- श्रद्धा और उल्लास के साथ आदिवासी समाज का पर्व
जेबी लाइव, रिपोर्टर
गुवा : गुवा थाना अंतर्गत गंगादा पंचायत क्षेत्र के सारंडा जंगल में स्थित कारों नदी के तट पर बोंगा मांडा निशांत पर हो आदिवासी समाज द्वारा मकर संक्रांति का पर्व दो दिवसीय श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाया जाएगा। इस अवसर पर बड़ी संख्या में आदिवासी समाज के लोग एकत्र होकर पारंपरिक रीति-रिवाजों के अनुसार पूजा-अर्चना करेंगे। स्थानीय मान्यताओं के अनुसार बोंगा मांडा निशांत का विशेष धार्मिक और ऐतिहासिक महत्व है। यहां चट्टानों पर प्रभु श्रीराम, माता सीता, भाई लक्ष्मण और वीर हनुमान के पदचिह्न खुदे हुए बताए जाते हैं। इसके साथ ही चट्टान में रथ के चक्के का निशान भी विद्यमान है, जिसे श्रद्धालु पवित्र प्रतीक मानते हैं।
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बोंगा मांडा निशांत का धार्मिक महत्व, आस्था और परंपरा का केंद्र बना स्थल
किंवदंती है कि 14 वर्षों के वनवास के दौरान भगवान श्रीराम, लक्ष्मण और माता सीता इस स्थल पर रुके थे और कुछ समय तक विश्राम किया था। तभी से यह स्थान हो आदिवासी समाज की आस्था का केंद्र बना हुआ है। हर वर्ष मकर संक्रांति के अवसर पर यहां समाज के लोग सामूहिक रूप से पूजा-अर्चना कर सुख-समृद्धि और शांति की कामना करते हैं। पर्व के दौरान पारंपरिक गीत-संगीत और सामाजिक मेल-जोल का भी आयोजन होता है, जिससे पूरे क्षेत्र में उत्सव का माहौल बन जाता है। यह आयोजन न केवल धार्मिक आस्था को मजबूत करता है बल्कि सामाजिक एकता और सांस्कृतिक विरासत को भी जीवित रखता है।
























