Share

Jamshedpur : एमजीएम अस्पताल को ठीक से चलाने के लिए अनुश्रवण समिति गठित हो – सरयू राय

  • स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी को पत्र लिखकर जताई चिंता, मरीजों के लिए पेयजल और जनसुविधाओं की व्यवस्था करने की मांग
  • अधूरे अस्पताल भवन का उद्घाटन बताया जल्दबाजी का फैसला, मरीज और परिजन झेल रहे हैं संकट
  • पेयजल संकट ने बढ़ाई परेशानी, घटिया नल और खराब आरओ बने समस्या
  • भूगर्भ जलस्तर खतरे में, वैकल्पिक जलापूर्ति का वादा अब तक अधूरा
  • मरीजों की मूलभूत सुविधाओं की अनदेखी, अब कार्रवाई ही समाधान – सरयू राय

जेबी लाइव, रिपोर्टर

जमशेदपुर पश्चिमी के विधायक सरयू राय ने एमजीएम मेडिकल कॉलेज और अस्पताल में फैली अव्यवस्था और मूल सुविधाओं के अभाव पर गंभीर चिंता व्यक्त की है। उन्होंने झारखंड के स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी को विस्तृत पत्र लिखकर कहा है कि अस्पताल की कार्यप्रणाली को सुचारू रूप से चलाने और मरीजों को आवश्यक सुविधाएं सुनिश्चित करने के लिए एक सक्षम अनुश्रवण समिति (Monitoring Committee) का गठन तत्काल किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि इस समिति में स्थानीय सांसद और विधायक को शामिल किया जाना ज़रूरी है ताकि जनप्रतिनिधि सीधे निगरानी कर सकें और योजनाओं को धरातल पर उतारा जा सके।

इसे भी पढ़ें : New Delhi : पीएम मोदी का ‘मिशन बिहार’ हुआ तेज, 15 अक्टूबर को बूथ कार्यकर्ताओं से करेंगे सीधी बात

गंदगी और अव्यवस्था से जूझता एमजीएम अस्पताल – मरीज बेहाल

पत्र में सरयू राय ने लिखा कि 2024 के विधानसभा चुनाव से ठीक पहले राजनीतिक लाभ लेने की नीयत से अधूरे अस्पताल भवन का उद्घाटन जल्दबाजी में करा दिया गया। उन्होंने कहा कि यह उद्घाटन मुख्यमंत्री को अंधेरे में रखकर स्वास्थ्य विभाग द्वारा कराया गया था। नतीजतन न सिर्फ पुराने अस्पताल की शिफ्टिंग बाधित हुई, बल्कि अस्पताल प्रबंधन और मरीज आज तक अव्यवस्था का सामना कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि उद्घाटन के समय ही उन्होंने यह सवाल उठाया था कि जब अस्पताल में पानी की व्यवस्था पूरी नहीं है, तब संचालन कैसे संभव है? उन्होंने आरोप लगाया कि उद्घाटन के दौरान वास्तविक स्थिति को छुपाया गया। उद्घाटन के बाद ऐसे हालात बने कि अनुचित तरीके से अस्पताल परिसर में पांच गहरे बोरिंग (Deep Boring) कराए गए, जो नियमानुसार भी नहीं हैं।

इसे भी पढ़ें : Patna : जन सुराज ने जारी की दूसरी सूची, 65 नए उम्मीदवार मैदान में; PK अभी भी मौन, जातीय समीकरण साधने की बड़ी रणनीति

बिना पानी के अस्पताल! उद्घाटन के बाद भी अस्त-व्यस्त सुविधाएं

सरयू राय ने अपने पत्र में उल्लेख किया कि पिछले पंद्रह दिनों से मरीजों और उनके परिजनों को पेयजल संकट का सामना करना पड़ रहा है। हर दिन उन्हें फोन पर शिकायतें मिल रही हैं कि पीने का साफ पानी उपलब्ध नहीं हो रहा। इस पर कार्रवाई करवाने के बावजूद स्थिति जस की तस बनी हुई है। विधायक ने जांच में पाया कि अस्पताल भवन बनाने वाली एलएंडटी कंपनी ने बेहद घटिया गुणवत्ता के आरओ और पानी के नल लगाए हैं, जो नियमित उपयोग के अनुरूप नहीं हैं। नलों की हालत खराब होने से एक-एक कर टूट रहे हैं और आरओ पानी की शुद्धता सुनिश्चित नहीं कर पा रहे। बोरिंग से आने वाले पानी में घुलनशील हानिकारक तत्वों की मात्रा बहुत अधिक पाई गई है, जिससे पानी पीना स्वास्थ्य के लिए असुरक्षित हो गया है।

इसे भी पढ़ें : Patna : पवन सिंह से तलाक विवाद के बीच ज्योति सिंह ने भरी राजनीतिक हुंकार, काराकाट से लड़ेंगी विधानसभा चुनाव

एलएंडटी कंपनी पर लापरवाही का आरोप – मरीजों की जिंदगी से खिलवाड़?

विधायक राय ने अस्पताल में लगाए गए पांच डीप बोरिंग को लेकर पहले ही आपत्ति जताई थी। उनका कहना था कि इतने बड़े अस्पताल में भूगर्भ जल पर निर्भरता भूजल स्तर को नीचे गिरा देगी। उस समय अस्पताल प्रबंधन ने आश्वासन दिया था कि एक वर्ष के भीतर सतही जलापूर्ति योजना से पानी की व्यवस्था की जाएगी। लेकिन अब एक साल होने को है और वैकल्पिक जलव्यवस्था पर कोई प्रगति नहीं हुई है। उन्होंने कहा कि अगर समय रहते इस दिशा में काम नहीं हुआ, तो आगामी महीनों में अस्पताल में गंभीर जल संकट उत्पन्न हो सकता है, जिसका असर मरीजों के इलाज पर पड़ेगा।

इसे भी पढ़ें : New Delhi : बिहार चुनाव 2025: राजग ने सौहार्दपूर्ण तरीके से सीटों का फॉर्मूला किया तय, वहीं विपक्षी INDIA गठबंधन राजद-कांग्रेस के बीच सीटों के बंटवारा उलझा

सतही जल योजना धरी रह गई – सिर्फ आश्वासन से नहीं चलेगा अस्पताल

पत्र के अंत में सरयू राय ने कहा कि एमजीएम अस्पताल प्रदेश का महत्वपूर्ण सरकारी अस्पताल है, लेकिन यहां दवाओं की उपलब्धता, मशीनों की मरम्मत, पैरामेडिकल स्टाफ की कमी और जांच सुविधाओं की खराब स्थिति गंभीर चिंता का विषय है। उन्होंने आग्रह किया कि स्वास्थ्य मंत्री तत्काल अनुश्रवण समिति गठित करें, जो अस्पताल संचालन की निगरानी करे और नियमित रिपोर्ट दे। उन्होंने कहा कि यदि तुरंत कदम नहीं उठाए गए तो यह अस्पताल किसी भी आपात स्थिति से निपटने में सक्षम नहीं होगा।

Chandil : खनन संशोधन अधिनियम को लेकर राष्ट्रपति को ज्ञापन, झारखंड के अधिकारों की रक्षा की मांग

जल-जंगल-जमीन और खनिज अधिकारों के संरक्षण के साथ राज्यों की वित्तीय स्वायत्तता का मुद्दा उठाया धारा 9D को लेकर जताई

  • जल-जंगल-जमीन और खनिज अधिकारों के संरक्षण के साथ राज्यों की वित्तीय स्वायत्तता का मुद्दा उठाया
  • धारा 9D को लेकर जताई चिंता, राष्ट्रपति से हस्तक्षेप की मांग

जेबी लाइव, रिपोर्टर

चांडिल : खान एवं खनिज (विकास एवं विनियमन) संशोधन अधिनियम, 2026 को लेकर झारखंड में चिंता जताते हुए राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु के नाम प्रखंड विकास पदाधिकारी/अंचलाधिकारी के माध्यम से ज्ञापन सौंपा गया। ज्ञापन में राज्यों के संवैधानिक अधिकारों, झारखंड की वित्तीय स्वायत्तता तथा आदिवासी-मूलवासी समाज के जल, जंगल, जमीन और खनिज अधिकारों की रक्षा की मांग की गई है। ज्ञापन में कहा गया कि झारखंड और राष्ट्रपति के बीच संबंध केवल संवैधानिक नहीं, बल्कि भावनात्मक भी हैं। वर्ष 2015 से 2021 तक झारखंड की राज्यपाल के रूप में द्रौपदी मुर्मु ने राज्य के गांवों, आदिवासी-मूलवासी समाज और आम लोगों के जीवन को करीब से देखा है। ऐसे में राज्य के संसाधनों और भविष्य से जुड़े विषय पर संवेदनशीलता की अपेक्षा जताई गई है।

इसे भी पढ़ें : Chaibasa : जामदा में समारोहपूर्वक मनाई गई लाको बोदरा की 107वीं जयंती

खनन संशोधन अधिनियम के विरोध में झारखंड के अधिकारों की उठी आवाज

ज्ञापन में कहा गया कि झारखंड की पहचान उसकी मिट्टी, जंगल, पहाड़, नदियों और खनिज संपदा से जुड़ी है। आदिवासी एवं मूलवासी समाज के लिए ये संसाधन केवल प्राकृतिक संपदा नहीं, बल्कि जीवन, संस्कृति, पहचान और अस्तित्व का हिस्सा हैं। ज्ञापन में भगवान बिरसा मुंडा, सिद्धो-कान्हू, चांद-भैरव, फूलो-झानो और तिलका मांझी के संघर्षों का उल्लेख करते हुए जल-जंगल-जमीन और अधिकारों की रक्षा को ऐतिहासिक संघर्ष बताया गया। साथ ही कहा गया कि खान एवं खनिज संशोधन अधिनियम, 2026 का विषय केवल खनिज उपकर या राजस्व तक सीमित नहीं है, बल्कि राज्यों के संवैधानिक अधिकारों, संघीय व्यवस्था और विकास क्षमता से भी जुड़ा है।

इसे भी पढ़ें : Chandil : चाचा की हत्या के आरोप में भतीजा गिरफ्तार, घर से खून से सना कटनी बरामद

जल-जंगल-जमीन को आदिवासी समाज के जीवन और पहचान का आधार बताया

ज्ञापन में MMDR Act में जोड़ी गई धारा 9D का उल्लेख करते हुए कहा गया कि इसके तहत राज्य सरकारों की खनिज अधिकारों अथवा खनिज-युक्त भूमि पर कर, उपकर या अन्य लेवी लगाने की शक्ति प्रभावित हो सकती है। ज्ञापन सौंपने वालों ने राष्ट्रपति से पूरे मामले पर संवैधानिक अधिकारों और झारखंड के हितों को ध्यान में रखते हुए हस्तक्षेप करने की मांग की। साथ ही राज्य के जल, जंगल, जमीन और खनिज संसाधनों पर अधिकारों की रक्षा सुनिश्चित करने का आग्रह किया गया। ज्ञापन में झारखंड की वित्तीय स्वायत्तता और संघीय व्यवस्था से जुड़े पहलुओं पर भी विशेष ध्यान देने की मांग रखी गई।

Chaibasa : जामदा में समारोहपूर्वक मनाई गई लाको बोदरा की 107वीं जयंती

हो भाषा और साहित्य के विकास में लाको बोदरा के योगदान को किया गया याद जेबी लाइव, रिपोर्टर चाईबासा :

  • हो भाषा और साहित्य के विकास में लाको बोदरा के योगदान को किया गया याद

जेबी लाइव, रिपोर्टर

चाईबासा : आदिवासी हो समाज के महान दार्शनिक, साहित्यकार, नाटककार तथा वारंग क्षिति लिपि के खोजकर्ता ओतगुरू लाको बोदरा की 107वीं जयंती ओडिशा के जामदा में समारोहपूर्वक मनाई गई। आदिवासी हो समाज महासभा, ओडिशा की ओर से आयोजित समारोह में झारखंड और ओडिशा के 40 से अधिक सीमावर्ती गांवों से बड़ी संख्या में लोग पहुंचे। लाको बोदरा के हजारों अनुयायियों, श्रद्धालुओं, हो भाषा के लेखकों, कवियों, साहित्यकारों और आम लोगों ने उन्हें श्रद्धासुमन अर्पित कर नमन किया। समारोह से पहले शहर में ढोल-नगाड़ों की थाप और धार्मिक पताकाओं के साथ भव्य जुलूस निकाला गया। कार्यक्रम में मयूरभंज सांसद नभाचरण माझी, जसीपुर विधायक सह वन एवं पर्यावरण मंत्री गणेश राम सिंह कुंटिया, करंजिया विधायक पदमाचरण हाईबुरू और रायरंगपुर विधायक जोलेन बारदा सहित कई अतिथि मौजूद रहे।

इसे भी पढ़ें : Chandil : चाचा की हत्या के आरोप में भतीजा गिरफ्तार, घर से खून से सना कटनी बरामद

लाको बोदरा की जयंती पर उमड़ा जनसैलाब, निकाली गई भव्य शोभायात्रा

समारोह को संबोधित करते हुए वन एवं पर्यावरण मंत्री गणेश राम सिंह कुंटिया ने कहा कि लाको बोदरा ने हो समाज के लिए वारंग क्षिति लिपि की खोज कर महत्वपूर्ण योगदान दिया, जिसे संरक्षित और आगे विकसित करने की आवश्यकता है। रायरंगपुर विधायक जोलेन बारदा ने कहा कि लिपि के विकास के लिए उनकी ओर से हरसंभव सहयोग किया जाएगा। करंजिया विधायक पदमाचरण हाईबुरू ने लाको बोदरा के आध्यात्मिक योगदान को अतुलनीय बताया। हो साहित्यकार डोबरो बुड़ीउली ने उनके जीवन और साहित्यिक योगदान पर विस्तार से प्रकाश डाला। समारोह में हो भाषा और साहित्य के संरक्षण तथा विकास को लेकर भी चर्चा हुई। मौके पर एंकर चंद्रिका कोडांकेल, मलोती आल्डा, पूनम पुरती, सतीश सामड, बिरसा कोडांकेल, मनोरंजन तिरिया, सेलाय पुरती समेत बड़ी संख्या में लोग उपस्थित रहे।

Chandil : चाचा की हत्या के आरोप में भतीजा गिरफ्तार, घर से खून से सना कटनी बरामद

तुलग्राम में 16 सितंबर को हुई थी आनंद सिंह सरदार की हत्या, पूछताछ के बाद भेजा गया न्यायिक हिरासत में

  • तुलग्राम में 16 सितंबर को हुई थी आनंद सिंह सरदार की हत्या, पूछताछ के बाद भेजा गया न्यायिक हिरासत में
  • आरोपित की निशानदेही पर बरामद हुआ हत्या में इस्तेमाल हथियार

जेबी लाइव, रिपोर्टर

चांडिल : चौका थाना क्षेत्र के तुलग्राम में चाचा आनंद सिंह सरदार की हत्या के मामले में पुलिस ने उनके भतीजे मधु सिंह सरदार (34) को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपित की निशानदेही पर उसके घर से हत्या में प्रयुक्त खून से सना हथियार (कटनी) भी बरामद किया है। घटना 16 सितंबर 2026 की बताई गई है। मामले की जानकारी एसडीपीओ शिव प्रकाश कुमार ने प्रेसवार्ता के दौरान दी। इस दौरान चौका थाना प्रभारी गौरव कुमार भी मौजूद थे। पुलिस के अनुसार हथियार से हत्या किए जाने के मामले में मृतक के छोटे भाई दुर्गा चरण सरदार की लिखित शिकायत पर चौका थाना में कांड संख्या 44/2026 दर्ज किया गया था।

इसे भी पढ़ें : Chaibasa : चाईबासा में मोटर दुर्घटना दावा अधिकरण पर एक दिवसीय जिलास्तरीय कार्यशाला संपन्न

तुलग्राम हत्याकांड में पुलिस ने भतीजे को किया गिरफ्तार

पुलिस ने बताया कि मामले की जांच के दौरान मधु सिंह सरदार की कथित संलिप्तता के संबंध में जानकारी मिली। इसके बाद पुलिस टीम ने 18 सितंबर की रात उसे गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ के दौरान मिली जानकारी और आरोपित की निशानदेही पर उसके घर से हत्या में इस्तेमाल किया गया खून लगा कटनी बरामद किया गया। पुलिस ने आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद गिरफ्तार आरोपित को शनिवार, 19 सितंबर को न्यायिक हिरासत में भेज दिया। कार्रवाई चौका थाना प्रभारी गौरव कुमार के नेतृत्व में पुलिस पदाधिकारियों और सशस्त्र बल के जवानों ने की। पुलिस मामले में आगे की जांच और अन्य पहलुओं की पड़ताल कर रही है।

Chaibasa : चाईबासा में मोटर दुर्घटना दावा अधिकरण पर एक दिवसीय जिलास्तरीय कार्यशाला संपन्न

सड़क दुर्घटना पीड़ितों को समय पर मुआवजा दिलाने और MACT प्रक्रिया सरल बनाने पर जोर दुर्घटना पीड़ितों को मुआवजा दिलाने

  • सड़क दुर्घटना पीड़ितों को समय पर मुआवजा दिलाने और MACT प्रक्रिया सरल बनाने पर जोर
  • दुर्घटना पीड़ितों को मुआवजा दिलाने में चिकित्सा दस्तावेजों की भूमिका अहम

जेबी लाइव, रिपोर्टर

चाईबासा : जिला विधिक सेवा प्राधिकार, पश्चिमी सिंहभूम चाईबासा के तत्वावधान में रविवार को व्यवहार न्यायालय परिसर स्थित न्यायालय सभागार में मोटर एक्सीडेंट क्लेम ट्रिब्यूनल (MACT) पर एक दिवसीय जिलास्तरीय कार्यशाला आयोजित की गई। राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकार (नालसा), नई दिल्ली एवं झारखंड राज्य विधिक सेवा प्राधिकार, रांची के निर्देशानुसार आयोजित कार्यशाला का उद्घाटन प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश सह अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकार, पश्चिमी सिंहभूम मोहम्मद शाकिर ने दीप प्रज्वलित कर किया।

इसे भी पढ़ें : Jamshedpur : जेएनएसी टीम पर हमला और सरकारी काम में बाधा मामले में गुरदीप पप्पू समेत 14 बरी

MACT मामलों में पीड़ितों को त्वरित न्याय दिलाने पर जोर

कार्यशाला को संबोधित करते हुए प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश मोहम्मद शाकिर ने कहा कि सड़क दुर्घटना के पीड़ितों को समय पर और उचित मुआवजा दिलाना सभी संबंधित पक्षों की सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि कार्यशाला में विशेषज्ञों द्वारा दी जा रही महत्वपूर्ण जानकारी का उपयोग कर MACT मामलों की प्रक्रिया को अधिक सरल और प्रभावी बनाया जा सकता है। उन्होंने बताया कि MACT मामलों में न्यायालय शुल्क मात्र 10 रुपये देय है। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया कि ऐसे मामलों में निर्धारित समयसीमा के भीतर आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए, ताकि पीड़ित परिवारों को जल्द न्याय और मुआवजा मिल सके।

इसे भी पढ़ें : Gua : एमएमडीआर संशोधन विधेयक के विरोध में झामुमो की मोटरसाइकिल रैली

MACT मामलों में महज 10 रुपये न्यायालय शुल्क की जानकारी दी गई

कार्यशाला के प्रथम तकनीकी सत्र में अधिवक्ता अमर बक्शी ने मोटर दुर्घटना कानून की धारा 166 के तहत विभिन्न प्रावधानों पर विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने कहा कि पुलिस द्वारा दुर्घटना से संबंधित सभी आवश्यक दस्तावेज समय पर न्यायालय में प्रस्तुत किया जाना जरूरी है। द्वितीय तकनीकी सत्र में अधिवक्ता प्रमोद प्रसाद ने पुलिस एवं विभिन्न विभागों के अधिकारियों को MACT के तहत अपनाई जाने वाली प्रक्रियाओं की जानकारी दी। उन्होंने विशेष रूप से AIR (एक्सीडेंटल इंफॉरमेशन रिपोर्ट) और DIR (डेथ इंफॉरमेशन रिपोर्ट) तैयार करने एवं प्रस्तुत करने की प्रक्रिया समझाई। अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी बहमण टूटी ने भी FIR दर्ज करने की प्रक्रिया तथा दुर्घटना से जुड़े क्लेम मामलों में बरती जाने वाली सावधानियों के बारे में पुलिस अधिकारियों को जानकारी दी।

इसे भी पढ़ें : Manoharpur : तेज आंधी-पानी से सागवान बागान को भारी नुकसान, 100 से अधिक पेड़ गिरे

AIR और DIR की प्रक्रिया पर अधिकारियों को दिया गया प्रशिक्षण

सदर अस्पताल के उपाधीक्षक डॉ. शिवचरण हांसदा ने दुर्घटना पीड़ितों के उपचार और मुआवजा प्रक्रिया में चिकित्सकों एवं चिकित्सा प्रबंधन की भूमिका पर जानकारी दी। उन्होंने दुर्घटना में मृत्यु होने की स्थिति में पोस्टमार्टम रिपोर्ट समेत अन्य आवश्यक दस्तावेज समय पर ट्रिब्यूनल के समक्ष प्रस्तुत करने पर जोर दिया, ताकि पीड़ित परिवार को मुआवजा प्राप्त करने में परेशानी न हो। कार्यशाला का संचालन DLSA के सचिव रवि चौधरी ने किया। इस अवसर पर न्यायिक पदाधिकारी, अधिवक्ता, पुलिस पदाधिकारी एवं विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे। कार्यशाला के माध्यम से दुर्घटना मामलों में समन्वय, दस्तावेजी प्रक्रिया और पीड़ितों को समय पर न्याय दिलाने की प्रक्रिया को बेहतर बनाने पर जोर दिया गया।

Jamshedpur : जेएनएसी टीम पर हमला और सरकारी काम में बाधा मामले में गुरदीप पप्पू समेत 14 बरी

अदालत ने साक्ष्य के अभाव में सुनाया फैसला, 2017 में साकची थाना में दर्ज हुआ था मामला अतिक्रमण हटाओ अभियान

  • अदालत ने साक्ष्य के अभाव में सुनाया फैसला, 2017 में साकची थाना में दर्ज हुआ था मामला
  • अतिक्रमण हटाओ अभियान के दौरान हुई घटना का मामला था दर्ज

जेबी लाइव, रिपोर्टर

जमशेदपुर : जमशेदपुर में जेएनएसी की टीम पर कथित हमला और सरकारी कार्य में बाधा पहुंचाने के मामले में जनता दल यू के पूर्व नगर अध्यक्ष एवं ट्रांसपोर्टर गुरदीप सिंह पप्पू समेत 14 आरोपियों को अदालत ने साक्ष्य के अभाव में बरी कर दिया। जीआर संख्या 2340/2017 की सुनवाई न्यायिक दंडाधिकारी जितेंद्र राम की अदालत में हुई। अदालत में अभियोजन पक्ष आरोपों को साबित करने के लिए पर्याप्त साक्ष्य प्रस्तुत नहीं कर सका। आरोपियों की ओर से वरीय अधिवक्ता मलकीत सिंह सैनी, मनप्रीत सिंह सैनी समेत अन्य अधिवक्ताओं ने पक्ष रखा। मामले में भाजपा एवं सामाजिक क्षेत्र से जुड़े लोगों के नाम भी आरोपी के रूप में शामिल थे।

इसे भी पढ़ें : Gua : एमएमडीआर संशोधन विधेयक के विरोध में झामुमो की मोटरसाइकिल रैली

साक्ष्य के अभाव में 14 आरोपियों को अदालत से मिली राहत

मामले की प्राथमिकी जेएनएसी के नगर प्रबंधक रंजन कुमार पांडे की शिकायत पर साकची थाना में 22 अगस्त 2017 को दर्ज की गई थी। शिकायत के अनुसार जिला प्रशासन के निर्देश पर अतिक्रमण हटाओ अभियान चलाया जा रहा था। पलंग मार्केट के पास कार्रवाई के दौरान भाजपा नेता रॉकी सिंह, सतिंदर सिंह रोमी, गुरदीप सिंह पप्पू, गुरप्रीत सिंह, हरजिंदर सिंह रिंकू, ध्रुव मिश्रा, शिवम राव, अजीत सिंह गंभीर, हेमंत साहू, सतीश शर्मा, दशरथ शुक्ला और जुगसलाई के सुखविंदर सिंह साबी समेत अन्य पर मारपीट करने और सरकारी कार्य में बाधा पहुंचाने का आरोप लगाया गया था। शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया था कि जान बचाने के लिए काशीडीह चौक की ओर भागने पर भी उनका पीछा किया गया।

Gua : एमएमडीआर संशोधन विधेयक के विरोध में झामुमो की मोटरसाइकिल रैली

गुवा से नोवामुंडी के लिए रवाना हुए कार्यकर्ता, धरना-प्रदर्शन में शामिल होने का आह्वान नोवामुंडी धरना में शामिल होने के

  • गुवा से नोवामुंडी के लिए रवाना हुए कार्यकर्ता, धरना-प्रदर्शन में शामिल होने का आह्वान
  • नोवामुंडी धरना में शामिल होने के लिए कार्यकर्ता हुए रवाना

जेबी लाइव, रिपोर्टर

गुवा : गुवा क्षेत्र में शनिवार को झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) कार्यकर्ताओं ने केंद्र सरकार द्वारा लाए गए खान एवं खनिज (विकास एवं विनियमन) यानी एमएमडीआर संशोधन विधेयक-2026 के विरोध में मोटरसाइकिल रैली निकाली। यह रैली प्रखंड मुख्यालयों में आयोजित एक दिवसीय धरना-प्रदर्शन के समर्थन में निकाली गई। रैली के दौरान कार्यकर्ताओं ने विधेयक के विरोध में अपनी एकजुटता प्रदर्शित करते हुए नोवामुंडी में आयोजित विरोध कार्यक्रम में शामिल होने के लिए प्रस्थान किया। पूरे मार्ग में कार्यकर्ताओं ने संगठन के समर्थन में नारे लगाए और लोगों को आंदोलन की जानकारी दी।

इसे भी पढ़ें : Potka : एमएमडीआर बिल के विरोध में पोटका में झामुमो की हुंकार, संजीव सरदार के नेतृत्व में हजारों लोग उतरे सड़क पर

एमएमडीआर विधेयक के विरोध में झामुमो ने दिखाई एकजुटता

मोटरसाइकिल रैली में बड़ी संख्या में झामुमो कार्यकर्ता और समर्थक शामिल हुए। रैली में प्रमुख रूप से रितेश पाणिग्राही, रोहित पांडे, शादाब खान, शकील अहमद, गुलबाज खान, जयराम गोप, शिवा, विवेक, संपा, गीता, शांति, पार्वती और सपना चाम्पिया समेत अन्य कार्यकर्ता मौजूद थे। कार्यकर्ताओं ने कहा कि वे नोवामुंडी पहुंचकर निर्धारित धरना-प्रदर्शन में भाग लेंगे और लोकतांत्रिक तरीके से अपनी बात रखेंगे। रैली के माध्यम से क्षेत्र में पार्टी की सक्रियता और आंदोलन के प्रति समर्थन भी देखने को मिला।

You cannot copy content of this page

Scroll to Top