- सारंड़ा विकास समिति द्वारा खदान बंद किए जाने के फैसले पर स्थानीय ग्रामीण विभाजित
जेबी लाइव, रिपोर्टर
गुवा : समाजसेवी किरीबुरू वीर सिंह मुण्डा ने कहा है कि सारंड़ा विकास समिति जामकुंडिया-दुईया द्वारा रांजाबुरू खदान को 23 फरवरी 2026 की सुबह से पूर्ण रूप से बंद कर दिया गया। इस बंदी को लेकर दुईया गांव में दो दिन पूर्व बैठक आयोजित की गई थी, जिसमें चार गांवों के ग्रामीण मुंडा शामिल हुए थे। वीर सिंह मुण्डा ने आरोप लगाया कि सारंड़ा पीढ़ के मानकी सुरेश चाम्पिया को इस महत्वपूर्ण बैठक में शामिल नहीं किया गया, जबकि गुवा सेल माइन्स और रांजाबुरू माइन्स घाटकुडी कम्पार्ट का सीमा क्षेत्र उनके अधिकार क्षेत्र में आता है। ऐसे में उन्हें बैठक से अलग रखना उचित नहीं है।
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ग्रामीण आंदोलन में समर्थन की असमानता
उन्होंने यह भी कहा कि 18 गांवों को आंदोलन में शामिल बताना भ्रामक है। यदि मानकी-मुंडाओं के साथ बैठक कर आपसी सहमति से निर्णय लिया जाता और उनके नेतृत्व में जन आंदोलन किया जाता तो उन्हें पूर्ण समर्थन रहता। लेकिन ऐसा नहीं होने के कारण 10 गांवों के मानकी-मुंडा एवं ग्रामीण इस आंदोलन के समर्थन में नहीं हैं। इस स्थिति ने खदान बंदी को लेकर ग्रामीणों में मतभेद और असंतोष को जन्म दिया है।






















