- किरीबुरू और मेघाहातुबुरू में 20 मिनट की ओलावृष्टि से सड़कें और मैदान बर्फ की परत जैसे दिखे
जेबी लाइव, रिपोर्टर
गुवा : सारंडा के पहाड़ी क्षेत्र में शनिवार 15 मार्च की रात अचानक बदले मौसम ने लोगों को हैरान कर दिया। रात करीब 8 बजे से शुरू हुई तेज बारिश और ओलावृष्टि ने इलाके में जनजीवन को प्रभावित कर दिया। खासकर किरीबुरू और मेघाहातुबुरू शहर में करीब 20 मिनट तक लगातार ओले गिरते रहे। ओलों की मात्रा इतनी अधिक थी कि सड़कों, मैदानों और खुले स्थानों पर बर्फ की परत जैसी स्थिति बन गई। कुछ देर के लिए पूरा इलाका सफेद चादर से ढका हुआ नजर आया। लगातार गिरते ओलों के कारण शहर के चारों ओर सड़कों, घरों के आसपास और मैदानों में बर्फ जैसे टुकड़े बिखरे पड़े रहे, जिससे लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा।
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ओलावृष्टि से पेड़-पौधों और घरों को हुआ नुकसान
तेज ओलावृष्टि के कारण पेड़-पौधों को काफी नुकसान पहुंचा है। कई जगहों पर पेड़ों के पत्ते झड़ गए और छोटे पौधे भी क्षतिग्रस्त हो गए। ओलों की मार से वाहनों, घरों की एस्बेस्टस शीट और खुले में बंधे पशुओं को भी नुकसान पहुंचने की सूचना है। वहीं तेज बारिश के कारण कई घरों की छतों से पानी रिसकर अंदर घुस गया, जिससे लोगों के बिस्तर, कपड़े और अन्य घरेलू सामान भी भीगकर खराब हो गए। अचानक आए इस मौसम परिवर्तन से लोगों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा। स्थानीय लोगों के अनुसार इतनी तेज ओलावृष्टि लंबे समय बाद देखने को मिली है, जिससे इलाके में चर्चा का विषय बना हुआ है।
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बारिश से जंगलों में लगी आग पर भी लगी रोक
ओलावृष्टि का सबसे ज्यादा असर फलदार पेड़ों पर पड़ा है। इस समय आम और लीची के पेड़ों में आए टिकोला और मंजर ओलों की मार से बड़ी संख्या में गिर गए हैं, जिससे स्थानीय किसानों को नुकसान होने की आशंका है। हालांकि इस तेज बारिश से एक राहत की खबर भी सामने आई है। पिछले कुछ दिनों से सारंडा के जंगलों में कई जगहों पर आग लगने की घटनाएं सामने आ रही थीं, लेकिन इस वर्षा ने जंगलों में लगी आग को काफी हद तक शांत कर दिया है। सुरक्षा के मद्देनजर ओलावृष्टि और तेज बारिश के दौरान शहर की बिजली आपूर्ति कुछ समय के लिए बंद कर दी गई थी, जिसे बाद में मौसम सामान्य होने पर बहाल कर दिया गया।






















