- स्थानीय युवाओं को प्राथमिकता देने और बाहरी बहाली रोकने की उठी मांग
- बाहरी भर्ती पर रोक और स्थानीय युवाओं को रोजगार देने की मांग तेज
जेबी लाइव, रिपोर्टर
गुवा में झारखंड मजदूर संघर्ष संघ यूनियन द्वारा मजदूरों की एक विशेष बैठक आयोजित की गई, जिसकी शुरुआत देश के प्रथम राष्ट्रपति डॉ. राजेंद्र प्रसाद की जयंती पर श्रद्धांजलि अर्पित कर की गई। बैठक में यूनियन के पदाधिकारियों ने संगठन को मजबूत बनाने पर जोर देते हुए मजदूरों से एकजुट रहने की अपील की। साथ ही संघ में नए सदस्यों को शामिल किया गया, जिससे संगठन का ढांचा और सुदृढ़ हो सके। बैठक में गुवा सेल प्रबंधन के वर्षों से लंबित मांगों पर विस्तार से चर्चा हुई और इन्हें लेकर एक ठोस रणनीति तैयार की गई। यूनियन के केंद्रीय अध्यक्ष रामा पांडे ने स्पष्ट किया कि प्रबंधन से इन मुद्दों पर जल्द बात की जाएगी। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि मांगे नहीं मानी गईं, तो चरणबद्ध तरीके से आंदोलन तेज किया जाएगा और आवश्यक होने पर सेल का डिस्पैच रोकते हुए चक्का जाम भी किया जाएगा।
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लंबित मांगों पर प्रबंधन से जल्द बातचीत, नहीं तो चक्का जाम की तैयारी
रामा पांडे ने बैठक में यह भी कहा कि गुवा सेल प्रबंधन को बाहरी लोगों की बहाली बंद कर स्थानीय युवाओं को—विशेषकर आईटीआई और डिप्लोमा धारकों को—प्राथमिकता देनी चाहिए। उन्होंने सवाल उठाया कि जब क्षेत्र में योग्य स्थानीय उम्मीदवार मौजूद हैं, तो बाहरी भर्ती क्यों की जा रही है। यदि स्थानीय युवाओं को रोजगार सुनिश्चित नहीं किया गया, तो संघ आर-पार की लड़ाई लड़ेगा। बैठक में महामंत्री अंतर्यामी महाकुड़, सिकंदर पान, रोहित पांडे, किशोर सिंह, चंद्रिका खण्डाईत, संजय सांडिल समेत बड़ी संख्या में मजदूर शामिल हुए। मजदूरों ने भी एक स्वर में कहा कि उनकी मांगों के समाधान के लिए वे संघर्ष के लिए तैयार हैं।
























