- गांगदा पंचायत मुखिया ने पीएम आवास, सड़क और शिक्षा में देरी पर सरकार पर किया निशाना
जेबी लाइव, रिपोर्टर
गुवा : गांगदा पंचायत के मुखिया राजू सांडिल ने राज्य सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि झारखंड सरकार गरीब जनता को जमीन का पट्टा और आवास प्रदान करने में पूरी तरह विफल रही है। उन्होंने बताया कि मनोहरपुर के छह पंचायतों—छोटानगरा, गांगदा, चिड़िया, दीघा, मकरंदा और लेलोहर—में 2012 में सारंडा एक्शन प्लान लागू किया गया था, लेकिन आज तक इस योजना का कोई सार्थक परिणाम नहीं निकला। उन्होंने कहा कि योजना को बंद करके सीधे पीएम आवास के माध्यम से गरीबों को घर मिलना चाहिए। इसके अलावा, दीघा और गांगदा पंचायत के उच्च विद्यालयों में शिक्षकों की भारी कमी के कारण बच्चों को अच्छी शिक्षा नहीं मिल पा रही है, जिससे उनके भविष्य और रोजगार पर प्रतिकूल असर पड़ रहा है।
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शिक्षा और आवास की अनदेखी से प्रभावित हो रही ग्रामीण जनता
राजू सांडिल ने कहा कि सेल चिड़िया माइंस में हैंड माइनिंग की बजाय मशीनों का प्रयोग शुरू किया गया है, जिससे स्थानीय मजदूरों की नौकरियां प्रभावित हो रही हैं। उन्होंने कहा कि सरकार जल, जंगल और जमीन के नाम पर लोगों को गुमराह कर रही है। मनोहरपुर क्षेत्र के कई गांव आज भी राजस्व ग्राम के रूप में पंजीकृत नहीं हैं, जिससे विकास की गति प्रभावित हो रही है। उन्होंने जोर देकर कहा कि पंचायत प्रतिनिधि लगातार आवाज उठाते रहे हैं, लेकिन झामुमो सरकार द्वारा कोई सकारात्मक कार्रवाई नहीं की जा रही है।
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सड़क और बुनियादी सुविधाओं की अनदेखी ग्रामीण विकास में बाधक
राजू सांडिल ने अंकुवा मोड से चिड़िया माइंस जाने वाले रास्ते की जर्जर स्थिति पर भी चिंता व्यक्त की। यह मार्ग विगत 25 वर्षों से मृतप्राय स्थिति में पड़ा हुआ है और इसे सुधारने की अत्यंत आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि सरकार को इस सड़क निर्माण में आगे आकर ग्रामीण जनता का सच्चा मसीहा बनना चाहिए और जनकल्याण के लिए ठोस कदम उठाने चाहिए। इस संबंध में उन्होंने लिखित सूचना जिला उपायुक्त को भी दी, लेकिन अभी तक कोई ठोस कार्यवाही नहीं हुई है। उनके अनुसार, यदि सड़क और बुनियादी सुविधाएं सुधारी जाएं, तो ग्रामीणों का जीवन स्तर बेहतर हो सकता है और क्षेत्र का विकास सुचारू रूप से संभव होगा।
























