- आदिवासी संस्कृति और परंपरा की झलक के साथ उत्सव हर्षोल्लास से संपन्न
- आदिवासी संस्कृति को सशक्त बनाने में सरहुल मिलन समारोह की भूमिका
जेबी लाइव, रिपोर्टर
मुरी : रेलवे आदिवासी परिवार, मुरी शाखा द पू रेलवे के तत्वावधान में सरहुल बागान मुरी रेलवे हॉस्पिटल के सामने सरहुल मिलन समारोह सह सांस्कृतिक कार्यक्रम का भव्य आयोजन हर्षोल्लास और पारंपरिक गरिमा के साथ संपन्न हुआ। कार्यक्रम की शुरुआत सरहुल पर्व की विधिवत पूजा-पाठ से हुई, जिसमें आदिवासी समाज की समृद्ध परंपरा, संस्कृति और प्रकृति-पूजा की झलक दिखाई दी। कार्यक्रम में डॉ. झरिया कच्छप के मार्गदर्शन में कुसुम मुंडा, डी.के. बड़ाइक, विशुन हेमरोम, निरंजन बाघवार, एलिजाबेथ जोसेफ, अरुण कुमार भगत, रतन साउंड, बलबीर सिंह, शिबू पहान, अशिम तिर्की, एस.ए. एक्का, एम.पी. तिर्की, आनंद तिर्की, अमित कुजूर सहित अन्य कार्यकर्ताओं ने योगदान दिया।
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सरहुल पर्व के सांस्कृतिक महत्व पर जोर
इसके अलावा एस.सी./एस.टी. एसोसिएशन के मंडल सचिव विनोद उरांव एवं सदस्यों हेमलाल लकड़ा, रवि तिर्की, रमेश महली, सकलू उरांव, प्रदीप तिर्की, लालदेव उरांव, आर.के. उरांव, डी.एस. मुंडा सहित अन्य ने महत्वपूर्ण योगदान दिया। कार्यक्रम में उर्सुलाइन स्कूल की प्रिंसिपल सरिता सिस्टर्स बोदरा, छात्र-छात्राओं का दल, केंद्रीय सरना समिति (सिल्ली) अध्यक्ष गंदुरा उरांव, स्थानीय जनप्रतिनिधि और समाचार मीडिया के प्रतिनिधियों ने सक्रिय भागीदारी निभाई। मुख्य अतिथि ADEN मुरी, रांची मंडल, एम. मिंज RPF प्रभारी, मुरी स्टेशन प्रबंधक, स्टेशन मास्टर और यार्ड मास्टर की गरिमामयी उपस्थिति ने आयोजन की शोभा बढ़ाई।
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स्थानीय प्रशासन और रेलवे अधिकारियों ने सरहुल मिलन समारोह को बनाया सफल
कार्यक्रम का संचालन निरंजन बाघवार ने किया। रेलवे के विभिन्न विभागों—टीटीई, एसएसई, जेई, लोको पायलट, ट्रेन मैनेजर, टीआरडी, इंजीनियरिंग, मेडिकल और कॉमर्शियल विभाग—के सैकड़ों कर्मचारियों, स्थानीय दुकानदारों और आम जनमानस की भारी उपस्थिति ने इसे ऐतिहासिक और यादगार बना दिया। अंत में आयोजकों ने सभी अतिथियों, सहयोगियों और उपस्थित जनसमूह का आभार व्यक्त किया और भविष्य में भी समाज की परंपरा, संस्कृति और एकता को सशक्त बनाने के लिए ऐसे आयोजनों को निरंतर जारी रखने का संकल्प लिया।