- गुवा के डिपासाई और जाटा हाटिंग में बुलडोजर कार्रवाई से मचा हड़कंप
- तीन घंटे तक चला विरोध, नारेबाजी से गूंजा क्षेत्र
- आंसू गैस की नौबत, लेकिन बातचीत से निकला समाधान
- प्रशासन के आश्वासन पर माने लोग, पुनर्वास पर फिर उठे सवाल
जेबी लाइव, रिपोर्टर
गुवा : गुवा बाजार स्थित डिपासाई और जाटा हाटिंग क्षेत्र में शनिवार को सेल प्रबंधन द्वारा अतिक्रमण हटाने को लेकर बड़ी कार्रवाई की गई। सुबह करीब 11 बजे अचानक बुलडोजर चलने से पूरे इलाके में अफरा-तफरी मच गई। विस्थापितों के घरों को हटाने की इस कार्रवाई से स्थानीय लोग सकते में आ गए और देखते ही देखते बड़ी संख्या में लोग मौके पर जमा हो गए। इस अभियान को लेकर जिला प्रशासन पूरी तरह अलर्ट रहा। मौके पर अंचलाधिकारी मनोज कुमार मजिस्ट्रेट के रूप में तैनात थे, जबकि प्रखंड विकास पदाधिकारी पप्पू रजक, इंस्पेक्टर वासुदेव मुंडा सहित गुवा, बड़ाजामदा, नोवामुंडी और किरीबुरू थाना प्रभारी मौजूद रहे। किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए करीब 500 पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई थी, जिससे इलाके में तनावपूर्ण शांति बनी रही।
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विस्थापितों का फूटा आक्रोश, नेताओं ने दिया समर्थन

बुलडोजर कार्रवाई शुरू होते ही विस्थापितों का आक्रोश फूट पड़ा और उन्होंने जोरदार विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। सैकड़ों की संख्या में लोग मौके पर इकट्ठा होकर नारेबाजी करने लगे। स्थिति को और गंभीर होते देख स्थानीय जनप्रतिनिधि भी मौके पर पहुंच गए। नोवामुंडी भाग-एक की जिला परिषद सदस्य देवकी कुमारी, पूर्वी पंचायत की मुखिया चांदमनी लागुरी और झामुमो नेता मोहम्मद तबारक ने विस्थापितों का समर्थन करते हुए कहा कि जब तक सभी प्रभावित परिवारों को पुनर्वास के तहत नए घर की चाबी नहीं दी जाती, तब तक वे अपने पुराने घर खाली नहीं करेंगे। करीब तीन घंटे तक चले इस विरोध प्रदर्शन के दौरान माहौल बेहद तनावपूर्ण बना रहा और प्रशासन को स्थिति संभालने में काफी मशक्कत करनी पड़ी।
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प्रशासन की सख्ती के बीच बनी टकराव की स्थिति
हालात को देखते हुए प्रशासन ने सख्ती बरतने की तैयारी भी कर ली थी। भीड़ को नियंत्रित करने के लिए आंसू गैस के गोले दागने तक की नौबत आ गई थी। प्रखंड विकास पदाधिकारी पप्पू रजक ने मोर्चा संभालते हुए लोगों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन विस्थापित अपनी मांगों पर अड़े रहे। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए अंततः प्रशासन और सेल प्रबंधन को नरम रुख अपनाना पड़ा। अधिकारियों ने मौके पर ही विस्थापितों से वार्ता की और समाधान निकालने की दिशा में कदम उठाया।
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दो दिन की मोहलत के बाद खाली होगा क्षेत्र
प्रशासन की ओर से घोषणा की गई कि जिन विस्थापितों को नए घर की चाबी मिल चुकी है, वे तुरंत अपने पुराने घर खाली करें, जबकि जिन लोगों को अब तक चाबी नहीं मिली है, उन्हें दो दिनों का समय दिया गया है। इस आश्वासन के बाद स्थिति धीरे-धीरे सामान्य हुई और लोगों ने प्रशासन की बात मान ली। इसके बाद कई लोग अपने घर खाली करने लगे। शाम करीब 4 बजे प्रखंड विकास पदाधिकारी पप्पू रजक की अध्यक्षता में अंचल अधिकारी मनोज कुमार, पुलिस निरीक्षक वासुदेव मुंडा और गुवा थाना प्रभारी नीतीश कुमार ने आम लोगों के साथ बैठक कर समस्या के समाधान का प्रयास किया। इस पूरे घटनाक्रम ने एक बार फिर विस्थापन और पुनर्वास के मुद्दे को चर्चा में ला दिया है। स्थानीय लोगों का कहना है कि विकास के साथ-साथ प्रभावित परिवारों के पुनर्वास को प्राथमिकता देना आवश्यक है, ताकि भविष्य में इस तरह के विवाद उत्पन्न न हों।






















