- आदिवासी रैयतों की जमीन बचाने के लिए जेएलकेएम नेता देवेंद्र नाथ महतो के नेतृत्व में गुमला में हुआ जन आंदोलन, डीसी प्रेरणा दीक्षित से हुई सकारात्मक वार्ता
- आंदोलनकारियों का ऐलान, “ग्राम सभा की अनुमति के बिना कोई काम नहीं होगा”
जेबी लाइव, रिपोर्टर
झारखंड में भूमि विवाद और अधिग्रहण को लेकर चल रहा तनाव एक बार फिर उभरकर सामने आया है। 7 अक्टूबर 2025 को गुमला में जेएलकेएम (झारखंड लोक क्रांति मोर्चा) के केंद्रीय वरीय उपाध्यक्ष और आंदोलनकारी नेता देवेंद्र नाथ महतो के नेतृत्व में आदिवासी रैयतों ने “जमीन बचाओ आंदोलन” के तहत जिला प्रशासन से वार्ता की। यह आंदोलन उस समय शुरू हुआ जब भारत माला परियोजना के तहत एनएच 43 के चौड़ीकरण को लेकर ग्रामीणों ने प्रशासन पर मनमानी का आरोप लगाया। देवेंद्र नाथ महतो ने कहा कि गुमला-घाघरा तक प्रस्तावित सड़क चौड़ीकरण बिना ग्राम सभा की सहमति और भूमि अधिग्रहण अधिनियम 2015 के नियमों का उल्लंघन कर किया जा रहा है, जिससे आदिवासियों की उपजाऊ जमीन खतरे में पड़ रही है।
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गुमला में भारत माला परियोजना के डायवर्जन पर ग्रामीणों का विरोध तेज
वार्ता के दौरान गुमला डीसी प्रेरणा दीक्षित और आंदोलनकारियों के बीच सकारात्मक चर्चा हुई। देवेंद्र नाथ महतो के नेतृत्व में रैयत प्रतिनिधिमंडल ने स्पष्ट किया कि गजट संख्या 3831, दिनांक 25 अगस्त 2022 के अनुसार, भारत माला परियोजना की सड़क खोरा गांव से गुमला बाईपास होकर घाघरा की ओर जानी थी, लेकिन वर्तमान में जिला प्रशासन और संबंधित अधिकारी अपने स्वार्थवश मार्ग को डायवर्ट कर रहे हैं। इस डायवर्जन के कारण 19 मौजा की हजारों एकड़ बहु-फसलीय उपजाऊ भूमि प्रभावित हो रही है। इस मुद्दे पर डीसी प्रेरणा दीक्षित ने कहा कि एनएच 43 के मूल रूट पर ही सड़क चौड़ीकरण की सिफारिश उच्च अधिकारियों को भेजी जाएगी।
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डीसी प्रेरणा दीक्षित ने दिया आंदोलनकारियों को सकारात्मक आश्वासन
आंदोलन के दौरान देवेंद्र नाथ महतो ने कहा, “यह जमीन बचाने की आर-पार की लड़ाई है। जान देंगे लेकिन आदिवासियों की एक इंच जमीन गलत तरीके से लूटने नहीं देंगे।” उन्होंने स्पष्ट किया कि गुमला जिला अनुसूचित क्षेत्र है, जहाँ किसी भी विकास कार्य से पहले पारंपरिक ग्राम सभा की अनुमति आवश्यक है। उन्होंने कहा कि विकास का विरोध नहीं है, परंतु आदिवासियों के अधिकारों की अनदेखी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। इस मौके पर जेएलकेएम के कई वरिष्ठ पदाधिकारी—पंचम एक्का, शनि संदीप तिग्गा, सलीन्द्र उरांव, विनय कुमार, राजेश कुमार साहू और हजारों ग्रामीण उपस्थित रहे।
























