन्य सुविधाएं केवल वास्तविक पात्र लाभार्थियों तक ही पहुँचेंगी। संगठन ने इसे सामाजिक व्यवस्था में पारदर्शिता और संतुलन बढ़ाने वाला कदम बताया है।
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सुप्रीम कोर्ट का निर्णय अनुसूचित जातियों के लिए मील का पत्थर
भाजपा अनुसूचित जाति मोर्चा, पश्चिम सिंहभूम की जिला कमेटी ने कहा कि यह निर्णय समाज में समरसता बढ़ाने और लाभों के दुरुपयोग को रोकने में सहायक होगा। उन्होंने यह भी बताया कि अनुसूचित जाति समाज के लोग अक्सर सामाजिक और राजनीतिक परिस्थितियों के कारण प्रभावित होते हैं और कई युवा शिक्षित होने के बावजूद रोजगार से वंचित रह जाते हैं। सुप्रीम कोर्ट का यह फैसला न केवल समाज को नई दिशा देगा, बल्कि सामाजिक संरक्षण और सशक्तिकरण को भी बढ़ावा देगा। मोर्चा ने सभी नागरिकों से सामाजिक न्याय के इस कदम का समर्थन करने की अपील की।






















