- उत्क्रमित प्राथमिक विद्यालय इचागुटू टू में सामाजिक सरोकार की मिसाल
- समाजसेवी संगठनों से बदलेगा ग्रामीण शिक्षा का भविष्य
जेबी लाइव, रिपोर्टर
नक्सल प्रभावित क्षेत्र लिपुंगा गांव स्थित उत्क्रमित प्राथमिक विद्यालय इचागुटू टू में बुधवार को सहचरी ग्रुप की महिलाओं द्वारा बच्चों के बीच पठन-पाठन सामग्री का वितरण किया गया और सभी बच्चों को भोजन कराया गया। इस मानवीय पहल से विद्यालय परिसर में उत्साह और खुशी का माहौल देखने को मिला। बच्चों को कॉपी, पेंसिल और अन्य अध्ययन सामग्री मिलने से उनमें पढ़ाई के प्रति नई ऊर्जा और रुचि दिखाई दी। विद्यालय के शिक्षकों और ग्रामीणों ने सहचरी ग्रुप के इस प्रयास की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे कार्य बच्चों के मनोबल को बढ़ाने के साथ-साथ शिक्षा से जुड़ाव मजबूत करते हैं।
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नक्सल क्षेत्रों में शिक्षा को मजबूत करने की पहल
इस अवसर पर सहचरी ग्रुप की अध्यक्ष दीपा राय चौधरी ने कहा कि लिपुंगा गांव स्थित इचागुटू वन स्कूल अब तक सीएसआर सूची में शामिल नहीं होने के कारण कई बुनियादी सुविधाओं से वंचित है। उन्होंने बताया कि घोर नक्सल प्रभावित क्षेत्र में स्थित होने के बावजूद शिक्षक और ग्रामीण निरंतर बच्चों को शिक्षित करने का प्रयास कर रहे हैं, जो प्रशंसनीय है। बच्चों के चेहरे पर मुस्कान लाने और शिक्षा के प्रति रुचि बढ़ाने के उद्देश्य से यह कार्यक्रम आयोजित किया गया है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि भविष्य में भी सहचरी ग्रुप इस तरह के सामाजिक कार्य करता रहेगा। कार्यक्रम में सुजाता दास, गोपा राय चौधरी, पूजा घोष, सोनाली कांजीलाल, सुष्मिता बोस, सेवली विश्वास, उमा चक्रवर्ती, सुषमा गुहा, रूबी सिन्हा, शुभ्रा दत्ता और पिंकी केसरी उपस्थित रहीं।
























