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Potka : बाल विवाह के खिलाफ किशोरियों को नुक्कड़ नाटक का प्रशिक्षण

  • दो दिवसीय कार्यशाला में आत्मविश्वास और संचार कौशल पर जोर

जेबी लाइव, रिपोर्टर

पोटका : पोटका में सामाजिक संस्था यूथ यूनिटी फॉर वालंटरी एक्शन के तहत 23-24 मार्च को हाता स्थित युवा कार्यालय में दो दिवसीय नुक्कड़ नाटक प्रशिक्षण आयोजित किया गया इस प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य किशोरियों में आत्मविश्वास बढ़ाना, उनकी सृजनात्मकता को निखारना और संचार कौशल को मजबूत करना था कार्यक्रम में प्रशिक्षक बिक्रम कुमार झा ने प्रतिभागियों को नुक्कड़ नाटक की बारीकियां, संवाद प्रस्तुति, मंच संचालन और टीमवर्क के महत्व की विस्तृत जानकारी दी।

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बाल विवाह के खिलाफ जागरूकता का संदेश, किशोरियों ने दी प्रस्तुति

प्रशिक्षण के दौरान किशोरियों को सामाजिक मुद्दों, विशेषकर बाल विवाह और अर्ली यूनियन के खिलाफ प्रभावी तरीके से आवाज उठाने के लिए प्रेरित किया गया प्रतिभागियों ने समूह बनाकर लघु नाटक तैयार किए और उनकी प्रस्तुति दी, जिससे उनकी नेतृत्व क्षमता और टीम भावना का विकास हुआ समापन अवसर पर किशोरियों ने इसे एक प्रेरणादायक और आत्मविश्वास बढ़ाने वाला अनुभव बताया।

Jamshedpur : टाटा टीएमएच डिस्पेंसरी सोनारी में CPR प्रशिक्षण, आपात स्थिति में जीवन बचाने की दी गई जानकारी

हार्ट अटैक व पल्स रुकने की स्थिति में तुरंत CPR करने का दिया गया डेमोंस्ट्रेशन जेबी लाइव, रिपोर्टर जमशेदपुर :

  • हार्ट अटैक व पल्स रुकने की स्थिति में तुरंत CPR करने का दिया गया डेमोंस्ट्रेशन

जेबी लाइव, रिपोर्टर

जमशेदपुर : सोनारी स्थित टाटा टीएमएच डिस्पेंसरी में आपातकालीन चिकित्सा स्थिति से निपटने के लिए विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस दौरान स्वास्थ्य कर्मियों एवं उपस्थित लोगों को बताया गया कि यदि किसी मरीज को हार्ट अटैक या स्ट्रोक आता है और उसकी धड़कन रुक जाती है तथा पल्स नहीं चलती है, तो ऐसी स्थिति में तुरंत CPR (कार्डियोपल्मोनरी रिससिटेशन) देना जीवन बचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। कार्यक्रम में विशेषज्ञों ने CPR की सही तकनीक का डेमोंस्ट्रेशन कर सभी को व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया।

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आपातकाल में सही तकनीक से बचाई जा सकती है जान

प्रशिक्षण के दौरान बताया गया कि CPR देने में समय की अत्यंत महत्वपूर्ण भूमिका होती है, इसलिए किसी भी आपात स्थिति में तुरंत प्रतिक्रिया देना जरूरी है। विशेषज्ञों ने उपस्थित लोगों को छाती पर दबाव देने की सही विधि, सांस देने की प्रक्रिया और मरीज को स्थिर रखने के तरीके विस्तार से समझाए। कार्यक्रम में यह भी बताया गया कि प्राथमिक उपचार की जानकारी हर व्यक्ति को होनी चाहिए ताकि जरूरत पड़ने पर किसी की जान बचाई जा सके। इस डेमोंस्ट्रेशन को सभी प्रतिभागियों ने ध्यानपूर्वक देखा और अभ्यास भी किया।

New Labor Codes : भारत में चार नए लेबर कोड लागू, श्रम कानूनों में ऐतिहासिक बदलाव

29 पुराने श्रम कानून समाप्त, वेतन, सुरक्षा और महिलाओं के अधिकारों में बड़े सुधार जेबी लाइव, रिपोर्टर नई दिल्ली :

  • 29 पुराने श्रम कानून समाप्त, वेतन, सुरक्षा और महिलाओं के अधिकारों में बड़े सुधार

जेबी लाइव, रिपोर्टर

नई दिल्ली : भारत सरकार ने देश में श्रम सुधार की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए चार नए लेबर कोड्स को पूरी तरह लागू कर दिया है। इसके साथ ही पहले से लागू 29 अलग-अलग श्रम कानूनों को समाप्त कर दिया गया है। सरकार ने इसका आधिकारिक ऐलान गजट अधिसूचना के माध्यम से किया है। इन नए नियमों का उद्देश्य मजदूरों और कंपनियों दोनों के लिए कानूनों को सरल, पारदर्शी और एक समान बनाना है, ताकि अनुपालन में किसी प्रकार की कठिनाई न हो। लंबे समय से चल रही प्रक्रिया के बाद लगभग 5 वर्षों में यह सुधार लागू हुआ है। शुरुआत 21 नवंबर 2025 को हुई थी, लेकिन नियमावली पूरी नहीं होने के कारण पूर्ण रूप से लागू नहीं हो पाए थे। अब सभी आवश्यक नियम तय कर दिए गए हैं और देशभर में एक साथ लागू कर दिए गए हैं।

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श्रम कानूनों में समान वेतन, महिलाओं की सुरक्षा और स्वास्थ्य जांच पर जोर

नए लेबर कोड के तहत सबसे बड़ा बदलाव समान कार्य के लिए समान वेतन को लेकर किया गया है। अब एक ही तरह का काम करने वाले पुरुष और महिला कर्मचारियों को बराबर वेतन मिलेगा, जिससे भेदभाव की संभावना खत्म होगी। इसके अलावा महिलाओं को मातृत्व के बाद 26 सप्ताह की छुट्टी का प्रावधान किया गया है, ताकि वे अपने और नवजात शिशु की देखभाल बेहतर तरीके से कर सकें। आवश्यकता पड़ने पर वर्क फ्रॉम होम की सुविधा भी दी जा सकेगी। साथ ही 40 वर्ष या उससे अधिक आयु के कर्मचारियों के लिए हर साल एक बार मुफ्त स्वास्थ्य जांच अनिवार्य की गई है, जिससे बीमारियों का समय पर पता लगाया जा सके।

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कर्मचारियों के कौशल विकास और रोजगार सुरक्षा पर विशेष ध्यान

नए नियमों में सरकार ने नेशनल री-स्किलिंग फंड की भी व्यवस्था की है, जिसके तहत नौकरी जाने पर कर्मचारियों को नई तकनीकी ट्रेनिंग देकर रोजगार योग्य बनाया जाएगा। इससे बेरोजगारी की समस्या को कम करने में मदद मिलेगी। साथ ही वेतन संरचना और पीएफ नियमों में भी बदलाव किया गया है, जिससे टेक-होम सैलरी और कटौतियों के ढांचे में बदलाव देखने को मिलेगा। कंपनियों को इन नए नियमों को लागू करने के लिए समय दिया गया है। विशेषज्ञों के अनुसार, ये बदलाव न केवल श्रमिकों के हित में हैं, बल्कि उद्योग और निवेश माहौल को भी बेहतर बनाएंगे।

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सरलीकरण से बढ़ेगा निवेश और रोजगार के नए अवसर

सरकार का मानना है कि पहले 29 अलग-अलग श्रम कानूनों के कारण नियम जटिल और कठिन थे, जिससे कंपनियों को अनुपालन में दिक्कत होती थी। नए लेबर कोड इन सभी नियमों को सरल और एकीकृत करते हैं, जिससे व्यापार करना आसान होगा। इससे देश में निवेश बढ़ने की संभावना है और नई कंपनियों के आने से रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे। विशेषज्ञों के अनुसार, यह सुधार भारत के श्रम बाजार को आधुनिक बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, जिससे आने वाले वर्षों में रोजगार और आर्थिक विकास को नई गति मिलेगी।

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कौन से बड़े नियम बदलेंगे?

  1. नए लेबर कोड महिलाओं और काम करने वाले लोगों के फायदे के लिए लाया गया है। अब अगर पुरुष और महिला एक जैसा काम करते हैं, तो दोनों को एक ही जितनी सैलरी मिलेगी। इससे किसी के साथ भेदभाव नहीं होगा।
  2. महिलाओं को बच्चे के जन्म के बाद अब 26 हफ्ते की छुट्टी मिलेगी, जिससे वो आराम से अपनी और बच्चे की देखभाल कर सकें। साथ ही जरूरत पड़ने पर महिलाएं घर से काम भी कर सकेंगी।
  3. इसके अलावा, नए लेबर कोड के अनुसार 40 साल या उससे ज्यादा उम्र के सभी कर्मचारियों की हर साल एक बार मुफ्त मेडिकल जांच होगी, जिससे बीमारी का पता समय रहते चल सके।
  4. सरकार ने नेशनल री स्किलिंग फंड फंड बनाया है, जिससे लोग नई तकनीक सीख सकें। अगर किसी की नौकरी चली जाती है, तो ये फंड उसे नई ट्रेनिंग दिलाएगा, जिससे वो फिर से काम पा सके।
  5. नए लेबर कानून आने से सैलरी और पीएफ के नियम बदलेंगे। यानी अब सैलरी में डिडक्शन और हाथ में मिलने वाला पैसा थोड़ा अलग हो सकता है। कंपनियों को इन नए नियमों को लागू करने के लिए समय दिया है। आगे चलकर ये नियम हर तरह के कर्मचारियों चाहे वो दफ्तर में काम करते हों या बाहर सभी के लिए एक समान बनेंगे।

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लोक अदालत के माध्यम से 8.16 करोड़ रुपये की रिकॉर्ड राजस्व प्राप्ति जेबी लाइव, रिपोर्टर जमशेदपुर : जमशेदपुर जिला व्यवहार

  • लोक अदालत के माध्यम से 8.16 करोड़ रुपये की रिकॉर्ड राजस्व प्राप्ति

जेबी लाइव, रिपोर्टर

जमशेदपुर : जमशेदपुर जिला व्यवहार न्यायालय परिसर में जिला विधिक सेवा प्राधिकार की ओर से राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया गया। इस नेशनल लोक अदालत में कुल 3,18,765 मामलों का निष्पादन किया गया, जिसमें 3,08,616 प्रीलिटिगेशन केस और 10,149 लंबित न्यायालयीन मामले शामिल रहे। लोक अदालत के माध्यम से कुल 8,16,24,299 रुपये की रिकॉर्ड राजस्व प्राप्ति भी हुई। कार्यक्रम का उद्घाटन रांची से झालसा के कार्यकारी अध्यक्ष न्यायमूर्ति सुजीत नारायण प्रसाद एवं झारखंड उच्च न्यायालय के अन्य न्यायाधीशों द्वारा वर्चुअल माध्यम से किया गया। इस अवसर पर पूर्वी सिंहभूम के प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश सह जिला विधिक सेवा प्राधिकार के अध्यक्ष अरविंद कुमार पांडेय उपस्थित रहे।

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लोक अदालत को बताया न्याय व्यवस्था की महत्वपूर्ण कड़ी

 

प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश अरविंद कुमार पांडेय ने कहा कि लोक अदालत आज आर्थिक रूप से कमजोर लोगों को त्वरित एवं सुलभ न्याय दिलाने का एक सशक्त माध्यम बन चुका है। उन्होंने कहा कि आपसी मेल-मिलाप और समझौते के जरिए लोगों को न्याय मिल रहा है, जिससे न्यायालयों पर लंबित मामलों का बोझ भी कम हो रहा है। उन्होंने लोक अदालत को भारतीय न्याय प्रणाली की प्राचीन परंपरा से जुड़ी व्यवस्था बताते हुए कहा कि इसकी प्रासंगिकता आज भी बनी हुई है। कार्यक्रम में जिला विधिक सेवा प्राधिकार के सचिव कुमार सौरव त्रिपाठी ने धन्यवाद ज्ञापन किया। इस राष्ट्रीय लोक अदालत को सफल बनाने में कोर्ट स्टाफ, डालसा कर्मियों एवं पीएलवी (अधिकार मित्र) की महत्वपूर्ण भूमिका रही। मामलों के निष्पादन के लिए जिला व्यवहार न्यायालय में कुल 13 बेंच का गठन किया गया था।

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सरस्वती शिशु मंदिरों में आधुनिक तकनीक से विद्यार्थियों को जोड़ने की पहल जेबी लाइव, रिपोर्टर बहरागोड़ा : बहरागोड़ा में शिक्षा

  • सरस्वती शिशु मंदिरों में आधुनिक तकनीक से विद्यार्थियों को जोड़ने की पहल

जेबी लाइव, रिपोर्टर

बहरागोड़ा : बहरागोड़ा में शिक्षा के क्षेत्र में डिजिटल क्रांति को बढ़ावा देने के उद्देश्य से सांसद पुत्र सह सामाजिक कार्यकर्ता कुणाल महतो ने शनिवार को सराहनीय पहल की। उन्होंने सरस्वती शिशु विद्या मंदिर, गीता आश्रम बहरागोड़ा एवं सरस्वती शिशु मंदिर रांगुनिया को निजी स्तर पर एक-एक कंप्यूटर भेंट किया। इस दौरान विद्यालय परिवार ने उनका पट्टा पहनाकर भव्य स्वागत किया। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कुणाल महतो ने कहा कि वर्तमान समय में विद्यार्थियों को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और आधुनिक तकनीकों से जोड़ना बेहद जरूरी है, ताकि ग्रामीण क्षेत्रों के छात्र भी तकनीकी शिक्षा में पीछे न रहें। उन्होंने कहा कि डिजिटल शिक्षा आज के दौर की सबसे बड़ी आवश्यकता बन चुकी है।

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विद्यालयों में कंप्यूटर बढ़ाने का दिया आश्वासन

कुणाल महतो ने विद्यार्थियों को उज्ज्वल भविष्य के लिए तकनीकी शिक्षा अपनाने की प्रेरणा देते हुए कहा कि आने वाले समय में विद्यालयों में कंप्यूटर की संख्या और बढ़ाने का प्रयास किया जाएगा। उनके इस पहल की शिक्षकों, अभिभावकों और स्थानीय लोगों ने खुलकर सराहना की। कार्यक्रम में प्रधानाचार्य जगन्नाथ कुईला, विजय भांडारी, समाजसेवी चित्त देहुरी, बाबला बारीक, युवा नेता चंदन सीट एवं अमल बेरा सहित बड़ी संख्या में गणमान्य लोग उपस्थित रहे। उपस्थित लोगों ने कहा कि यह प्रयास ग्रामीण शिक्षा को सशक्त बनाने और विद्यार्थियों को आधुनिक संसाधनों से जोड़ने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

Meghahatuburu : मेघाहातुबुरु में ठेका मजदूर ने फांसी लगाकर की आत्महत्या, इलाके में शोक

जेबी लाइव, रिपोर्टर मेघाहातुबुरु : मेघाहातुबुरु निवासी ठेका मजदूर बालाजी शर्मा उर्फ बाला (लगभग 38 वर्ष) ने शुक्रवार रात कथित

जेबी लाइव, रिपोर्टर

मेघाहातुबुरु : मेघाहातुबुरु निवासी ठेका मजदूर बालाजी शर्मा उर्फ बाला (लगभग 38 वर्ष) ने शुक्रवार रात कथित रूप से फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। घटना के बाद पूरे इलाके में शोक का माहौल है, जबकि परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। जानकारी के अनुसार, बाला मेघाहातुबुरु स्थित सेल आवास संख्या 12/5 ए टाइप में रहता था। शुक्रवार रात करीब 9 बजे उसने अपने कमरे के अंदर पंखे से बेडशीट के सहारे फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। घटना की जानकारी मिलते ही आसपास के लोग मौके पर पहुंचे और उसे नीचे उतारकर तत्काल किरीबुरू अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया।

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परिजनों और स्थानीय लोगों के अनुसार, बाला पिछले दो दिनों से काफी तनाव में था। बताया जा रहा है कि वह घर से बाहर भी नहीं निकल रहा था और ठीक से खाना भी नहीं खा रहा था। घटना के समय घर में उसकी मां और बहन मौजूद थीं। इसी दौरान उसने कमरे का दरवाजा अंदर से बंद कर लिया और फंदे से झूल गया। कुछ देर बाद उसकी मां की नजर खिड़की से कमरे के अंदर गई तो बेटे को फंदे से लटका देख वह चीख पड़ी। आवाज सुनकर आसपास के लोग मौके पर पहुंचे और दरवाजा तोड़कर बाला को नीचे उतारा। इसके बाद उसे तुरंत अस्पताल पहुंचाया गया, लेकिन तब तक काफी देर हो चुकी थी।

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स्थानीय लोगों के अनुसार, बाला मिलनसार और सामाजिक स्वभाव का युवक था। वह हर सुख-दुख में लोगों के साथ खड़ा रहता था और इलाके में काफी लोकप्रिय था। उसकी अचानक मौत की खबर से लोग स्तब्ध हैं। बताया जा रहा है कि बाला अपने परिवार में इकलौता भाई था और उसकी तीन बहनें हैं। पिता का पहले ही निधन हो चुका है। बेटे की मौत के बाद परिवार पूरी तरह टूट गया है। घटना की सूचना मिलने के बाद किरीबुरू थाना पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की जांच शुरू कर दी। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर आगे की कानूनी प्रक्रिया प्रारंभ कर दी है। आत्महत्या के कारणों का पता लगाने के लिए परिजनों और आसपास के लोगों से पूछताछ की जा रही है।

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समझौता उल्लंघन का आरोप लगाकर ग्रामीणों ने खनन कार्य कराया ठप जेबी लाइव, रिपोर्टर गुवा : गुवा स्थित सेल के

  • समझौता उल्लंघन का आरोप लगाकर ग्रामीणों ने खनन कार्य कराया ठप

जेबी लाइव, रिपोर्टर

गुवा : गुवा स्थित सेल के रांजाबुरु माइंस में शनिवार को सारंडा विकास समिति के बैनर तले 18 गांवों के मुंडा-मानकी एवं ग्रामीणों ने जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। सुबह से ही ग्रामीण माइंस परिसर के बाहर जुट गए और कामकाज बंद करा दिया, जिससे खनन कार्य एवं वाहनों का परिचालन पूरी तरह प्रभावित रहा। आंदोलनकारियों का आरोप था कि पिछले दिनों 13 दिनों तक चले आंदोलन के बाद सेल प्रबंधन और ग्रामीणों के बीच जो समझौता हुआ था, उसका पालन नहीं किया जा रहा है। ग्रामीणों ने कहा कि समझौते के अनुसार माइंस में स्थानीय गांवों के लोगों को रोजगार देने की बात तय हुई थी, लेकिन अब भी बाहरी लोगों को काम पर रखा जा रहा है।

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ठेकेदार पर बाहरी मजदूरों को काम देने का आरोप

ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि संबंधित ठेकेदार मां सरला द्वारा ड्राइवर, खलासी, झंडा दिखाने वाले कर्मी सहित कई मजदूरों को बाहरी क्षेत्रों से लाकर नियुक्त किया गया है। इससे स्थानीय युवाओं में भारी नाराजगी है। प्रदर्शन कर रहे लोगों ने कहा कि क्षेत्र के बेरोजगार युवा लंबे समय से रोजगार की मांग कर रहे हैं, लेकिन बार-बार आंदोलन और वार्ता के बावजूद उनकी अनदेखी की जा रही है। आंदोलनकारियों ने कहा कि स्थानीय लोगों को प्राथमिकता नहीं देना समझौते का सीधा उल्लंघन है। माइंस परिसर के बाहर बड़ी संख्या में ग्रामीण जुटे रहे और स्थानीय नियुक्ति लागू करने की मांग करते रहे।

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वार्ता के बाद फिलहाल आंदोलन स्थगित, दोबारा उग्र आंदोलन की चेतावनी

स्थिति की गंभीरता को देखते हुए प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे और आंदोलनकारियों से बातचीत की। इस दौरान झारखंड के परिवहन मंत्री के पीए ने भी ग्रामीणों से वार्ता कर उनकी मांगों को संबंधित अधिकारियों तक पहुंचाने का आश्वासन दिया। काफी देर तक चली बातचीत के बाद आंदोलन को फिलहाल कुछ समय के लिए स्थगित कर दिया गया। हालांकि ग्रामीणों ने स्पष्ट चेतावनी दी कि यदि जल्द स्थानीय लोगों को रोजगार देने की दिशा में ठोस कदम नहीं उठाए गए, तो आंदोलन को और उग्र रूप में दोबारा शुरू किया जाएगा। इस मुद्दे को लेकर क्षेत्र के युवाओं और ग्रामीणों में लगातार आक्रोश बना हुआ है।

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