- स्थानीय युवाओं को प्राथमिकता देने की लिखित गारंटी तक खनन कार्य रोका रहेगा
- स्थानीय संगठनों और प्रशासन से शीघ्र समाधान की अपील की गई
जेबी लाइव, रिपोर्टर
गुवा : राजाबुरु खदान क्षेत्र में 75 प्रतिशत स्थानीय रोजगार की मांग को लेकर 10 गांवों के मुंडा–मानकी एवं ग्रामीणों का आंदोलन लगातार जारी है। आंदोलन का नेतृत्व सारंडा पीढ़ मानकी लागुड़ा देवगम और छोटानागरा पंचायत मुखिया राजू शांडिल कर रहे हैं। ग्रामीणों ने साफ कहा कि जब तक स्थानीय युवाओं को प्राथमिकता के आधार पर रोजगार देने की लिखित गारंटी नहीं मिलती, खदान में खनन कार्य शुरू नहीं होगा। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि अब तक कोई भी विभागीय अधिकारी वार्ता के लिए स्थल पर नहीं पहुंचा, जिससे ग्रामीणों में आक्रोश बढ़ता जा रहा है।
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ग्रामीणों ने रोजगार की लिखित गारंटी तक खनन रोकने का किया ऐलान
आंदोलन को समर्थन देने के लिए झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) के जिला अध्यक्ष सोनाराम देवगम, जिला सचिव राहुल आदित्य, उपाध्यक्ष दीपक प्रधान, वीर सिंह मुंडा, अशोक दास, वृंदावन गोप एवं व्यावसायिक जिला मोर्चा अध्यक्ष प्रेमनाथ गुप्ता आंदोलन स्थल पर पहुंचे। जिला अध्यक्ष सोनाराम देवगम ने कहा, “रोजगार नहीं तो खनन नहीं।” फिलहाल खदान क्षेत्र में तनावपूर्ण शांति बनी हुई है। समाजसेवी और वरिष्ठ झामुमो नेता बीर सिंह मुंडा (महासचिव) ने कहा कि राजाबुरु खदान बंदी में उनके खिलाफ लगाए गए आरोप निराधार हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि झारखंड माइंस मजदूर यूनियन ग्रामीणों की मांग के प्रति पूर्ण समर्थन रखती है और खदान प्रबंधन को तुरंत वार्ता कर समाधान करना चाहिए।
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झामुमो नेताओं ने शीघ्र वार्ता न होने पर आंदोलन और व्यापक बनाने की चेतावनी दी
बीरे सिंह मुंडा ने यह भी कहा कि स्थानीय लोगों और विभिन्न संगठनों के बीच भ्रम की स्थिति उत्पन्न नहीं होनी चाहिए। उनका संगठन खदान की हित में ग्रामीणों का प्रत्यक्ष और परोक्ष रूप से सहयोगी है। उन्होंने सभी पक्षों से अपील की कि खदान क्षेत्र में सहयोग और संवाद बनाए रखा जाए ताकि शीघ्र समाधान निकाला जा सके। झामुमो नेताओं ने चेतावनी दी है कि यदि शीघ्र वार्ता शुरू नहीं हुई तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा, जिसकी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।






















